23 जुलाई 2026
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नीट आंदोलन पर कांग्रेस-भाजपा की राजनीति 'शर्मनाक': पंजाब आप ने लगाए झूठे आरोपों का आरोप

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नीट आंदोलन पर कांग्रेस-भाजपा की राजनीति 'शर्मनाक': पंजाब आप ने लगाए झूठे आरोपों का आरोप

सारांश

नीट पेपर लीक पर देशभर में उठे छात्र आंदोलन के बीच पंजाब AAP ने कांग्रेस और BJP दोनों पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि दोनों दल युवाओं के साथ खड़े होने की जगह पंजाब सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे हैं — जबकि केंद्र के कार्यकाल में 90 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं।

मुख्य बातें

पंजाब AAP ने 23 जुलाई को नीट आंदोलन पर कांग्रेस और BJP की राजनीति को 'शर्मनाक' करार दिया।
मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा — मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यकाल में पंजाब में एक भी भर्ती परीक्षा पेपर लीक नहीं हुआ।
फरीदकोट की घटना पेपर लीक नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से नकल का मामला था; आरोपी को मौके पर पकड़ा गया।
AAP के अनुसार BJP नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में 90 से अधिक पेपर लीक हुए और 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की।
AAP ने कांग्रेस से अपने शासनकाल के पेपर लीक मामलों पर जवाब माँगा।

पंजाब आम आदमी पार्टी (AAP) ने 23 जुलाई को कड़े शब्दों में कहा कि नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में उठे छात्र आंदोलन पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा की जा रही राजनीति पूरी तरह 'शर्मनाक' है। पार्टी का आरोप है कि दोनों दल छात्रों के साथ खड़े होने के बजाय पंजाब सरकार पर बेबुनियाद निशाना साध रहे हैं।

आप का मुख्य आरोप

राज्य AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एक बयान में कहा कि जब लाखों छात्र न्याय और अपने भविष्य के लिए सड़कों पर उतरे हैं, तब कांग्रेस और BJP ने युवाओं का साथ देने की जगह पंजाब में AAP सरकार पर झूठे आरोप लगाने का रास्ता चुना। पन्नू के अनुसार, छात्रों का आंदोलन इतना व्यापक हो चुका है कि इसने दशकों तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस को भी हिला दिया है।

फरीदकोट प्रकरण पर स्पष्टीकरण

पन्नू ने फरीदकोट में हुई घटना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के ज़रिए नकल करने का प्रकरण था। उन्होंने बताया कि संबंधित उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र पर ही रंगे हाथों पकड़ा गया और पुलिस ने तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की। उनका आरोप है कि कांग्रेस इस घटना को जानबूझकर पेपर लीक के रूप में प्रचारित कर जनता को गुमराह कर रही है।

पंजाब का रिकॉर्ड और केंद्र पर हमला

पन्नू ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के लगभग पाँच वर्षों के कार्यकाल में पंजाब में भर्ती परीक्षा का एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि BJP नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएँ हुईं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि इन घटनाओं से आहत होकर 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली, फिर भी केंद्र सरकार ने न समय पर सख्त कार्रवाई की और न ही युवाओं का भरोसा बहाल करने की कोशिश की।

कांग्रेस से आत्म-मंथन की माँग

पन्नू ने कांग्रेस से अपील की कि वह पंजाब पर झूठे आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल में हुए पेपर लीक मामलों का जवाब दे। उन्होंने कहा कि झूठे बयानों से जनता का ध्यान भटकाना किसी भी जिम्मेदार विपक्ष को शोभा नहीं देता।

आगे की स्थिति

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक तीखा होता जा रहा है, जहाँ सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने में लगे हैं — जबकि लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो केंद्र और विपक्ष के रिकॉर्ड की ओर उँगली उठाओ। फरीदकोट प्रकरण को 'नकल' और 'पेपर लीक' के बीच की बारीक रेखा पर टिकाना तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन यह उस बड़े सवाल से ध्यान भटकाता है कि परीक्षा प्रणाली की निगरानी कितनी चुस्त है। BJP पर 90 पेपर लीक का आँकड़ा गंभीर है और सत्यापन की माँग करता है — लेकिन जब तक स्वतंत्र जाँच एजेंसियाँ इसकी पुष्टि नहीं करतीं, यह राजनीतिक दावा ही रहेगा। असली मुद्दा — लाखों छात्रों का भविष्य — इस पार्टी-बनाम-पार्टी की बहस में दब जाने का खतरा है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब AAP ने कांग्रेस और BJP की राजनीति को 'शर्मनाक' क्यों कहा?
AAP का कहना है कि नीट पेपर लीक पर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान कांग्रेस और BJP युवाओं का साथ देने की बजाय पंजाब सरकार पर झूठे आरोप लगाने में लगी हैं। पार्टी के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इसे छात्रों के साथ विश्वासघात बताया।
फरीदकोट की घटना पेपर लीक थी या नकल का मामला?
AAP के अनुसार फरीदकोट में पेपर लीक नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के ज़रिए नकल करने का मामला था। उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र पर ही पकड़ा गया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। AAP का आरोप है कि कांग्रेस इसे जानबूझकर पेपर लीक बताकर जनता को गुमराह कर रही है।
BJP शासन में कितने पेपर लीक हुए, AAP का क्या दावा है?
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि BJP नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएँ हुईं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की। यह AAP का राजनीतिक दावा है; स्वतंत्र सत्यापन अपेक्षित है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यकाल में पंजाब का परीक्षा रिकॉर्ड कैसा रहा?
AAP के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान के लगभग पाँच वर्षों के कार्यकाल में पंजाब में भर्ती परीक्षा का एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। पार्टी इसे केंद्र के रिकॉर्ड से तुलना करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धि बता रही है।
नीट पेपर लीक विवाद का छात्रों पर क्या असर पड़ा है?
नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में लाखों छात्र न्याय की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। AAP के बयान के अनुसार इस विवाद से जुड़ी घटनाओं के कारण 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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