दिल्ली साइकिल घोटाला: BJP विधायक हरीश खुराना ने 'आप' के आरोप को बताया निराधार, पंजाब बैग घोटाले पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक और दिल्ली सरकार के प्रवक्ता हरीश खुराना ने 3 अगस्त 2025 को स्पष्ट रूप से कहा कि दिल्ली में स्कूली छात्राओं को साइकिल वितरण में किसी प्रकार का घोटाला नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज द्वारा लगाए गए इस आरोप को खुराना ने 'निराधार' और 'भ्रामक' करार दिया। उनके अनुसार यह आरोप पंजाब में चल रहे स्कूल बैग घोटाले और पेपर लीक मामलों से जनता का ध्यान हटाने की सुनियोजित कोशिश है।
साइकिल खरीद पर BJP का पक्ष
मोती नगर से विधायक हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली की छात्राओं के लिए साइकिलें पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत खरीदी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाज़ार में साइकिलें अलग-अलग मॉडल और फीचर्स के अनुसार आती हैं, जिनकी कीमत ₹4,000–5,000 से लेकर ₹40,000–50,000 तक होती है। खुराना ने कहा कि केवल एक व्यावसायिक कंपनी की शिकायत के आधार पर घोटाले का आरोप लगाना तथ्यहीन है।
पंजाब बैग घोटाले पर पलटवार
खुराना ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में पंजाब की सभी स्थानीय कंपनियों को बाहर कर दिल्ली की एक कंपनी से 4 लाख स्कूल बैग मनमाने दामों पर खरीदे। उन्होंने कहा कि ये बैग AAP पार्टी के झंडे के रंग — पीले और नीले — में बनाए गए और उन पर मुख्यमंत्री की फोटो भी लगाई गई। खुराना ने इसे 11वीं और 12वीं कक्षा के उन छात्रों को 'राजनीतिक रिश्वत' करार दिया जो अगले पंजाब चुनाव में पहली बार मतदान करेंगे।
पंजाब में पेपर लीक और व्यापारियों का विरोध
BJP नेता ने कहा कि पंजाब में स्कूल बैग बनाने और बेचने वाले व्यापारी AAP सरकार से नाराज़ हैं क्योंकि उन्हें टेंडर प्रक्रिया से बाहर रखा गया। इसके अलावा, कथित तौर पर मान सरकार 6 अलग-अलग पेपर लीक मामलों में भी घिरी हुई है, जिनके विरोध में दिल्ली और पंजाब दोनों जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।
AAP पर तीखा हमला
खुराना ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेता 'मानसिक संतुलन खो चुके हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि AAP नेताओं ने हमेशा दिल्ली के हितों के विरुद्ध काम किया है और बेबुनियाद आरोप लगाना उनकी राजनीतिक मानसिकता को उजागर करता है।
आगे क्या
यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में AAP सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि BJP और AAP के बीच दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों में आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला आगामी चुनावी माहौल को और तीखा कर सकता है।