TMC के 20 बागी सांसद: 'कूड़ेदान से उठाए गए लोग ममता को दे रहे धोखा' — रामगोपाल यादव
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने सोमवार, 15 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला और कहा कि जिन्हें ममता बनर्जी ने शून्य से उठाकर राजनीतिक ऊँचाई दी, वे ही आज उनके साथ विश्वासघात कर रहे हैं। यह बयान उस वक्त आया जब बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
रामगोपाल यादव का बयान
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रामगोपाल यादव ने कहा, 'जिन लोगों को ममता बनर्जी ने 'कूड़ेदान' से उठाकर मंत्री, विधायक और सांसद बनाया, वे ही अब उन्हें धोखा दे रहे हैं।' यह बयान TMC के भीतर उभरे संकट को लेकर विपक्षी खेमे की प्रतिक्रिया का हिस्सा है।
रामगोपाल यादव ने इसी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भी आलोचना की। उनका कहना था, 'भाजपा क्षेत्रीय दलों को नहीं, बल्कि संविधान को कमज़ोर कर रही है और देश को बाँटने की दिशा में काम कर रही है।'
TMC में बगावत की पृष्ठभूमि
तृणमूल कांग्रेस में यह विद्रोह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उभरा। पहले पार्टी के विधायकों का एक धड़ा ममता बनर्जी से अलग हुआ, और अब सांसदों का एक बड़ा वर्ग खुलेआम बगावत पर उतर आया है। बागी सांसदों का दावा है कि उनके साथ 20 से अधिक लोकसभा सदस्यों का समर्थन है।
गौरतलब है कि बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की, जिसे राजनीतिक हलकों में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
TMC की संसदीय ताकत पर असर
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान में 28 सांसद हैं। यदि 20 सांसद अलग हो जाते हैं, तो पार्टी की संख्या घटकर मात्र 8 रह जाएगी — जो संसद में उसकी प्रभावशीलता को गंभीर रूप से कमज़ोर करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन में एक प्रमुख भूमिका निभाने की कोशिश कर रही हैं।
बागियों का अगला कदम
रिपोर्टों के अनुसार, बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी (NCPI) के साथ विलय की चर्चाएँ चल रही हैं। इसके अलावा, इन सांसदों ने केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का संकेत दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक नई धुरी बना सकता है।