टीएमसी बागी विधायकों की कमेटी बेमानी, ममता के साथ 90% कार्यकर्ता: सौगत रॉय
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 23 जून 2026 को स्पष्ट किया कि पार्टी के बागी विधायकों द्वारा गठित कमेटी की कोई राजनीतिक वैधता नहीं है और ममता बनर्जी के साथ पार्टी के लगभग 90 फीसदी कार्यकर्ता खड़े हैं। यह बयान उस दिन आया जब बागी गुट ने न्यू टाउन के नोवोटेल होटल में बैठक कर ममता को TMC चेयरपर्सन पद से हटाने और हावड़ा सेंट्रल के विधायक अरूप रॉय को नया चेयरपर्सन नियुक्त करने का ऐलान किया।
बागी गुट का घटनाक्रम
बागी विधायकों ने सोमवार को हुई बैठक में न केवल ममता बनर्जी को पार्टी की चेयरपर्सन पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया, बल्कि पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी निलंबित करने की घोषणा की। इस गुट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा ठोका है।
सौगत रॉय की तीखी प्रतिक्रिया
सांसद सौगत रॉय ने इस पूरे घटनाक्रम को 'मजाक और सर्कस' करार दिया। उन्होंने कहा, 'न्यू टाउन के नोवोटेल होटल में इतनी बड़ी सभा के लिए जरूर किसी ने फंडिंग की होगी। तृणमूल कांग्रेस को ममता बनर्जी ने बनाया था और उन्होंने संघर्ष करके पार्टी को खड़ा किया। सिर्फ 29 विधायकों से शुरू होकर पार्टी पाँच साल के अंदर बंगाल में सत्ता में आ गई।' उन्होंने आरोप लगाया कि बागी विधायकों ने 'भाजपा और सीआईएम की कमेटी बनाई है' और यह गुट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पैसे पर चलेगा।
चुनाव आयोग और पार्टी चिह्न विवाद
चुनाव चिह्न के सवाल पर सौगत रॉय ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग पार्टी का चुनाव चिह्न चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत तय करता है। उन्होंने कहा, 'अगर हमें बुलाया गया, तो हम वहाँ जवाब देंगे। बागी विधायक जो कमेटी बना रहे हैं, उन्हें किसी भी विधानसभा क्षेत्र में सफलता नहीं मिलेगी।' गौरतलब है कि चुनाव चिह्न विवाद में आयोग का फैसला पार्टी की कानूनी पहचान के लिए निर्णायक होगा।
BJP बजट पर भी निशाना
सौगत रॉय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के बजट पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 1 लाख नौकरियों में 33 फीसदी महिला आरक्षण की घोषणा सकारात्मक है, लेकिन 30 फीसदी अल्पसंख्यकों के बजट में कटौती की आलोचना की। उनके अनुसार सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय की अनदेखी की है।
आगे क्या
TMC के भीतर यह टकराव ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं। बागी गुट का चुनाव आयोग में दावा और मुख्य धड़े की जवाबी रणनीति — दोनों मिलकर तय करेंगे कि TMC का भविष्य किस दिशा में जाएगा।