31 अगस्त 2026
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दिल्ली: चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, 'आप' ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा

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दिल्ली: चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, 'आप' ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा

सारांश

नोएडा से दिल्ली आती चलती बस में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। AAP ने केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों को घेरा — निर्भया के बाद भी हालात न बदलने का आरोप लगाते हुए।

मुख्य बातें

नोएडा से दिल्ली आती चलती बस में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना 31 अगस्त को सामने आई।
AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली को बच्चों के यौन अपराधों के लिहाज़ से असुरक्षित बताया; उसी दिन दो अन्य बाल यौन उत्पीड़न घटनाओं का भी उल्लेख किया।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने संवेदनशील रूट पर दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
जनकपुरी के एक निजी स्कूल मामले में राजस्व विभाग से फाइल गायब होने और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी का आरोप लगाया गया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली में हत्या, रंगदारी और यौन हिंसा की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं।

नई दिल्ली में 31 अगस्त को एक चलती बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना नोएडा से दिल्ली आने वाली बस में हुई। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों पर निशाना साधा है।

मुख्य घटनाक्रम

AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली को बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिहाज़ से असुरक्षित बताया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में नाबालिगों और छोटे बच्चों से जुड़े यौन उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं। उनके अनुसार, उसी रविवार को एक तीन साल की बच्ची के साथ स्कूल वैन में और एक अन्य तीन साल के बच्चे के साथ प्ले स्कूल में यौन उत्पीड़न की घटनाओं की जानकारी सामने आई।

भारद्वाज ने जनकपुरी के एक निजी स्कूल में तीन साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म के पुराने मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। जाँच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि संबंधित स्कूल में सीसीटीवी कैमरे बंद थे, पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रशिक्षण का अभाव था और बाल कल्याण के लिए समुचित व्यवस्था नहीं थी।

भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि उस स्कूल से जुड़ी फाइल राजस्व विभाग से गायब हो गई और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उसे उपलब्ध नहीं कराया गया।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बस में हुई कथित घटना को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक संवेदनशील रूट पर चलती बस में इतनी गंभीर वारदात के दौरान पुलिस की भूमिका क्या थी। आतिशी ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई में तत्परता दिखाती है, लेकिन महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा में विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा, 'अपराधियों के मन से पुलिस का डर खत्म हो गया है।'

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि निर्भया कांड के बाद भी महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।

पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली में हत्या, रंगदारी, ड्रग्स, वसूली और यौन हिंसा की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहा है।

आम जनता पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि सार्वजनिक परिवहन में यौन हिंसा के मामले राष्ट्रीय राजधानी में बार-बार चर्चा में आते हैं, और हर बार जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित रह जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बस रूट पर पर्याप्त निगरानी और मार्शल तैनाती जैसे बुनियादी उपाय अभी भी अधूरे हैं।

क्या होगा आगे

मामले में पुलिस की जाँच जारी बताई जा रही है। AAP ने माँग की है कि सरकार इस घटना पर तत्काल जवाब दे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। राजनीतिक दबाव के बीच यह देखना अहम होगा कि दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासन इस मामले में कितनी तेज़ी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, और फिर धीरे-धीरे ठंडा पड़ता जनआक्रोश। निर्भया कांड के बाद कानूनी सुधार हुए, लेकिन सार्वजनिक परिवहन में निगरानी और जवाबदेही के ढाँचे आज भी अधूरे हैं। AAP का आरोप राजनीतिक रूप से सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन सवाल वैध है — संवेदनशील रूट पर चलती बस में इतनी गंभीर वारदात रोकने में तंत्र क्यों विफल रहा? जब तक जवाबदेही सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी, तब तक ऐसी घटनाएँ सुर्खियाँ बनती रहेंगी और बदलाव नहीं आएगा।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली बस में नाबालिग से गैंगरेप की घटना क्या है?
कथित तौर पर नोएडा से दिल्ली आती एक चलती बस में एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। यह घटना 31 अगस्त को सामने आई और इसने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
AAP ने इस मामले में किस पर निशाना साधा है?
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों पर निशाना साधा है। पार्टी के नेताओं ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा में विफल है।
सौरभ भारद्वाज ने जनकपुरी स्कूल मामले में क्या आरोप लगाए?
AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जनकपुरी के एक निजी स्कूल में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सरकार ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित फाइल राजस्व विभाग से गायब हो गई और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उसे उपलब्ध नहीं कराया गया।
इस घटना के बाद आगे क्या कार्रवाई अपेक्षित है?
मामले में पुलिस जाँच जारी बताई जा रही है। AAP ने सरकार से तत्काल जवाब और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। राजनीतिक दबाव के बीच पुलिस और प्रशासन की पारदर्शी कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।
क्या दिल्ली में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन में यौन हिंसा के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। 2012 के निर्भया कांड के बाद कानूनी सुधार हुए, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार बस रूट पर निगरानी और मार्शल तैनाती जैसे उपाय अभी भी अपर्याप्त हैं।
राष्ट्र प्रेस
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