13 सितंबर 2026
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ममता बनर्जी नंदीग्राम से लड़ सकती हैं उपचुनाव, चुनाव आयोग में TMC के 'असली' चिह्न पर जंग

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ममता बनर्जी नंदीग्राम से लड़ सकती हैं उपचुनाव, चुनाव आयोग में TMC के 'असली' चिह्न पर जंग

सारांश

नंदीग्राम — जहाँ 2021 में ममता हारी थीं — वही सीट अब उनकी राजनीतिक वापसी का मंच बन सकती है। लेकिन पहले चुनाव आयोग को तय करना होगा कि 'असली' TMC कौन है। 6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले यह जंग पार्टी के भविष्य और ममता के पुनरुत्थान दोनों को परिभाषित करेगी।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों — ममता बनर्जी के 'कालीघाट' गुट और रिताब्रता बनर्जी के गुट — को पार्टी के आधिकारिक नाम और चिह्न पर दावा पेश करने का समय दिया।
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होगा; नामांकन की अंतिम तिथि बुधवार है।
ममता बनर्जी के नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ने की अटकलें हैं, हालाँकि उनके गुट ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
रिताब्रता गुट ने कहा कि ममता के उतरने पर वे नंदीग्राम में उम्मीदवार नहीं उतारेंगे, जिससे BJP को सीधा फायदा मिलने की आशंका है।
हुमायूं कबीर ने ममता को रेजीनगर से लड़ने का न्योता दिया है; कबीर को बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने के विवाद के बाद TMC ने निलंबित किया था।
चुनाव हार, नेताओं के पाला बदलने और अभिषेक बनर्जी सहित कई नेताओं पर कानूनी कार्रवाई के बाद ममता गुट राजनीतिक रूप से कमज़ोर स्थिति में है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नंदीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने की संभावना पर राजनीतिक अटकलें तेज़ हो गई हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग ने शनिवार, 13 सितंबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो गुटों को पार्टी के आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न पर अपना-अपना दावा प्रस्तुत करने के लिए समय दिया। 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले उपचुनाव से पहले इस विवाद का निपटारा ज़रूरी है।

दो गुट, एक दावा

TMC में इस समय दो धड़े आमने-सामने हैं। पहला गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, जिसे उनके निवास के कारण अनौपचारिक रूप से 'कालीघाट तृणमूल' कहा जाता है। दूसरा गुट पूर्व वामपंथी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में है।

दोनों गुट पार्टी के आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न — 'जोड़ा फूल' — पर अपना हक़ जताते हैं। चुनाव आयोग इस मामले में सुनवाई कर रहा है और उपचुनाव से पहले फैसला आने की उम्मीद है।

कौन-सी सीटें हैं खाली

पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटें — नंदीग्राम और रेजीनगर — उपचुनाव के लिए तैयार हैं। नंदीग्राम सीट मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भवानीपुर के लिए इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है।

वहीं रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे से खाली हुई, जो अयोध्या की बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने के विवादित फैसले के कारण TMC से निलंबित किए जा चुके हैं। कबीर ने अपनी नावदा सीट अपने पास रखी। उन्होंने ममता बनर्जी को रेजीनगर से चुनाव लड़ने का 'न्योता' भी दिया है और दावा किया है कि वे वहाँ उनकी जीत सुनिश्चित कर सकते हैं।

नंदीग्राम का इतिहास और ममता का राजनीतिक दांव

नंदीग्राम सीट ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी इसी सीट से तत्कालीन TMC नेता, अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं। इसके बाद उन्हें तीसरी बार लगातार मुख्यमंत्री बने रहने के लिए भवानीपुर से उपचुनाव लड़ना पड़ा था। नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ना उनके लिए उस हार का 'बदला' और राजनीतिक पुनर्स्थापना दोनों साबित हो सकता है।

हालांकि, ममता बनर्जी या उनके गुट ने अभी तक उपचुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

