छात्र आंदोलन को हाईजैक कर रही कांग्रेस और AAP: भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने 22 जुलाई को कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) युवाओं के छात्र आंदोलन को राजनीतिक स्वार्थ के लिए हाईजैक करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने पंजाब फार्मेसी पेपर लीक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन पर एक के बाद एक तीखी प्रतिक्रियाएँ दीं।
पंजाब पेपर लीक पर AAP से जवाब-तलब
शाजिया इल्मी ने पंजाब में फार्मेसी परीक्षा का पेपर लीक होने को लेकर आम आदमी पार्टी को सीधे घेरा। उन्होंने कहा, 'यह बेहद शर्म की बात है कि AAP के नेता इस मुद्दे पर मुँह नहीं खोल रहे।' उनके अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को स्पष्ट करना चाहिए कि वे प्रदेश के शिक्षा मंत्री को कब बर्खास्त करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता लंबे समय से इस सवाल का जवाब माँग रही है, लेकिन सत्ताधारी दल चुप्पी साधे हुए है।
राहुल गांधी के धरने पर तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री आवास का घेराव किए जाने पर इल्मी ने कहा कि यह कदम राजनीतिक अवसरवाद की मिसाल है। उनके अनुसार, 'हमारी सरकार इस पूरे मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है। हम छात्रों की पीड़ा को समझते हैं और उनके प्रति हमारे मन में हमदर्दी है — लेकिन हम नहीं चाहते कि उन्हें किसी का मोहरा बनाया जाए।'
इल्मी ने राहुल गांधी पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संसदीय नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूरी जानकारी है, फिर भी उन्होंने जानबूझकर नियम तोड़े। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए याद दिलाया कि अन्ना हज़ारे आंदोलन और निर्भया आंदोलन के दौरान राहुल गांधी ने खुद कहा था कि प्रदर्शनकारियों को संसद को 'हाईजैक' करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दौर में कांग्रेस सरकार ने निर्भया आंदोलन के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कराया था।
सीजेपी के प्रदर्शन पर चिंता
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए इल्मी ने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील समय है और इसे हाईजैक करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल कुछ तत्व असंवेदनशील हैं, जो इस आंदोलन को भटकाने का काम कर रहे हैं।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में छात्र परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब फार्मेसी पेपर लीक इस व्यापक असंतोष की ताज़ा कड़ी है। विपक्षी दल इसे केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की विफलता बता रहे हैं, जबकि BJP इसे AAP-शासित पंजाब की जवाबदेही का सवाल करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क — दोनों पर गूँजता रहेगा।