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दिल्ली साइकिल घोटाला: 'आप' का ₹90 करोड़ की अनियमितता का आरोप, हीरो बोनफायर पर स्काइलर का स्टीकर लगाने का दावा

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दिल्ली साइकिल घोटाला: 'आप' का ₹90 करोड़ की अनियमितता का आरोप, हीरो बोनफायर पर स्काइलर का स्टीकर लगाने का दावा

सारांश

दिल्ली की छात्राओं के लिए साइकिल वितरण योजना विवादों में घिर गई है। AAP का आरोप है कि सरकार ने ₹6,957 में हीरो स्काइलर खरीदने के नाम पर वास्तव में ₹4,000 से सस्ती हीरो बोनफायर साइकिलें खरीदीं — महज स्टीकर बदलकर। 1.30 लाख साइकिलों में प्रति साइकिल ₹3,000 के अंतर से कुल ₹90 करोड़ का कथित नुकसान।

मुख्य बातें

AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार पर साइकिल खरीद में ₹90 करोड़ की कथित अनियमितता का आरोप लगाया।
वर्क ऑर्डर में हीरो स्काइलर 26टी दर्ज, लेकिन वितरित की जा रही साइकिलें कथित तौर पर हीरो बोनफायर मॉडल हैं।
बोनफायर की थोक कीमत ₹4,000 से कम, जबकि सरकार ने ₹6,957 प्रति साइकिल का भुगतान किया।
कुल 1 लाख 30 हजार साइकिलों की खरीद में प्रति साइकिल ₹3,000 के अंतर से कथित नुकसान।
स्काइलर मॉडल में सात गियर, डिस्क ब्रेक और फ्रंट सस्पेंशन होते हैं — वितरित साइकिलों में इनमें से कोई फीचर नहीं।
AAP ने टेंडर, मॉडल चयन और भुगतान दस्तावेज सार्वजनिक करने की माँग की; सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 6 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार पर दिल्ली की छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की खरीद में कथित तौर पर ₹90 करोड़ की अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया। उनका दावा है कि सरकार ने वर्क ऑर्डर में हीरो स्काइलर 26टी मॉडल दर्ज कराया, जबकि वास्तव में छात्राओं को हीरो बोनफायर मॉडल वितरित किया जा रहा है — जिस पर महज स्काइलर का स्टीकर चिपकाया गया है।

मुख्य आरोप: मॉडल बदलाव और कीमत का अंतर

भारद्वाज के अनुसार, सरकार द्वारा जारी वर्क ऑर्डर के आइटम डिस्क्रिप्शन में स्पष्ट रूप से हीरो स्काइलर 26टी मॉडल का उल्लेख है। उन्होंने दावा किया कि यह मॉडल बाज़ार में पहले उपलब्ध था, लेकिन कंपनी ने इसका उत्पादन काफी पहले बंद कर दिया है। स्काइलर मॉडल में सात गियर, डिस्क ब्रेक और फ्रंट सस्पेंशन जैसी आधुनिक सुविधाएँ होती हैं, जबकि वितरित की जा रही साइकिलों में इनमें से कोई भी फीचर मौजूद नहीं है।

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि हीरो बोनफायर मॉडल की थोक कीमत ₹4,000 से भी कम है, जबकि सरकार ने प्रत्येक साइकिल ₹6,957 में खरीदी। उनके अनुसार, लगभग 1 लाख 30 हजार साइकिलों की इस खरीद में प्रति साइकिल करीब ₹3,000 का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिससे कुल ₹90 करोड़ के सरकारी धन का कथित दुरुपयोग हुआ।

हीरो डीलरों से मिली जानकारी का हवाला

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने हीरो साइकिल के डीलरों और थोक विक्रेताओं से जानकारी ली, जिन्होंने पुष्टि की कि स्काइलर मॉडल का निर्माण बंद हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल कीमत का अंतर नहीं, बल्कि मॉडल के स्तर पर भी कथित फर्जीवाड़ा है — एक निम्न श्रेणी के उत्पाद को उच्च श्रेणी के रूप में सरकारी खाते में दर्ज कराना।

सरकार की चुप्पी पर सवाल

AAP नेता का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और संबंधित मंत्री से कई बार सार्वजनिक रूप से साइकिल के वास्तविक मॉडल की जानकारी माँगी, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में छात्राओं के लिए साइकिल वितरण योजना को सरकार एक प्रमुख कल्याणकारी पहल के रूप में प्रचारित कर रही है।

पारदर्शिता और जाँच की माँग

भारद्वाज ने माँग की कि सरकार पूरी खरीद प्रक्रिया — टेंडर, मॉडल चयन और भुगतान से जुड़े दस्तावेज — सार्वजनिक करे। AAP ने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह गरीब छात्राओं के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा और इसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। गौरतलब है कि रेखा गुप्ता सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फीचर सूची, थोक मूल्य — जो इन्हें महज राजनीतिक बयानबाजी से अलग करते हैं। असली सवाल यह है कि रेखा गुप्ता सरकार ने अब तक वर्क ऑर्डर और डिलीवरी रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किए — पारदर्शिता ही इस विवाद का सबसे सरल समाधान है। यदि आरोप निराधार हैं, तो दस्तावेज़ खुद जवाब देंगे; यदि सही हैं, तो यह गरीब छात्राओं के हक पर सीधा प्रहार है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली साइकिल घोटाले में AAP का मुख्य आरोप क्या है?
AAP का आरोप है कि रेखा गुप्ता सरकार ने वर्क ऑर्डर में हीरो स्काइलर 26टी मॉडल दर्ज कराया, लेकिन वास्तव में छात्राओं को सस्ती हीरो बोनफायर साइकिलें दीं — जिन पर केवल स्काइलर का स्टीकर लगाया गया। इससे कथित तौर पर ₹90 करोड़ का सरकारी नुकसान हुआ।
हीरो स्काइलर और हीरो बोनफायर में क्या अंतर है?
AAP के अनुसार, स्काइलर मॉडल में सात गियर, डिस्क ब्रेक और फ्रंट सस्पेंशन जैसी सुविधाएँ होती हैं, जबकि बोनफायर एक बेसिक मॉडल है जिसमें ये फीचर नहीं हैं। बोनफायर की थोक कीमत ₹4,000 से कम बताई जा रही है, जबकि स्काइलर की कीमत अधिक है।
कितनी साइकिलें खरीदी गईं और कुल कितना नुकसान बताया जा रहा है?
AAP के दावे के अनुसार, लगभग 1 लाख 30 हजार साइकिलें खरीदी गईं। प्रत्येक साइकिल ₹6,957 में खरीदी गई, जबकि बाज़ार में वास्तविक मॉडल की कीमत ₹4,000 से कम है। प्रति साइकिल करीब ₹3,000 के अंतर से कुल ₹90 करोड़ का कथित नुकसान बताया गया है।
रेखा गुप्ता सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अब तक रेखा गुप्ता सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से कई बार सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण माँगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
AAP ने इस मामले में क्या माँग की है?
AAP ने माँग की है कि सरकार पूरी खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज — टेंडर, मॉडल चयन और भुगतान विवरण — सार्वजनिक करे। पार्टी ने यह भी माँग की कि छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों का वास्तविक मॉडल सार्वजनिक रूप से घोषित किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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