सुवेंदु अधिकारी 28 जुलाई को दिल्ली में 20 बागी TMC सांसदों से मिलेंगे, अयोग्यता याचिका के बीच अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए 20 पूर्व लोकसभा सांसदों से मुलाकात करने वाले हैं। यह बैठक ऐसे नाजुक राजनीतिक माहौल में हो रही है, जब TMC इन सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) के तहत अयोग्य ठहराने की पूरी कोशिश में जुटी है।
बैठक की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ये 20 सांसद TMC छोड़कर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक नई दिल्ली स्थित बंगा भवन में मंगलवार को निर्धारित की गई है। हालाँकि आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
TMC का अयोग्यता अभियान
यह बैठक TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखे जाने के ठीक एक दिन बाद हो रही है। अभिषेक बनर्जी ने इस पत्र में बागी सांसदों के खिलाफ दायर डिसक्वालिफिकेशन याचिका को शीघ्र निपटाने का अनुरोध किया था। इससे पहले अभिषेक बनर्जी, TMC सांसद महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी स्पीकर ओम बिरला से व्यक्तिगत रूप से मिलकर सभी बागी सांसदों को तत्काल अयोग्य घोषित करने की माँग कर चुके हैं।
लोकसभा में स्थिति
गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक इन सांसदों के NCPI में विलय को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है। बावजूद इसके, संसद में इन सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था पहले ही कर दी गई है — जो एक महत्त्वपूर्ण प्रक्रियागत संकेत है।
बैठक का संभावित एजेंडा
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि बैठक में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (MPLAD) फंड के बेहतर उपयोग और राज्य सरकार के साथ समन्वय पर चर्चा हो सकती है। राज्य भाजपा के एक नेता ने कहा, 'इस बात पर चर्चा हो सकती है कि ये सांसद संसद के मानसून सत्र के दौरान पश्चिम बंगाल से जुड़े कौन से मुद्दे सदन में उठाएंगे।'
आगे क्या होगा
यह बैठक संसद के मानसून सत्र के बीच हो रही है, जिससे इन बागी सांसदों की भूमिका और रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है। अयोग्यता याचिका पर लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय इन सांसदों के राजनीतिक भविष्य को तय करने में निर्णायक साबित होगा।