25 सितंबर 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, CCTV में 85 बार रकम हटाते दिखा मुख्य आरोपी

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, CCTV में 85 बार रकम हटाते दिखा मुख्य आरोपी

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अदालत तक पहुँच गया है। 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में CCTV, CDR और बरामदगी को साक्ष्य बनाया गया है। मुख्य आरोपी 85 बार रकम हटाते कैमरे में कैद हुआ — यह मामला धार्मिक विश्वास और संस्थागत जवाबदेही दोनों को कटघरे में खड़ा करता है।

मुख्य बातें

अयोध्या पुलिस ने 22-23 सितंबर 2026 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा गबन मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि CCTV में 85 बार रकम हटाते दिखाई दिया; उससे ₹20.39 लाख नकद व 1,121 डॉलर बरामद।
4 जून 2026 की रात ₹2.25 लाख की नोटों की गड्डियाँ बाथरूम में छिपाई गई थीं — इसी से मामला उजागर हुआ।
चार्जशीट में 133 गवाह , CCTV फुटेज, CDR, WhatsApp चैट और बरामद नकदी-आभूषण-वाहन साक्ष्य के रूप में शामिल।
कथित गबन की रकम से जमीन, मकान और वाहन खरीदे जाने का आरोप; अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम ₹55 लाख का मकान खरीदने का उल्लेख।
सभी 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में; आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालती प्रक्रिया के तहत होगी।

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले में 25 सितंबर 2026 को पुलिस ने आठ आरोपियों के विरुद्ध अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। विवेचना रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंकिंग लेनदेन और बरामद सामग्री को प्रमुख साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। सभी आठों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22-23 सितंबर 2026 को चार्जशीट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

घटना की जड़ें 4 जून 2026 की रात तक जाती हैं, जब गणना कक्ष में ₹2.25 लाख की नोटों की गड्डियाँ बाथरूम में छिपाई गई थीं। गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने इसका वीडियो और संदेश तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर भेजा था। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून 2026 को मुकदमा दर्ज कराया गया।

CCTV में आरोपियों की भूमिका

पुलिस की विवेचना रिपोर्ट के अनुसार मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों में 85 बार चढ़ावे की रकम कपड़ों और कमर में छिपाते तथा 4 बार अन्य आरोपियों की सहायता करते पकड़ा गया। करुणेश पाण्डेय पर 2 बार रकम हटाने और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करने का आरोप है।

अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर 1 बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने, तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। रमाशंकर मिश्रा भी 1 बार चढ़ावा हटाते फुटेज में दिखाई दिए।

चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को यह कहकर तलाशी लेने से रोका कि आरोपी 'अपने लोग और विश्वसनीय' हैं।

बरामदगी और संपत्ति खरीद के आरोप

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। अविनाश शुक्ला से ₹20.39 लाख नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा आभूषण, करुणेश पाण्डेय से ₹18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से ₹16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से ₹14.25 लाख, और रमाशंकर मिश्रा से ₹7.32 लाख नकद बरामद होने का दावा है। मनीष यादव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है।

चार्जशीट में यह भी आरोप है कि कथित गबन की राशि से जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियाँ खरीदी गईं। अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम कौशलपुरी में कथित तौर पर ₹55 लाख का मकान, जिसमें लगभग ₹54.5 लाख अपराध की राशि से होने का दावा है, तथा करीब ₹7.33 लाख भागवत कथा आयोजन में खर्च होने का उल्लेख है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम ₹22.52 लाख की जमीन और ₹20.91 लाख मकान निर्माण में खर्च करने का आरोप है। जाँच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए।

गवाह और डिजिटल साक्ष्य

चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल हैं, जिनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर शामिल हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और CDR भी विवेचना का हिस्सा बनाए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम छिपाने व बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है। गौरतलब है कि यह मामला देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थल पर कार्यरत कर्मचारियों की कथित संलिप्तता के कारण विशेष रूप से संवेदनशील है।

आगे की न्यायिक प्रक्रिया

पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। अदालत द्वारा चार्जशीट संज्ञान में लिए जाने के बाद मामले की सुनवाई की तारीख तय होने की संभावना है, जो इस कथित घोटाले की विधिक परीक्षा का अगला निर्णायक चरण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत विफलता का है — जहाँ गणना कक्ष प्रभारी ने कथित तौर पर तलाशी रोककर आरोपियों को संरक्षण दिया। CCTV में 85 बार रकम हटाने का आँकड़ा बताता है कि यह सुनियोजित और दीर्घकालिक षड्यंत्र था, कोई एकाकी घटना नहीं। राम मंदिर जैसी अत्यंत संवेदनशील और बहु-प्रतीक्षित संस्था में इस तरह की कथित लूट मंदिर प्रशासन की आंतरिक निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है। श्रद्धालुओं की आस्था की रकम की सुरक्षा के लिए मंदिर ट्रस्ट को पारदर्शी ऑडिट और स्वतंत्र निगरानी तंत्र की ज़रूरत स्पष्ट रूप से उजागर हो गई है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चार्जशीट किसके खिलाफ दाखिल की गई है?
पुलिस ने आठ आरोपियों — अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव — के खिलाफ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। सभी आठों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला कैसे सामने आया?
4 जून 2026 की रात गणना कक्ष में ₹2.25 लाख की नोटों की गड्डियाँ बाथरूम में छिपाई गई थीं। गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने इसका वीडियो और संदेश महासचिव चम्पत राय को भेजा। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी जाँच के बाद 25 जून 2026 को मुकदमा दर्ज कराया गया।
CCTV में मुख्य आरोपी कितनी बार रकम हटाते दिखा?
पुलिस की विवेचना रिपोर्ट के अनुसार मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि CCTV फुटेज में 85 बार चढ़ावे की रकम कपड़ों और कमर में छिपाते तथा 4 बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया। अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है।
मामले में कितनी नकदी और संपत्ति बरामद की गई?
पुलिस के अनुसार अविनाश शुक्ला से ₹20.39 लाख नकद व 1,121 अमेरिकी डॉलर, करुणेश पाण्डेय से ₹18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से ₹16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से ₹14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से ₹7.32 लाख नकद बरामद हुए। इसके अलावा विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन भी जब्त किए गए।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
अदालत द्वारा चार्जशीट संज्ञान में लिए जाने के बाद सुनवाई की तारीख तय होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। चार्जशीट में 133 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं, जो न्यायालय में अभियोजन पक्ष का आधार बनेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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