नंदीग्राम के स्थानीय निवासियों का बयान: भाजपा इस बार करेगी भारी जीत, टीएमसी का होगा अंत
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा का दावा है कि वे भारी बहुमत से जीतेंगे।
- टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
- ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है।
- चुनाव आयोग ने चुनाव तिथियों की घोषणा की है।
- स्थानीय लोगों का मानना है कि भाजपा की जीत संभव है।
नंदीग्राम, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए नंदीग्राम सीट फिर से चर्चा का विषय बन गई है। मंगलवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में, नंदीग्राम के कई स्थानीय निवासियों ने यह दावा किया कि इस बार भाजपा को भारी बहुमत प्राप्त होगा, जबकि टीएमसी को पूरी तरह से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे जनता में असंतोष है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "इस बार भाजपा की वापसी मजबूत होगी। तृणमूल कांग्रेस सरकार, जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। भाजपा स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं, जैसे आयुष्मान भारत, की नकल कर रही है, लेकिन यह अधिक दिन नहीं चल पाएगा। हमें विश्वास है कि इस बार भाजपा जीत प्राप्त करेगी।"
एक अन्य निवासी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा, "वह स्वयं एक महिला हैं, लेकिन उन्होंने महिलाओं के लिए कुछ विशेष नहीं किया। विकास के क्षेत्र में और न ही बच्चों की शिक्षा के लिए कोई महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।"
इस बीच, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तिथियों की घोषणा की है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों पर वोट डालें जाएंगे।
इस चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के अलावा वाम दल और कांग्रेस भी मैदान में हैं। इसके साथ ही कुछ छोटे दल भी कई सीटों पर प्रभाव रखते हैं, जिससे मुकाबला और रोमांचक हो गया है।
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष भी उपस्थित थे।
इस बार भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को दो सीटों से चुनावी मैदान में उतारा है। नंदीग्राम सीट पर उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को हराया था। इसके अलावा वह भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जो ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है और जहां से उन्होंने सत्ता में आने के बाद तीनों चुनाव जीते हैं।