BJP का कांग्रेस पर हमला: 'विपक्ष की नीति देश की तरक्की रोकना, छात्रों का हो रहा राजनीतिक इस्तेमाल'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार, 24 जुलाई को कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष पर यह आरोप लगाया कि वह संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक और शिक्षा-सुधार जैसे ठोस मुद्दों पर सार्थक चर्चा से बच रहा है और इसके बजाय छात्र आंदोलन को अपने राजनीतिक हितों की सीढ़ी बना रहा है।
विपक्ष का रुख और राहुल गांधी का बयान
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, 'जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया नहीं जाता, तब तक हम कोई बातचीत या चर्चा नहीं करेंगे।' BJP ने इस शर्त को संसदीय कार्यवाही में बाधा डालने की रणनीति करार दिया।
BJP सांसदों की तीखी प्रतिक्रिया
BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए हर निर्णय लिया है, वहीं विपक्षी दल युवाओं को महज एक राजनीतिक उपकरण की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष न तो चर्चा में भाग लेना चाहता है और न ही संभावित सुधारों पर संवाद करना चाहता है।
BJP सांसद हर्षवर्धन शृंगार ने कहा, 'छात्रों, सोनम वांगचुक और अन्य लोगों ने जो मुद्दा उठाया था, उसका अब विपक्षी दल अपने राजनीतिक हितों के लिए फायदा उठा रहे हैं। जब संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ, तो उन्होंने कहा था कि सदन में इस मुद्दे और परीक्षा से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा होनी चाहिए। अब जब सरकार ऐसा करने को तैयार है, तो वे कुछ और ही माँग कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का स्वयं छात्रों से संवाद करना और उनकी चिंताओं के समाधान सुझाना एक सकारात्मक कदम है।
कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर और तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जनता पहले ही उससे दूरी बना चुकी है और पार्टी लगभग 100 चुनाव हार चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे और पूरे देश में उनके समर्थन में माहौल बन रहा था, तब कांग्रेस ने उस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की — जबकि खुद उसने कोई आंदोलन खड़ा नहीं किया।
BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा, 'अगर विपक्ष को सच में छात्रों, नीट के मुद्दे या युवाओं के भविष्य की चिंता होती, तो वे संभावित समाधानों का समर्थन करते। इसके बजाय वे सिर्फ हंगामा करना, काम रोकना और संसद को ठप रखना चाहते हैं। उनकी नीति देश की तरक्की को रोकना है।'
संसदीय चर्चा की अपील
BJP सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि पेपर लीक की समस्या लंबे समय से चली आ रही है और इसका समाधान सदन में शोर मचाने से नहीं, बल्कि विधिवत चर्चा के ज़रिए ही निकाला जा सकता है। BJP सांसद तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता देशभर के छात्रों की चिंताओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं, जिसे देश के युवा भली-भाँति समझ रहे हैं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र पेपर लीक और NEET विवाद को लेकर लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने सदन में चर्चा की पेशकश की है, लेकिन विपक्ष की शर्त — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा — पूरी न होने तक गतिरोध बने रहने की संभावना है। दोनों पक्षों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में संसदीय कार्यवाही की दिशा तय करेगा।