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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का आरोप: कांग्रेस-AAP ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़

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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का आरोप: कांग्रेस-AAP ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़

सारांश

हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने पंजाब में फार्मेसी पेपर लीक के बाद AAP और कांग्रेस को घेरा। सिसोदिया के 'लीक हुई तो मंत्री इस्तीफा देगा' वाले बयान की याद दिलाई और केजरीवाल को श्वेत पत्र जारी करने की चुनौती दी।

मुख्य बातें

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 जुलाई को कांग्रेस और AAP पर युवाओं के भविष्य से समझौते का आरोप लगाया।
पंजाब में फार्मेसी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद छात्र विरोध पर उतरे; AAP नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल।
AAP नेता मनीष सिसोदिया ने दो दिन पहले कहा था कि पंजाब में पेपर लीक हुआ तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे।
PM मोदी ने 2024 में पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाया; अब उसे और सख्त करने की तैयारी।
हरियाणा में ₹30 लाख तक के EV पर 100% और ₹30 लाख से अधिक के EV पर 50% टैक्स छूट लागू।
सैनी ने केजरीवाल को दिल्ली-पंजाब में वंचित छात्रों की उपलब्धियों पर श्वेत पत्र जारी करने की चुनौती दी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार, 28 जुलाई को चंडीगढ़ में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि दोनों दलों ने युवाओं के भविष्य के साथ समझौता किया है। उन्होंने पंजाब में हाल ही में हुए फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक को लेकर AAP नेतृत्व की चुप्पी को 'दोहरे चरित्र' का प्रमाण बताया।

पेपर लीक पर केंद्र की सख्ती और विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाया और अब उसे और सख्त करने पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल 2024 में पेपर लीक को रोकने के लिए कानून बनाया, बल्कि अब वे इसे और भी सख्त बनाने पर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास भारतीय जनता पार्टी (BJP) का विरोध करने के अलावा कोई ठोस एजेंडा नहीं है।

सिसोदिया के बयान पर पलटवार

सैनी ने याद दिलाया कि मात्र दो दिन पहले AAP नेता मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की थी कि यदि पंजाब में कोई पेपर लीक होता है, तो उनके शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा, 'आज, जब पंजाब में फार्मेसी परीक्षा के पेपर लीक हो गए हैं और छात्र विरोध कर रहे हैं तो मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल अपने एयर-कंडीशंड कमरों में आराम से चुप बैठे हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब के छात्र सड़कों पर उतरकर जवाब माँग रहे हैं।

कांग्रेस के 'खर्ची-पर्ची' सिस्टम पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में युवाओं को 'खर्ची-पर्ची' व्यवस्था के चलते निष्पक्ष रोजगार के अवसरों से वंचित रखा गया और पेपर लीक की घटनाएँ आम बात थीं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने 1986 में लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की थी, किंतु कोई ठोस कानून नहीं बनाया गया। गौरतलब है कि पेपर लीक की समस्या दशकों से भारतीय परीक्षा तंत्र को प्रभावित करती रही है और यह पहली बार नहीं है जब इसे राजनीतिक बहस का केंद्र बनाया गया हो।

केजरीवाल को श्वेत पत्र की चुनौती

सैनी ने अरविंद केजरीवाल को सीधी चुनौती दी कि वे पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर एक श्वेत पत्र जारी करें, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि उनकी सरकारों के अधीन दिल्ली और पंजाब में कितने वंचित बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर या भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बन सके। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में एक्साइज इंस्पेक्टरों की भर्ती में कथित अनियमितताएँ जगजाहिर हैं, फिर भी राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।

हरियाणा की उपलब्धियाँ और EV नीति

इसके विपरीत, सैनी ने दावा किया कि हरियाणा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में 'मिशन बुनियाद' और 'मिशन 100' के माध्यम से सरकारी स्कूलों के छात्रों को IIT, IIM, NET और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने ₹30 लाख तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट और ₹30 लाख से अधिक कीमत वाले EV पर 50 प्रतिशत टैक्स छूट देने की नीति लागू की है। राज्य भर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क भी विकसित किया जा रहा है। आगे देखें तो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली परीक्षा यह होगी कि पंजाब सरकार पेपर लीक पर क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि हरियाणा खुद भी अतीत में भर्ती घोटालों से अछूता नहीं रहा है, इसलिए 'खर्ची-पर्ची' का आरोप लगाते समय भाजपा को अपने राज्य का रिकॉर्ड भी सामने रखना होगा। पेपर लीक की समस्या किसी एक दल की देन नहीं — यह ढाँचागत विफलता है जो दशकों से चली आ रही है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और AAP पर क्या आरोप लगाए?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 जुलाई को आरोप लगाया कि कांग्रेस और AAP दोनों ने युवाओं के भविष्य के साथ समझौता किया है। उन्होंने कांग्रेस के 'खर्ची-पर्ची' सिस्टम और पंजाब में AAP सरकार के कार्यकाल में हुए पेपर लीक को इसका प्रमाण बताया।
पंजाब फार्मेसी पेपर लीक मामला क्या है?
पंजाब में फार्मेसी परीक्षा का पेपर लीक हो गया, जिसके बाद छात्र विरोध पर उतर आए। इस पर AAP नेता मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल की चुप्पी को सैनी ने उजागर किया, क्योंकि सिसोदिया ने दो दिन पहले ही कहा था कि ऐसा हुआ तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे।
पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में पेपर लीक को रोकने के लिए कानून बनाया और अब उसे और सख्त करने पर काम चल रहा है। सैनी के अनुसार, 1986 में पूर्व PM राजीव गांधी ने इस मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा की थी, लेकिन तब कोई ठोस कानून नहीं बना था।
हरियाणा की EV नीति में क्या सुविधाएँ दी गई हैं?
हरियाणा सरकार ने ₹30 लाख तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट और ₹30 लाख से अधिक कीमत वाले EV पर 50 प्रतिशत टैक्स छूट की घोषणा की है। इसके अलावा राज्य भर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
सैनी ने केजरीवाल को क्या चुनौती दी?
सैनी ने अरविंद केजरीवाल को चुनौती दी कि वे पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर एक श्वेत पत्र जारी करें, जिसमें बताया जाए कि दिल्ली और पंजाब में उनकी सरकारों के कार्यकाल में कितने वंचित बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर या IAS अधिकारी बन सके।
राष्ट्र प्रेस
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