पंजाब पेपर लीक पर हरियाणा CM सैनी का आप और राहुल गांधी से सवाल — 'चुप्पी क्यों?'
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 जुलाई 2026 को करनाल में मीडिया से बात करते हुए पंजाब में हुए पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि पंजाब के युवा सड़कों पर उतर आए हैं, फिर भी न राज्य सरकार और न ही विपक्षी नेतृत्व ने कोई संवेदना जताई।
मुख्य घटनाक्रम
सैनी 77वें राज्य-स्तरीय वन महोत्सव के समापन समारोह के बाद पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का जनता के सामने दिखाया जाने वाला चेहरा और उनका वास्तविक आचरण एकदम अलग-अलग हैं। उनका आरोप था कि विपक्षी दल बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन उनके कार्य उन वादों से मेल नहीं खाते।
सिसोदिया के पुराने बयान का हवाला
सैनी ने AAP नेता मनीष सिसोदिया के एक पुराने सार्वजनिक बयान को याद दिलाया, जिसमें सिसोदिया ने कहा था कि यदि AAP सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक होता है, तो शिक्षा मंत्री सबसे पहले इस्तीफा देंगे। सैनी ने सवाल किया कि अब जब पंजाब में पेपर लीक की घटना सामने आई है, तो उस वादे का क्या हुआ।
युवाओं पर असर
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की इस घटना ने न केवल युवा उम्मीदवारों का भविष्य खतरे में डाला है, बल्कि उन्हें अपमानित और ठगा हुआ भी महसूस कराया है। उन्होंने इसे AAP सरकार की छात्र-हित रक्षा में विफलता करार दिया।
केंद्र सरकार की तुलना
सैनी ने कहा कि इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर देश के युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है। उन्होंने हरियाणा में 'डबल-इंजन सरकार' के तहत हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए भरोसा जताया कि पंजाब में भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने पर युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
आगे क्या
सैनी के इन बयानों से स्पष्ट है कि BJP पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे को चुनावी राजनीति के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और गर्म होने की संभावना है।