दिल्ली: चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, 'आप' ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 31 अगस्त को एक चलती बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना नोएडा से दिल्ली आने वाली बस में हुई। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों पर निशाना साधा है।
मुख्य घटनाक्रम
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली को बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिहाज़ से असुरक्षित बताया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में नाबालिगों और छोटे बच्चों से जुड़े यौन उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं। उनके अनुसार, उसी रविवार को एक तीन साल की बच्ची के साथ स्कूल वैन में और एक अन्य तीन साल के बच्चे के साथ प्ले स्कूल में यौन उत्पीड़न की घटनाओं की जानकारी सामने आई।
भारद्वाज ने जनकपुरी के एक निजी स्कूल में तीन साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म के पुराने मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। जाँच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि संबंधित स्कूल में सीसीटीवी कैमरे बंद थे, पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रशिक्षण का अभाव था और बाल कल्याण के लिए समुचित व्यवस्था नहीं थी।
भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि उस स्कूल से जुड़ी फाइल राजस्व विभाग से गायब हो गई और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उसे उपलब्ध नहीं कराया गया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बस में हुई कथित घटना को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक संवेदनशील रूट पर चलती बस में इतनी गंभीर वारदात के दौरान पुलिस की भूमिका क्या थी। आतिशी ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई में तत्परता दिखाती है, लेकिन महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा में विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा, 'अपराधियों के मन से पुलिस का डर खत्म हो गया है।'
AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि निर्भया कांड के बाद भी महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली में हत्या, रंगदारी, ड्रग्स, वसूली और यौन हिंसा की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहा है।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि सार्वजनिक परिवहन में यौन हिंसा के मामले राष्ट्रीय राजधानी में बार-बार चर्चा में आते हैं, और हर बार जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित रह जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बस रूट पर पर्याप्त निगरानी और मार्शल तैनाती जैसे बुनियादी उपाय अभी भी अधूरे हैं।
क्या होगा आगे
मामले में पुलिस की जाँच जारी बताई जा रही है। AAP ने माँग की है कि सरकार इस घटना पर तत्काल जवाब दे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। राजनीतिक दबाव के बीच यह देखना अहम होगा कि दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासन इस मामले में कितनी तेज़ी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ते हैं।