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TMC के 20 बागी सांसद: 'कूड़ेदान से उठाए गए लोग ममता को दे रहे धोखा' — रामगोपाल यादव

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TMC के 20 बागी सांसद: 'कूड़ेदान से उठाए गए लोग ममता को दे रहे धोखा' — रामगोपाल यादव

सारांश

ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा आंतरिक संकट सामने आया है — 28 में से 20 सांसद बागी। सपा नेता रामगोपाल यादव ने इसे 'एहसान फरामोशी' करार दिया। बागियों के NDA समर्थन और NCPI विलय की चर्चाओं ने बंगाल की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।

मुख्य बातें

सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने 15 जून 2026 को TMC के बागी सांसदों को 'एहसानफरामोश' करार दिया।
बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की; दावा है कि उनके साथ 20 से अधिक सांसद हैं।
लोकसभा में TMC के 28 सांसद हैं — 20 के टूटने से पार्टी की संख्या घटकर 8 रह जाएगी।
बागी सांसदों के NCPI में विलय और केंद्र में NDA को समर्थन देने की चर्चाएँ जारी हैं।
रामगोपाल यादव ने BJP पर भी निशाना साधा — कहा, वह 'संविधान को कमज़ोर' कर रही है।

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने सोमवार, 15 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला और कहा कि जिन्हें ममता बनर्जी ने शून्य से उठाकर राजनीतिक ऊँचाई दी, वे ही आज उनके साथ विश्वासघात कर रहे हैं। यह बयान उस वक्त आया जब बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

रामगोपाल यादव का बयान

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रामगोपाल यादव ने कहा, 'जिन लोगों को ममता बनर्जी ने 'कूड़ेदान' से उठाकर मंत्री, विधायक और सांसद बनाया, वे ही अब उन्हें धोखा दे रहे हैं।' यह बयान TMC के भीतर उभरे संकट को लेकर विपक्षी खेमे की प्रतिक्रिया का हिस्सा है।

रामगोपाल यादव ने इसी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भी आलोचना की। उनका कहना था, 'भाजपा क्षेत्रीय दलों को नहीं, बल्कि संविधान को कमज़ोर कर रही है और देश को बाँटने की दिशा में काम कर रही है।'

TMC में बगावत की पृष्ठभूमि

तृणमूल कांग्रेस में यह विद्रोह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उभरा। पहले पार्टी के विधायकों का एक धड़ा ममता बनर्जी से अलग हुआ, और अब सांसदों का एक बड़ा वर्ग खुलेआम बगावत पर उतर आया है। बागी सांसदों का दावा है कि उनके साथ 20 से अधिक लोकसभा सदस्यों का समर्थन है।

गौरतलब है कि बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की, जिसे राजनीतिक हलकों में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

TMC की संसदीय ताकत पर असर

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान में 28 सांसद हैं। यदि 20 सांसद अलग हो जाते हैं, तो पार्टी की संख्या घटकर मात्र 8 रह जाएगी — जो संसद में उसकी प्रभावशीलता को गंभीर रूप से कमज़ोर करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन में एक प्रमुख भूमिका निभाने की कोशिश कर रही हैं।

बागियों का अगला कदम

रिपोर्टों के अनुसार, बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी (NCPI) के साथ विलय की चर्चाएँ चल रही हैं। इसके अलावा, इन सांसदों ने केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का संकेत दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक नई धुरी बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि TMC के भीतर इतनी बड़ी बगावत अचानक क्यों फूटी। पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद पार्टी में असंतोष की जड़ें गहरी थीं, और 20 सांसदों का एकजुट होकर NDA की ओर झुकना महज़ अवसरवाद नहीं, बल्कि ममता के केंद्रीकृत नेतृत्व शैली के प्रति संचित नाराज़गी का प्रतिफल भी हो सकता है। यह घटनाक्रम विपक्षी एकता के लिए भी एक चेतावनी है — जब क्षेत्रीय दलों के भीतर ही टूट हो, तो राष्ट्रीय मोर्चेबंदी कितनी टिकाऊ होगी, यह सोचने वाला सवाल है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC के 20 बागी सांसद कौन हैं और उन्होंने क्या किया?
तृणमूल कांग्रेस के 20 से अधिक लोकसभा सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत की है और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। ये सांसद NCPI में विलय और NDA को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं।
रामगोपाल यादव ने TMC बागियों पर क्या कहा?
सपा नेता रामगोपाल यादव ने फिरोजाबाद में पत्रकारों से कहा कि ममता बनर्जी ने जिन्हें 'कूड़ेदान से उठाकर' मंत्री, विधायक और सांसद बनाया, वे ही अब उन्हें धोखा दे रहे हैं। उन्होंने इसे स्पष्ट विश्वासघात करार दिया।
TMC में यह बगावत कब और क्यों शुरू हुई?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद TMC में असंतोष उभरा। पहले विधायकों का एक धड़ा अलग हुआ, फिर सांसदों ने खुलेआम बगावत की। पार्टी नेतृत्व और टिकट वितरण को लेकर आंतरिक नाराज़गी इसकी प्रमुख वजह बताई जा रही है।
20 सांसदों के टूटने से TMC की लोकसभा में क्या स्थिति होगी?
लोकसभा में TMC के वर्तमान में 28 सांसद हैं। 20 के अलग होने पर पार्टी की संख्या घटकर केवल 8 रह जाएगी, जिससे वह एक प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका खोने के कगार पर आ जाएगी।
बागी TMC सांसद किस पार्टी में जा सकते हैं?
रिपोर्टों के अनुसार बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी (NCPI) में विलय की चर्चाएँ चल रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र में NDA सरकार को समर्थन देने का भी संकेत दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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