रामकृपाल यादव का आरोप: छात्र आंदोलन की आड़ में विपक्ष ने रची BJP-विरोधी साजिश, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 'दुर्भाग्यपूर्ण'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने 27 जुलाई को दावा किया कि NEET पेपर लीक विवाद के बाद उठे छात्र आंदोलन की आड़ में विपक्ष ने सुनियोजित ढंग से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अस्थिर करने की कोशिश की। उनके अनुसार, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सोची-समझी राजनीति का परिणाम है।
मुख्य घटनाक्रम
रामकृपाल यादव ने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम और शिक्षा मंत्री के रूप में बेहतरीन काम किया और नई शिक्षा नीति लागू करने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन कुछ ऐसे लोग थे जो उनके काम को महत्व नहीं देते थे। सुनियोजित तरीके से छात्रों के आंदोलन की आड़ में विपक्ष ने सोची-समझी राजनीति की, जिसके कारण धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।' उन्होंने इस इस्तीफे को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
विपक्ष पर साजिश का आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन में कुछ 'अराजक तत्व' घुस आए थे जो देश और समाज को नुकसान पहुँचाना चाहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि 'आखिर पंजाब और तमिलनाडु में छात्रों का आंदोलन क्यों नहीं हुआ? क्या इन राज्यों में पेपर लीक नहीं हुआ था?' उनके अनुसार, BJP शासित राज्यों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।
सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए सख्त कदम उठाए। पेपर लीक में जिम्मेदार पाए गए कुल 47 कर्मचारियों और अधिकारियों को न केवल निलंबित किया गया, बल्कि सेवा से बर्खास्त भी किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए एक नया विधेयक लाया जा रहा है, जिसमें कड़े दंड का प्रावधान होगा।
पाकिस्तान कनेक्शन का दावा
मंत्री ने यह भी दोहराया कि वे पहले दिन से कहते आ रहे हैं कि छात्र एक बड़ी साजिश का शिकार हुए हैं। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस की जाँच में सोशल मीडिया गतिविधियों का संबंध पाकिस्तान से जुड़ा होने की बात सामने आई है। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
क्या होगा आगे
प्रस्तावित पेपर लीक-विरोधी विधेयक संसद में पेश किए जाने की तैयारी है, जो परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह देखना बाकी है कि विपक्ष इस विधेयक पर क्या रुख अपनाता है।