विपक्षी गुट का रुख और BJP का समीकरण

रिताब्रता गुट के सदस्यों ने संकेत दिया है कि यदि ममता बनर्जी स्वयं नंदीग्राम से मैदान में उतरती हैं, तो वे अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी ने भी इसकी पुष्टि की, हालाँकि उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अगर ममता जीतती भी हैं तो विधानसभा में उनका प्रवेश दोबारा मतदान (रीपोल) के ज़रिए ही होगा — उनकी लगातार दो पूर्व हारों और एक मामले में रीपोल के बाद मिली जीत का संदर्भ देते हुए।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि रिताब्रता गुट का उम्मीदवार मैदान में न हो, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नंदीग्राम में फायदा मिल सकता है। रिताब्रता गुट के होने पर ममता-विरोधी वोट बँट सकते हैं, जिससे BJP विरोधी मतदाताओं के पास भी एक विकल्प होगा।

TMC गुट की मौजूदा कमज़ोर स्थिति

गौरतलब है कि ममता बनर्जी का गुट इस समय कई मोर्चों पर दबाव में है। 2026 के विधानसभा चुनाव में हार, कई वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और विधायकों के पाला बदलने, तथा ममता के भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई अन्य नेताओं की गिरफ़्तारी या उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही ने पार्टी को कमज़ोर किया है।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बुधवार है और 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग का फैसला और ममता गुट का आधिकारिक रुख इस राजनीतिक समीकरण को तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसके 'असली' होने का फैसला अब चुनाव आयोग के हाथ में है। रिताब्रता गुट का यह कहना कि वे ममता के उतरने पर उम्मीदवार नहीं लाएंगे — रणनीतिक उदारता नहीं, बल्कि कमज़ोरी का स्वीकार भी हो सकता है। असली प्रश्न यह है कि क्या मतदाता 2026 की हारी हुई TMC को फिर से मौका देंगे, या नंदीग्राम एक बार फिर उनके लिए कठिन साबित होगा।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी नंदीग्राम से उपचुनाव क्यों लड़ना चाहती हैं?
नंदीग्राम वह सीट है जहाँ ममता बनर्जी 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं। यह सीट अब सुवेंदु अधिकारी के भवानीपुर के लिए इस्तीफे के बाद खाली हुई है और ममता के लिए इसे जीतना राजनीतिक पुनर्स्थापना का अवसर माना जा रहा है।
TMC के दोनों गुटों का विवाद क्या है?
तृणमूल कांग्रेस में दो गुट हैं — एक ममता बनर्जी के नेतृत्व में और दूसरा रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में। दोनों गुट पार्टी के आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा जता रहे हैं और चुनाव आयोग इस विवाद की सुनवाई कर रहा है।
पश्चिम बंगाल का उपचुनाव कब और किन सीटों पर होगा?
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बुधवार निर्धारित है।
रिताब्रता गुट ने नंदीग्राम में उम्मीदवार न उतारने की बात क्यों कही?
रिताब्रता बनर्जी के गुट ने कहा है कि यदि ममता बनर्जी स्वयं नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ती हैं, तो वे अपना प्रत्याशी नहीं उतारेंगे। रिताब्रता बनर्जी ने इसकी पुष्टि करते हुए व्यंग्य में यह भी जोड़ा कि ममता की जीत की स्थिति में भी उनका विधानसभा प्रवेश रीपोल के ज़रिए होगा।
हुमायूं कबीर कौन हैं और रेजीनगर सीट कैसे खाली हुई?
हुमायूं कबीर पूर्व TMC विधायक हैं जिन्हें मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने के विवादास्पद फैसले के बाद पार्टी ने निलंबित कर दिया था। उनके इस्तीफे के बाद रेजीनगर सीट रिक्त हुई और उन्होंने ममता बनर्जी को इसी सीट से चुनाव लड़ने का न्योता दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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