18 सितंबर 2026
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ममता बनर्जी का ऐलान: नंदीग्राम और असम उपचुनाव में कांग्रेस को TMC का समर्थन

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ममता बनर्जी का ऐलान: नंदीग्राम और असम उपचुनाव में कांग्रेस को TMC का समर्थन

सारांश

नंदीग्राम उपचुनाव में TMC उम्मीदवार के नामांकन वापसी के तुरंत बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम और असम में कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया — यह विपक्षी खेमे में एक नई रणनीतिक पुनर्गठन की शुरुआत हो सकती है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 18 सितंबर 2026 को घोषणा की कि TMC नंदीग्राम और असम उपचुनावों में कांग्रेस को समर्थन देगी।
TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया।
ममता बनर्जी ने BJP पर लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने तथा चुनाव में AI के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
उन्होंने बंगाल में कथित तौर पर 4,000 ईवीएम जलाने की जाँच न होने पर सवाल उठाया।
ममता ने उद्धव ठाकरे के पार्टी चुनाव चिन्ह छीने जाने का उदाहरण देकर भाजपा पर विपक्ष को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 18 सितंबर 2026 को कोलकाता में मीडिया से बातचीत में घोषणा की कि उनकी पार्टी नंदीग्राम और असम में होने वाले उपचुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को समर्थन देगी। बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह कदम 'राष्ट्र के व्यापक हित' में उठाया जा रहा है।

नंदीग्राम में TMC को बड़ा झटका

इस घोषणा से ठीक पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में TMC को एक बड़ा आघात लगा। पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद ही ममता बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस-समर्थन का ऐलान किया, जिसे राजनीतिक हलकों में रणनीतिक पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा पर तीखे आरोप

ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा देश के लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग कर रही है और मतदान से पहले ही यह प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।

बनर्जी ने यह भी दावा किया कि बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बंगाल में भी इसी तरह 'लूटपाट' हुई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भी नहीं बख्शा जा रहा — भाजपा के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को गिरफ्तार किया जाता है और उनके फेसबुक तथा एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाते हैं।

ईवीएम और विपक्षी एकता का मुद्दा

ममता बनर्जी ने बंगाल में कथित तौर पर 4,000 ईवीएम मशीनों में आग लगाने की घटना का ज़िक्र करते हुए पूछा कि इसकी जाँच क्यों नहीं हो रही। उन्होंने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) का पार्टी चुनाव चिन्ह छीने जाने का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों को व्यवस्थित तरीके से कमज़ोर करने की कोशिश में है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी खेमे में आपसी सहयोग और गठबंधन की राजनीति को लेकर कई राज्यों में पुनर्मंथन चल रहा है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

नंदीग्राम सीट का राजनीतिक इतिहास TMC के लिए भावनात्मक रूप से महत्त्वपूर्ण रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी इसी सीट से BJP के शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं। ऐसे में इस सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देना TMC की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सहयोग भविष्य के व्यापक विपक्षी गठजोड़ की पृष्ठभूमि तैयार कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक संकेत है। नंदीग्राम वह सीट है जहाँ ममता बनर्जी 2021 में हार चुकी हैं — वहाँ अपनी उम्मीदवारी हटाकर कांग्रेस को जगह देना TMC की ज़मीनी कमज़ोरी भी उजागर करता है और व्यापक विपक्षी एकता की आकांक्षा भी। असली सवाल यह है कि क्या यह एक-दूसरे की मजबूरी से उपजा अल्पकालिक सहयोग है, या 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा में किसी बड़े गठबंधन की नींव। AI और EVM पर आरोप सुर्खियाँ बटोर सकते हैं, लेकिन बिना ठोस साक्ष्य के ये चुनावी बयानबाज़ी की श्रेणी में ही रहेंगे।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने नंदीग्राम और असम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन क्यों दिया?
ममता बनर्जी ने कहा कि यह समर्थन 'राष्ट्र के व्यापक हित' में दिया जा रहा है। TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद यह घोषणा हुई, जिसे विपक्षी एकता की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
नंदीग्राम उपचुनाव में TMC उम्मीदवार ने नामांकन क्यों वापस लिया?
TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर 2026 को नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके तत्काल बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की, हालाँकि नामांकन वापसी के कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर AI के दुरुपयोग का क्या आरोप लगाया?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों में AI का इस्तेमाल कर रही है और मतदान से पहले ही यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों और आलोचकों के फेसबुक व एक्स अकाउंट ब्लॉक किए जा रहे हैं।
बंगाल में 4,000 ईवीएम जलाने का मामला क्या है?
ममता बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल में 4,000 ईवीएम मशीनों में आग लगाई गई और इसकी कोई जाँच नहीं हो रही। यह उनका एक आरोप है जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
नंदीग्राम सीट का ममता बनर्जी के लिए क्या राजनीतिक महत्त्व है?
नंदीग्राम वह सीट है जहाँ 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी BJP के शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं। इस कारण इस सीट पर अपनी उम्मीदवारी हटाकर कांग्रेस को जगह देना TMC के लिए राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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