31 अगस्त 2026
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दिल्ली बस रेप कांड: आतिशी का भाजपा पर हमला — 'हर इंजन तुम्हारा, फिर भी 16 साल की बच्ची सुरक्षित नहीं'

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दिल्ली बस रेप कांड: आतिशी का भाजपा पर हमला — 'हर इंजन तुम्हारा, फिर भी 16 साल की बच्ची सुरक्षित नहीं'

सारांश

नोएडा से दिल्ली जा रही एक खाली स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की घटना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। AAP नेता आतिशी ने भाजपा से सीधे पूछा — जब यूपी, दिल्ली, पुलिस और गृह मंत्रालय सब तुम्हारे हैं, तो जवाब कौन देगा?

मुख्य बातें

16 वर्षीय छात्रा के साथ नोएडा से दिल्ली जा रही स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना 31 अगस्त को सामने आई।
पीड़िता मैनपुरी, उत्तर प्रदेश की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा है; वह परी चौक, ग्रेटर नोएडा पर गलती से उतर गई थी।
AAP नेता आतिशी ने भाजपा पर हमला बोला — यूपी व दिल्ली की सरकार, पुलिस और गृह मंत्रालय सब भाजपा के अधीन होने के बावजूद महिलाएं असुरक्षित हैं।
आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर पीड़िता को कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड पर उतारकर फरार हो गए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है; आरोपियों की तलाश जारी है।

नई दिल्ली, 31 अगस्तआम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने नोएडा से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश और दिल्ली दोनों में भाजपा की सरकार है, पुलिस उसी के अधीन है और गृह मंत्रालय भी उसी के नियंत्रण में है, तो महिलाएं फिर भी असुरक्षित क्यों हैं।

आतिशी ने क्या कहा

आतिशी ने कहा, 'यूपी सरकार भाजपा की है। दिल्ली सरकार भाजपा की है। यूपी पुलिस भाजपा की है। दिल्ली पुलिस भाजपा की है। एलजी भाजपा के हैं और गृह मंत्रालय भाजपा के अधीन है। क्या अब कोई ऐसा इंजन बचा है जो भाजपा का न हो? फिर भी, नोएडा से दिल्ली जा रही बस में एक 16 साल की लड़की का रेप होता है और पूरा देश यह सब देख रहा है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं भाजपा से पूछना चाहती हूं कि इस देश में लड़कियां कब तक पीड़ित रहेंगी और हिंसा का शिकार होती रहेंगी? भाजपा इस देश में 12 से 13 साल से सत्ता में है, लेकिन यह बिल्कुल साफ हो गया है कि रेप करने वालों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा करने वालों को भाजपा सरकार, उसकी पुलिस या अदालतों का कोई डर नहीं है।'

आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों को पता है कि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी और यदि गिरफ्तारी हो भी जाए तो 'सेटलमेंट' और जमानत मिल जाएगी।

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह परिजनों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकली थी और नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जा रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई।

वहाँ से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस को उसने रुकने का इशारा किया। बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 छोड़ने का आश्वासन देकर बस में बैठा लिया। पीड़िता के बयान के अनुसार, बस चलने के कुछ ही देर बाद कंडक्टर ने अश्लील हरकत शुरू की और इसके बाद दोनों आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।

आरोपी पीड़िता को देर रात कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास रिंग रोड पर उतारकर फरार हो गए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जवाबदेही का सवाल

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में महिला सुरक्षा पहले से ही एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, जबकि घटना का आरंभिक बिंदु उत्तर प्रदेश में था — दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। आतिशी की यह टिप्पणी सत्ता-पक्ष की जवाबदेही पर सीधा हमला है।

आलोचकों का कहना है कि महिला सुरक्षा के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है। भाजपा की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी ड्राइवर व कंडक्टर की तलाश जारी है। पीड़िता को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और रात्रिकालीन बस संचालन की निगरानी पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल संस्थागत विफलता का है — रात में खाली बस का संचालन, यात्री सत्यापन की अनुपस्थिति और त्वरित न्याय का अभाव। दिल्ली में 2012 के निर्भया कांड के बाद कानून कड़े हुए, फास्ट-ट्रैक अदालतें बनीं, फिर भी सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा आज भी अधूरी है। यह घटना केवल एक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की जवाबदेही का प्रश्न है — जिसमें बस परमिट जारी करने वाले अधिकारी से लेकर रात्रि गश्त तक सब शामिल हैं।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली बस रेप कांड में क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की 16 वर्षीय छात्रा ग्रेटर नोएडा के परी चौक से एक खाली स्लीपर बस में बैठी, जिसके ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकी देकर कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड पर छोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी फरार हैं।
आतिशी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
AAP नेता आतिशी ने कहा कि यूपी और दिल्ली दोनों में भाजपा की सरकार है, पुलिस और गृह मंत्रालय भी उसी के अधीन हैं, फिर भी महिलाएं असुरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को भाजपा सरकार और पुलिस का कोई भय नहीं है।
पीड़िता बस में कैसे चढ़ी?
पुलिस के अनुसार, भारी बारिश और अंधेरे के कारण पीड़िता गलती से परी चौक, ग्रेटर नोएडा पर उतर गई। वहाँ से गुजर रही खाली बस को उसने रोका और ड्राइवर-कंडक्टर ने नोएडा सेक्टर-63 छोड़ने का वादा कर उसे बस में बैठा लिया।
क्या आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
अभी तक आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
इस घटना का राजनीतिक असर क्या है?
इस घटना ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ा दिया है। AAP ने इसे सत्तारूढ़ दल की प्रशासनिक विफलता करार दिया है, जबकि भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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