संसद मानसून सत्र: विपक्ष ने 'चढ़ावा चोरी' और झारखंड पुलिस कार्रवाई पर अमित शाह से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार, 11 अगस्त को विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' के आरोप और झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन कर विपक्ष पर पलटवार किया।
अखिलेश यादव का आरोप: परीक्षा और राम मंदिर का स्रोत एक
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने परीक्षा घोटाले और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को परस्पर जोड़ते हुए दावा किया कि दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उनके अनुसार, जो तत्व बिना पंजीकरण के और अंडरग्राउंड रहकर काम कर रहे हैं, वे किसी न किसी माध्यम से अपनी गतिविधियाँ जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर शिक्षा और परीक्षाओं के ज़रिए काम नहीं बन रहा है तो अयोध्या के ज़रिए काम करने की कोशिश की जा रही है।'
यादव ने साजिशों और फोन कॉल्स का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में कॉल किए गए, तो क्या सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या आने वाले छात्रों और युवाओं का डेटा किसी नेटवर्क के ज़रिए एकत्र किए जाने की बात सामने आ रही है, और भविष्य में इसका क्या उपयोग हो सकता है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने माँग की कि दोनों मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
डिंपल यादव और राम गोपाल यादव की माँग
सपा सांसद डिंपल यादव ने 'चढ़ावा चोरी' को भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए सदन में चर्चा की माँग की। उन्होंने 20 जुलाई को झारखंड में छात्रों पर हुई कथित बर्बरता का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, एक आरटीआई रिपोर्ट में लगभग 10 बच्चों के पैलेट गन से घायल होने की बात सामने आई है, जबकि सरकार ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि यदि आरटीआई के ज़रिए अलग जानकारी मिली है तो सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
सपा के वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने 'चढ़ावा चोरी' के मामले को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि विदेशों से बड़ी रकम भेजे जाने की बात सामने आई है, लेकिन उसका हिसाब स्पष्ट नहीं है। उन्होंने पूछा कि सोना-चाँदी कहाँ गया और उसका रिकॉर्ड कहाँ है। उनके अनुसार यह लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और विपक्ष इसे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता।
प्रियंका गांधी और गोगोई का अमित शाह पर निशाना
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में BJP सांसदों के विरोध-प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार देखा है कि सत्ताधारी दल के सांसद खुद धरने पर बैठे हैं। उन्होंने माँग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर सदन में दो दिन चर्चा हुई, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अपनी बात रखी, लेकिन उस दौरान गृह मंत्री अमित शाह अनुपस्थित रहे। गोगोई ने कहा कि विपक्ष पिछले 15 दिनों से गृह मंत्री के सदन में आकर जवाब देने की माँग कर रहा है। उन्होंने कहा कि 'संसद किसी एक पक्ष की पाठशाला या कार्यशाला नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का मंच है।'
झारखंड पैलेट गन विवाद पर सवाल
गोगोई ने झारखंड में छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर पूछा कि यह निर्देश कहाँ से आया और क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी। उन्होंने सरकार से जिम्मेदारी तय करने और इस्तीफे की माँग भी की।
अखिलेश यादव ने झारखंड के मुद्दे पर बातचीत को समाधान का रास्ता बताया और कहा कि राज्य सरकार भी छात्रों से संवाद के लिए तैयार होने की बात कह चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के शेष दिनों में विपक्ष इन दोनों मुद्दों को केंद्र में रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।