बड़ा दावा: ममता बनर्जी चौथी बार भारी बहुमत से जीतेंगी — राजद सांसद सुधाकर सिंह
सारांश
Key Takeaways
- राजद सांसद सुधाकर सिंह ने दावा किया कि ममता बनर्जी चौथी बार भारी बहुमत से बंगाल की सत्ता में लौटेंगी।
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर 90%25 से अधिक मतदान दर्ज हुआ।
- आप के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में विलय को सुधाकर सिंह ने ईडी के दबाव का परिणाम बताया।
- राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाने पर सुधाकर सिंह ने कहा वे भाजपा के फायदे का काम कर रहे थे।
- केजरीवाल के घर विवाद पर राजद ने पलटवार करते हुए कहा — सरकारी आवास पर सवाल भाजपा से होना चाहिए, केजरीवाल से नहीं।
- सुधाकर सिंह ने स्पष्ट किया कि पंजाब में भाजपा का खाता नहीं खुलेगा और इंडिया ब्लॉक मजबूत बना रहेगा।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस बार भी सत्ता में वापसी करेगी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी बहुमत के साथ लगातार चौथी बार बंगाल की सत्ता संभालेंगी।
90%25 से अधिक मतदान — ममता की जीत का संकेत: सुधाकर सिंह
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि बंगाल में स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा, "बंगाल में यह बहुत साफ है कि सीएम ममता बनर्जी बहुमत के साथ वापस आएंगी।" उनके अनुसार, बंगाल के लोगों ने अपनी अस्मिता और अस्तित्व की रक्षा के लिए भारी संख्या में मतदान किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाले प्रवासी बंगाली मतदाताओं ने भी बड़े पैमाने पर वोटिंग में हिस्सा लिया। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर 90 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिसे सुधाकर सिंह ने टीएमसी के पक्ष में बड़ा संकेत बताया।
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इस स्तर का मतदान प्रतिशत कभी नहीं देखा जाता। उनके मुताबिक, यह उच्च मतदान दर स्वाभाविक रूप से ममता बनर्जी की बड़ी जीत की ओर इशारा करती है।
आप सांसदों का भाजपा में विलय — केंद्रीय एजेंसियों का दबाव?
आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने पर सुधाकर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पंजाब के सांसदों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे के बाद यह अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था कि केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में आप के सांसदों को तोड़ने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से इसीलिए हटाया था, क्योंकि वे भाजपा के हित में काम कर रहे थे। सुधाकर सिंह ने स्पष्ट किया कि इन सांसदों के जाने से केजरीवाल या इंडिया ब्लॉक को कोई राजनीतिक नुकसान नहीं होगा और पंजाब में भाजपा का खाता खुलने वाला नहीं है।
केजरीवाल के घर पर विवाद — राजद का पलटवार
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा अरविंद केजरीवाल के आवास को लेकर लगाए गए आरोपों पर राजद सांसद सुधाकर सिंह ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का कोई निजी मकान नहीं है। अगर उन्होंने सरकारी आवास से अलग अपना घर बनाया होता, तभी यह आरोप तार्किक होते।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अगर सरकारी घर में कोई सजावट हुई है तो भाजपा को अपनी ही सरकार से सवाल करना चाहिए — क्योंकि केंद्र और दिल्ली दोनों में उनकी सरकार है।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब शीशमहल का निर्माण भाजपा के कार्यकाल में हुआ, तो दोष केजरीवाल पर क्यों? "क्या भाजपा को केजरीवाल से डर लगता है?" — यह सवाल उन्होंने सीधे भाजपा से पूछा।
बंगाल चुनाव का राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 कई चरणों में संपन्न हो रहे हैं। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है और दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। टीएमसी, भाजपा और कांग्रेस-वाम गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी ने भाजपा को करारी शिकस्त देते हुए 294 में से 213 सीटें जीती थीं। उस चुनाव में भी उच्च मतदान प्रतिशत को टीएमसी की जीत का प्रमुख कारक माना गया था। सुधाकर सिंह का यह बयान उसी ऐतिहासिक संदर्भ को आधार बनाकर दिया गया प्रतीत होता है।
आने वाले चरणों के नतीजे और मतदान प्रतिशत यह तय करेंगे कि राजद सांसद का यह दावा कितना सटीक साबित होता है। सभी की निगाहें अब मतगणना दिवस पर टिकी हैं।