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पेपर लीक पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला: 'सिर्फ कानून से नहीं सुधरेगी व्यवस्था'

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पेपर लीक पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला: 'सिर्फ कानून से नहीं सुधरेगी व्यवस्था'

सारांश

मानसून सत्र में सपा का दोहरा हमला — अखिलेश यादव ने BJP शासन में सर्वाधिक पेपर लीक का आरोप लगाते हुए नए कानून की सीमाएँ उजागर कीं, तो रामगोपाल यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात का आरोप जड़ा।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 29 जुलाई को संसद में कहा कि BJP शासनकाल में देश में सबसे अधिक पेपर लीक हुए हैं।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि अकेले उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की 20 से अधिक घटनाएँ हुईं, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई का ब्यौरा नहीं दिया गया।
रामगोपाल यादव ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात हुआ।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में BJP को 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।
रामगोपाल यादव ने कहा कि केवल कानून बनाने से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा — व्यवस्था में ईमानदारी और पारदर्शिता जरूरी है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने 29 जुलाई को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में देश में सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं और केवल नया कानून बनाने से यह समस्या हल नहीं होगी। संसद के मानसून सत्र के दौरान सपा ने पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े आरोपों को लेकर सरकार को घेरा।

पेपर लीक पर अखिलेश यादव के आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएँ सामने आ रही हैं और इसकी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार की है। उन्होंने दावा किया कि अकेले उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की 20 से अधिक घटनाएँ हो चुकी हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कितनों के विरुद्ध कार्रवाई हुई।

सपा प्रमुख ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अपनी आवाज़ उठाने के लिए दिल्ली पहुँचे हैं और सरकार को उनकी चिंताओं का जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार और उससे जुड़े लोग ही भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल पाए जाते हैं, तो केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

पेपर लीक विरोधी विधेयक पर सवाल

अखिलेश यादव ने पेपर लीक विरोधी कानून को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मौजूदा कानून में महज़ संशोधन है और सरकार को यह बताना चाहिए कि पहले से मौजूद कानूनों के तहत कितने दोषियों पर कार्रवाई हुई। यह ऐसे समय में आया है जब NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर देशभर में युवाओं का आक्रोश चरम पर है।

राम मंदिर चढ़ावे पर रामगोपाल यादव का हमला

सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े आरोपों पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और लोगों ने भगवान राम के नाम पर विश्वास करके दान दिया था, लेकिन उस धन का इस्तेमाल किसी गलत उद्देश्य के लिए नहीं होना चाहिए था।

रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि लोगों को लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उनकी आस्था के साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए दिया गया दान केवल मंदिर निर्माण और धार्मिक कार्यों के लिए होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक फैल चुका है और इसे रोकने के लिए व्यवस्था में ईमानदारी व पारदर्शिता जरूरी है।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद का बयान

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि अफ़सोस है कि भाजपा और उनकी सरकार अयोध्या के मामले में बड़ी मछलियों को बचा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है और जो लोग दोषी हैं, उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार जाएगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में दोनों सदनों में इन मुद्दों पर चर्चा जारी रहने की उम्मीद है। रामगोपाल यादव ने कहा कि राज्यसभा में भी महत्वपूर्ण विषयों को उठाया जाएगा। पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर विपक्ष की आक्रामकता आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पेपर लीक पर उनके सवाल ठोस हैं — सरकार ने अब तक यह सार्वजनिक नहीं किया कि मौजूदा कानूनों के तहत कितने दोषियों को सज़ा मिली। नया विधेयक लाना तब तक प्रतीकात्मक ही रहेगा जब तक पुराने कानूनों के क्रियान्वयन का लेखा-जोखा सामने न आए। राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा और संवेदनशील है — धार्मिक भावनाओं से जुड़े आरोपों को राजनीतिक हथियार बनाना दोधारी तलवार है, जो सपा के लिए उतनी ही जोखिम भरी हो सकती है जितनी भाजपा के लिए।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने पेपर लीक पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने कहा कि BJP शासनकाल में देश में सबसे अधिक पेपर लीक हुए हैं और अकेले उत्तर प्रदेश में 20 से अधिक घटनाएँ हुई हैं। उन्होंने सरकार से माँग की कि दोषियों पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।
पेपर लीक विरोधी विधेयक पर सपा की आपत्ति क्या है?
सपा का कहना है कि यह विधेयक मौजूदा कानून में महज़ संशोधन है और सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि पुराने कानूनों के तहत कितने लोगों पर कार्रवाई हुई। केवल नया कानून बना देने से भ्रष्टाचार और पेपर लीक की समस्या हल नहीं होगी।
राम मंदिर चढ़ावे पर रामगोपाल यादव ने क्या कहा?
रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के नाम पर दान दिया था, लेकिन उस धन का इस्तेमाल गलत उद्देश्यों के लिए हुआ। उन्होंने इसे आस्था के साथ विश्वासघात बताया और कहा कि दान केवल मंदिर निर्माण व धार्मिक कार्यों के लिए होना चाहिए था।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 2027 चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार सत्ता से बाहर होगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि BJP को 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी।
मानसून सत्र में सपा ने किन मुख्य मुद्दों पर सरकार को घेरा?
मानसून सत्र में सपा ने मुख्यतः दो मुद्दों पर सरकार को घेरा — पेपर लीक की बढ़ती घटनाएँ और अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित दुरुपयोग के आरोप। पार्टी ने दोनों मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही और पारदर्शिता की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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