साइकिल खरीद घोटाले पर 'आप' का दिल्ली सचिवालय के बाहर प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एफआईआर की मांग
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार, 31 अगस्त को दिल्ली सचिवालय के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने स्कूली छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की खरीद में करोड़ों रुपए का घोटाला किया है। प्रदर्शनकारियों ने कथित घोटाले की जांच, एफआईआर दर्ज करने और शिक्षा मंत्री आशीष सूद को तत्काल बर्खास्त करने की माँग की।
मुख्य आरोप और दावे
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए आरोप लगाया कि बाज़ार में लगभग ₹4,000 में उपलब्ध साइकिलें दिल्ली सरकार ने लगभग ₹7,000 प्रति साइकिल की दर से खरीदीं। उनके अनुसार, कुल लगभग 1.30 लाख साइकिलों की खरीद हुई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुँचा और सरकार तथा ठेकेदार की कथित मिलीभगत से लगभग ₹40 करोड़ के कमीशन का खेल खेला गया।
भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उल्लेखनीय है कि ₹40 करोड़ के कमीशन और घोटाले से जुड़े ये आरोप AAP द्वारा लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र जाँच या न्यायिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
सचिवालय में मुलाकात नाकाम, अब उपराज्यपाल का दरवाज़ा
भारद्वाज के अनुसार, AAP नेता सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात के लिए सचिवालय पहुँचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। पार्टी ने घोषणा की कि वह मंगलवार, 1 सितंबर को उपराज्यपाल से मिलकर साइकिल खरीद समेत अन्य कथित घोटालों में कार्रवाई की माँग करेगी। बुराड़ी से AAP विधायक संजीव झा ने बताया कि उपराज्यपाल से मुलाकात के लिए 1 सितंबर का समय निर्धारित किया गया है।
विधायकों की माँग — मंत्री का इस्तीफा
संजीव झा ने कहा कि पार्टी ने कथित घोटाले से जुड़े साक्ष्य दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत किए हैं और उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखे गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोंडली से AAP विधायक कुलदीप कुमार ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की माँग की। उनका तर्क था कि यदि साइकिलें उचित बाज़ार दर पर खरीदी जातीं, तो बची हुई राशि से और अधिक छात्राओं को लाभान्वित किया जा सकता था।
आम जनता और छात्राओं पर असर
यह मामला उस सरकारी योजना से जुड़ा है जिसका उद्देश्य दिल्ली की स्कूली छात्राओं को साइकिलें देकर उनकी आवाजाही सुगम बनाना था। यदि कथित अनियमितताएँ सिद्ध होती हैं, तो इसका सीधा असर उन छात्राओं पर पड़ता है जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना था। गौरतलब है कि दिल्ली में शिक्षा से जुड़ी सरकारी खरीद पर यह हाल के समय में उठाया गया एक बड़ा सवाल है।
आगे क्या होगा
AAP ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले से पीछे नहीं हटेगी। पार्टी 1 सितंबर को उपराज्यपाल से मिलकर जाँच, एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग करेगी। कुलदीप कुमार ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री आशीष सूद जल्द इस्तीफा नहीं देते, तो पार्टी दिल्ली में आंदोलन को और तेज़ करेगी।