एंटी पेपर लीक कानून पर रामकृपाल यादव का पलटवार: 'कांग्रेस छात्रों के नाम पर राजनीति कर रही है'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने 31 जुलाई को पटना में केंद्र सरकार के एंटी पेपर लीक कानून का जोरदार बचाव किया और कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे की आड़ में राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया। यह प्रतिक्रिया उस विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आई, जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को संसद के मकर द्वार पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
मुख्य घटनाक्रम
20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में ही मोर्चा खोल दिया था। इसी कड़ी में रामकृपाल यादव ने तीखे शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "यह सब एक साजिश थी। योजना कानून तोड़ने, सरकार को अस्थिर करने, प्रशासन को गोली चलाने के लिए उकसाने, 10-20 छात्रों की गोली लगने से मौत करवाने और फिर सरकार को अस्थिर करने के लिए खून और लाशों पर राजनीति करने की थी। कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगियों को प्रधानमंत्री मोदी पसंद नहीं हैं।"
एंटी पेपर लीक कानून पर सरकार का पक्ष
रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए बिना देरी किए सख्त एंटी पेपर लीक कानून लागू किया। उनके अनुसार पेपर लीक जैसी घटनाएँ ईमानदारी से परिश्रम करने वाले विद्यार्थियों के साथ घोर अन्याय हैं और सरकार ने कड़े दंड का प्रावधान कर इस पर लगाम लगाने की पहल की है। गौरतलब है कि यह कानून उस दौर में आया है जब देशभर में परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्र आंदोलन चरम पर था।
विपक्षी एकता पर निशाना
रामकृपाल यादव ने यह भी कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल विचारधारा के स्तर पर भले ही अलग-अलग रहे हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने के लिए सभी एक मंच पर आ गए हैं। उनके अनुसार कांग्रेस का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा नहीं, बल्कि हर सरकारी फैसले का विरोध करना है। उन्होंने दावा किया कि जनता प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है, इसीलिए BJP और एनडीए विभिन्न राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
बांकीपुर उपचुनाव और प्रशांत किशोर पर टिप्पणी
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान हुई झड़प और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के विरोध पर भी रामकृपाल यादव ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर एक कुशल चुनावी रणनीतिकार रहे हैं, लेकिन चुनावी मैदान में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उनके अनुसार उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने रणनीति के तहत BJP कार्यकर्ताओं को उकसाने की कोशिश की, जो विफल रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रबंधन के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया और यह रणनीति केवल राजनीतिक अस्तित्व बचाने के उद्देश्य से बनाई गई थी। उपचुनाव में अपेक्षाकृत कम मतदान पर उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई और रोजगार के सिलसिले में राज्य से बाहर रहते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत प्रभावित होता है। इसके बावजूद उन्होंने एनडीए की जीत का भरोसा जताया।
हॉकी जर्सी विवाद पर प्रतिक्रिया
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के केसरिया रंग को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा उठाए गए सवालों पर रामकृपाल यादव ने कहा कि इस पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम उनका सम्मान करते हैं। हॉकी टीम की जर्सी से क्या फर्क पड़ता है, भाई? चाहे वह हरी हो, पीली हो, लाल हो या केसरिया, जर्सी तो जर्सी ही होती है। उस समय फेडरेशन ने तय किया था कि यही जर्सी होगी।" आलोचकों का कहना है कि जर्सी के रंग का राजनीतिकरण खेल भावना के विपरीत है, जबकि सत्तापक्ष इसे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का हिस्सा बताता है।
रामकृपाल यादव की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे और सरकार के पलटवार के बीच तनावपूर्ण रहा है। आने वाले दिनों में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे और एंटी पेपर लीक कानून के क्रियान्वयन पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।