राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट-निर्देशित नई SIT मंगलवार को अयोध्या पहुँचेगी, 200 लोगों को नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित नई विशेष जांच टीम (SIT) राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को अयोध्या पहुँच सकती है। टीम साक्ष्यों के आधार पर गहन पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
नई SIT का नेतृत्व और संरचना
नई SIT की कमान लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस के हाथों में है। टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा, एसएसपी गौरव ग्रोवर और बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार शामिल हैं। वित्तीय लेन-देन और अभिलेखों की जांच के लिए एक ऑडिटर को भी टीम में जोड़ा जाएगा। यह नई SIT पुरानी SIT से समन्वय कर मामले की नए सिरे से जांच करेगी।
जांच का दायरा
SIT राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के रिकॉर्ड, बैंकिंग प्रक्रिया और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल करेगी। सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जाएगी। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा सकती है।
200 लोगों को नोटिस, पूर्व ट्रस्टी से पूछताछ संभव
SIT ने मंदिर व्यवस्था से जुड़े करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किया है कि वे जांच के दौरान अयोध्या में ही उपस्थित रहें और जनपद न छोड़ें। सूत्रों के अनुसार, जांच के सिलसिले में SIT पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ कर सकती है। चढ़ावे की गिनती करने वाले बैंक कर्मचारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयान की प्रक्रिया शुरू
अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इस मामले की जांच ने नई गति पकड़ी है। गौरतलब है कि यह मामला राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ा है, जिसने पूरे देश में व्यापक चर्चा को जन्म दिया था।
आगे क्या होगा
नई SIT की जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित इस टीम से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपेक्षा की जा रही है।