दिल्ली बस रेप कांड: आतिशी का भाजपा पर हमला — 'हर इंजन तुम्हारा, फिर भी 16 साल की बच्ची सुरक्षित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 31 अगस्त — आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने नोएडा से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश और दिल्ली दोनों में भाजपा की सरकार है, पुलिस उसी के अधीन है और गृह मंत्रालय भी उसी के नियंत्रण में है, तो महिलाएं फिर भी असुरक्षित क्यों हैं।
आतिशी ने क्या कहा
आतिशी ने कहा, 'यूपी सरकार भाजपा की है। दिल्ली सरकार भाजपा की है। यूपी पुलिस भाजपा की है। दिल्ली पुलिस भाजपा की है। एलजी भाजपा के हैं और गृह मंत्रालय भाजपा के अधीन है। क्या अब कोई ऐसा इंजन बचा है जो भाजपा का न हो? फिर भी, नोएडा से दिल्ली जा रही बस में एक 16 साल की लड़की का रेप होता है और पूरा देश यह सब देख रहा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं भाजपा से पूछना चाहती हूं कि इस देश में लड़कियां कब तक पीड़ित रहेंगी और हिंसा का शिकार होती रहेंगी? भाजपा इस देश में 12 से 13 साल से सत्ता में है, लेकिन यह बिल्कुल साफ हो गया है कि रेप करने वालों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा करने वालों को भाजपा सरकार, उसकी पुलिस या अदालतों का कोई डर नहीं है।'
आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों को पता है कि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी और यदि गिरफ्तारी हो भी जाए तो 'सेटलमेंट' और जमानत मिल जाएगी।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह परिजनों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकली थी और नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जा रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई।
वहाँ से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस को उसने रुकने का इशारा किया। बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 छोड़ने का आश्वासन देकर बस में बैठा लिया। पीड़िता के बयान के अनुसार, बस चलने के कुछ ही देर बाद कंडक्टर ने अश्लील हरकत शुरू की और इसके बाद दोनों आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
आरोपी पीड़िता को देर रात कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास रिंग रोड पर उतारकर फरार हो गए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जवाबदेही का सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में महिला सुरक्षा पहले से ही एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, जबकि घटना का आरंभिक बिंदु उत्तर प्रदेश में था — दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। आतिशी की यह टिप्पणी सत्ता-पक्ष की जवाबदेही पर सीधा हमला है।
आलोचकों का कहना है कि महिला सुरक्षा के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है। भाजपा की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी ड्राइवर व कंडक्टर की तलाश जारी है। पीड़िता को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और रात्रिकालीन बस संचालन की निगरानी पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।