शहजाद पूनावाला का AAP-कांग्रेस पर हमला: 'छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार बना रहे विपक्षी दल'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 22 जुलाई को आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल छात्रों की आड़ में राजनीतिक माइलेज बटोरने की कोशिश कर रहे हैं और इस प्रक्रिया में युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। पूनावाला के अनुसार, विपक्षी दलों का यह रवैया छात्र आंदोलन के राजनीतिकरण की कोशिश से ज़्यादा कुछ नहीं है।
विपक्ष पर 'राजनीतिक गिद्ध' का आरोप
पूनावाला ने कहा कि कभी AAP के नेता इस आंदोलन में भागीदारी और श्रेय लेने की बात करते हैं, तो कभी कांग्रेस यही दावा करती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कांग्रेस खुद AAP को भाजपा की 'बी-टीम' बताने से नहीं चूकती। पूनावाला ने कहा, 'इससे यह साफ होता है कि ये दोनों ही पार्टियाँ राजनीतिक गिद्ध की तरह काम कर रही हैं और छात्र आंदोलन को अपने फायदे के लिए भुनाना चाहती हैं।'
NEET और पेपर लीक विवाद पर BJP का पक्ष
पूनावाला ने NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि जब गड़बड़ी सामने आई, तो सरकार ने पुनः परीक्षा कराई और दोषियों को गिरफ्तार करवाया। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार ने इस पूरे विषय को गंभीरता से लिया और जवाबदेही तय की।' साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब में लगातार हो रहे पेपर लीक पर विपक्ष चुप क्यों है।
कांग्रेस के शासनकाल पर पलटवार
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राजस्थान में 25-30 पेपर लीक हुए और कांग्रेस की केंद्र सरकार के दौरान भी कई ऐसी घटनाएँ हुईं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सचिन पायलट को सीधे निशाने पर लेते हुए पूछा कि जब राजस्थान में पेपर लीक हो रहे थे, तब राहुल गांधी काले कपड़े पहनकर विरोध करने क्यों नहीं आए। उन्होंने याद दिलाया कि उन दिनों खुद पायलट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
INDIA गठबंधन में दरार पर शाहनवाज़ हुसैन की प्रतिक्रिया
वहीं, BJP प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने विपक्षी प्रोटेस्ट में AAP और अन्य दलों की भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन दो फाड़ हो चुका है। उनके अनुसार, उद्धव ठाकरे सहित दो-तीन दलों के नेता AAP के साथ मिलकर प्रोटेस्ट में शामिल होना चाहते हैं, जबकि गठबंधन के भीतर एकमत नहीं है। हुसैन ने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर सार्थक संवाद की बजाय राजनीतिकरण को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आगे क्या
छात्र आंदोलन और NEET विवाद को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। विपक्षी दलों की आपसी खींचतान और INDIA गठबंधन के भीतर बिखराव के संकेत इस मुद्दे की जटिलता को और बढ़ाते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या विपक्ष एकजुट होकर छात्रों की माँगों को संसद में उठा पाता है या आपसी मतभेद इसे कमज़ोर कर देते हैं।