21 सितंबर 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: UP SIT दो दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट, CCTV से 105 चोरी की घटनाएँ उजागर

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: UP SIT दो दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट, CCTV से 105 चोरी की घटनाएँ उजागर

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला निर्णायक मोड़ पर है — UP SIT दो दिन में चार्जशीट दाखिल करेगी। CCTV फुटेज के विश्लेषण से चोरी की 105 घटनाएँ सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सेशन जज को उचित आदेश पारित करने की अनुमति दे दी है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने 21 सितंबर 2026 को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT अगले दो दिन में चार्जशीट दाखिल करेगी।
चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा 25 सितंबर 2026 है।
CCTV फुटेज के विश्लेषण से मंदिर में दान चोरी की 105 घटनाएँ उजागर हुईं।
चढ़ावे की कीमती वस्तुएँ SBI लॉकर में रखी जाती हैं और रसीदें सॉफ्टवेयर के माध्यम से बनाई जाती हैं।
पुनर्गठित SIT की अध्यक्षता IG किरण एस.
कर रहे हैं; DIG सोमेन वर्मा और SSP डॉ.
गौरव ग्रोवर सदस्य हैं।
CJI सूर्य कांत की पीठ ने सेशन जज को कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने की अनुमति दी।

सर्वोच्च न्यायालय को 21 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार ने सूचित किया कि अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे और चढ़ावे की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी जाँच का अधिकांश कार्य पूरा कर चुकी है और 25 सितंबर 2026 की समयसीमा से पहले अगले दो दिनों में चार्जशीट दाखिल कर देगी। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब शीर्ष अदालत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान-चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की न्यायालय-निगरानी में जाँच की माँग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। मेहता ने अदालत को बताया कि जाँच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा कर दी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 25 सितंबर को चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा समाप्त हो रही है।

पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित सेशन जज को कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने की अनुमति दे दी।

CCTV विश्लेषण से 105 चोरी की घटनाएँ उजागर

स्टेटस रिपोर्ट में सर्वोच्च न्यायालय को बताया गया कि SIT ने CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के जरिये आरोपियों की पहचान की, साथ ही दान व चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड की भी छानबीन की। CCTV फुटेज के विश्लेषण से मंदिर में दान की चोरी की कुल 105 घटनाएँ सामने आई हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि चढ़ावे में प्राप्त कीमती वस्तुओं की रसीदें सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार की जाती हैं और ऐसी वस्तुओं को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है। गौरतलब है कि यह तंत्र-संबंधी खुलासा प्रक्रियागत पारदर्शिता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।

SIT का पुनर्गठन और नेतृत्व

यह ताज़ा घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार को SIT का पुनर्गठन कर निष्पक्ष, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण जाँच सुनिश्चित करने का निर्देश दे चुका था। पुनर्गठित SIT की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस. कर रहे हैं। इसमें अयोध्या के DIG सोमेन वर्मा और अयोध्या के SSP डॉ. गौरव ग्रोवर सदस्य के रूप में शामिल हैं।

पूर्व की सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया था कि वरिष्ठ IPS अधिकारियों की नियुक्ति के साथ SIT ने जाँच का जिम्मा संभाल लिया है।

आगे क्या होगा

चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला सक्षम अदालत में विचाराधीन होगा, जहाँ SIT द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों — सीसीटीवी फुटेज, दान-रिकॉर्ड और बरामद सामग्री — की न्यायिक समीक्षा होगी। सुप्रीम कोर्ट की सक्रिय निगरानी और समयबद्ध प्रक्रिया को देखते हुए यह मामला धार्मिक संस्थाओं में वित्तीय जवाबदेही की एक मिसाल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि चार्जशीट में जवाबदेही की श्रृंखला कहाँ तक जाती है — केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक या प्रबंधन के उच्च स्तर तक भी। धार्मिक ट्रस्टों में वित्तीय पारदर्शिता के लिए यह मामला एक नज़ीर बन सकता है, बशर्ते अदालती निगरानी प्रतीकात्मक न रहे।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT की चार्जशीट कब दाखिल होगी?
उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि SIT अगले दो दिनों में, यानी 25 सितंबर 2026 की समयसीमा से पहले, सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल कर देगी। जाँच का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।
राम मंदिर में चोरी की 105 घटनाएँ कैसे सामने आईं?
SIT ने मंदिर परिसर की CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिससे दान की चोरी की 105 घटनाएँ उजागर हुईं। दान-चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड की भी छानबीन की गई।
राम मंदिर के चढ़ावे की कीमती वस्तुएँ कहाँ रखी जाती हैं?
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे में मिली कीमती वस्तुएँ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के लॉकर में रखी जाती हैं और उनकी रसीदें सॉफ्टवेयर के माध्यम से बनाई जाती हैं।
पुनर्गठित SIT का नेतृत्व कौन कर रहा है?
पुनर्गठित SIT की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस. कर रहे हैं। अयोध्या के DIG सोमेन वर्मा और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर इसके सदस्य हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ IPS अधिकारियों को शामिल करते हुए SIT का पुनर्गठन किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया है?
CJI सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार का बयान रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित सेशन जज को कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने की अनुमति दे दी। इससे पहले अदालत ने SIT के पुनर्गठन का भी निर्देश दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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