चुनाव आयोग से मिले TMC बागी गुट के 10 विधायक, रितब्रत बनर्जी बोले — हम ही असली तृणमूल, दो तिहाई बहुमत हमारे साथ
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (बागी गुट) के 10 विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को नई दिल्ली में चुनाव आयोग (ECI) की पूर्ण पीठ से मुलाकात की। बैठक के बाद बनर्जी ने मीडिया के सामने दावा किया कि उनका गुट ही असली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस है और उनके पास दो-तिहाई से अधिक बहुमत है।
मुख्य घटनाक्रम
22 जून को कोलकाता में आयोजित एक प्रतिनिधि सत्र के आधार पर इस गुट ने अरूप राय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (बागी गुट) का चेयरपर्सन चुना। सत्र के अगले ही दिन, 23 जून को, इस गुट ने चुनाव आयोग से मुलाकात का समय माँगा था। बनर्जी ने बताया कि आयोग ने जितने सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दी, उतने लेकर वे दिल्ली पहुँचे और पूरी बेंच ने उनसे मुलाकात की।
रितब्रत बनर्जी के दावे
बनर्जी ने कहा, "हम ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस हैं। दो तिहाई से भी ज़्यादा विधायक, जिला परिषद के सदस्य, पार्षद — सभी हमारे साथ हैं। ऐसे में पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर माँग की कोई बात ही नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि जब भी पार्टी में इस तरह का सत्र हो, चुनाव आयोग को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए।
भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर निशाना
बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एक जमीनी पार्टी पर धीरे-धीरे एक व्यक्ति का वर्चस्व स्थापित हो गया और कथित तौर पर एक नौकरशाह ने उस पर कब्जा कर लिया। उन्होंने रेत, कोयला, डोलोमाइट और मवेशी तस्करी जैसे कथित सिंडिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बनर्जी के अनुसार, "तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मिला जनमत असल में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी एक फैसला है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि गुट की सामूहिक आवाज़ है। साथ ही कहा कि बंगाल की जनता परिवारवाद को समर्थन नहीं करती।
आगे क्या होगा
बनर्जी ने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग जल्द ही उनके गुट से संपर्क करेगा। पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतिम निर्णय ECI के पास है, जो दोनों गुटों के दावों की समीक्षा के बाद आदेश जारी करेगा। यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए।