24 जुलाई 2026
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टीएमसी में बगावत पर कीर्ति आजाद का हमला: 20 सांसदों को बताया 'गद्दार', बोले- 'राजनीतिक नैतिकता है तो इस्तीफा दो'

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टीएमसी में बगावत पर कीर्ति आजाद का हमला: 20 सांसदों को बताया 'गद्दार', बोले- 'राजनीतिक नैतिकता है तो इस्तीफा दो'

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद TMC में उबाल — कीर्ति आजाद ने बागी 20 सांसदों को 'गद्दार' बुलाकर इस्तीफे की खुली चुनौती दी। काकोली घोष और सुखेंदु शेखर रॉय प्रकरण का हवाला देते हुए उन्होंने BJP में विलय की राह को भी उजागर किया।

मुख्य बातें

TMC सांसद कीर्ति आजाद ने 9 जून को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बागी सांसदों को खुलेआम 'गद्दार' बताया।
पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद करीब 20 सांसदों के बगावत पर उतरने की चर्चाएँ हैं।
आजाद ने कहा — अगर राजनीतिक नैतिकता है तो बागी सांसदों को भी सुखेंदु शेखर रॉय की तरह इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने चेताया कि BJP में विलय के लिए दो-तिहाई संख्या साबित करनी होगी, अन्यथा दल-बदल विरोधी कानून लागू होगा।
TMC सांसद काकोली घोष पर आरोप लगाते हुए माँग की कि वे लोकसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी सार्वजनिक करें।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद ने 9 जून को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के बागी सांसदों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें खुलेआम 'गद्दार' करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बागी सांसदों को पार्टी से शिकायत है तो उन्हें इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ देनी चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC के करीब 20 सांसदों के बगावत पर उतरने की चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

कीर्ति आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'पश्चिम बंगाल में 'मां-माटी-मानुष' के नाम पर TMC के 29 सांसद जीतकर आए थे। उनमें से एक का निधन हो चुका है, इसलिए अब 28 सांसद बचे हैं।' उन्होंने बागी सांसदों पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के बाद परेशानी जाहिर करना राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है — यह बात चुनाव से पहले कही जानी चाहिए थी।

आजाद ने कहा, 'मैं गद्दारों से जानना चाहता हूँ कि अगर तकलीफ हो रही थी तो चुनाव के बाद यह परेशानी क्यों जाहिर की। चुनावों के पहले जाहिर करनी चाहिए थी।'

सुखेंदु शेखर रॉय प्रकरण का संदर्भ

कीर्ति आजाद ने पूर्व TMC सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का उदाहरण देते हुए कहा कि रॉय ने आरोप लगाने के बाद पार्टी से इस्तीफा दिया — 'वो सही हैं या गलत, यह जाँच का विषय है, लेकिन उन्होंने नैतिकता दिखाई।' उन्होंने बागी सांसदों से भी यही नैतिकता अपनाने की माँग की। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब TMC पश्चिम बंगाल में चुनावी झटके से उबरने की कोशिश कर रही है।

भाजपा में विलय की चेतावनी

आजाद ने कहा कि यदि बागी सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में जाना चाहते हैं, तो उन्हें पहले यह स्पष्ट करना होगा कि उनके पास वास्तव में कितने सांसद हैं — और क्या वह संख्या दो-तिहाई की सीमा पार करती है। उन्होंने कहा, 'अगर आपके झूठ को सच भी मान लूँ कि आपके पास 20-22 सांसद हैं, तो आपको BJP में विलय करना ही होगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि NDA एक पार्टी नहीं, बल्कि एक संगठन है।

काकोली घोष पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कीर्ति आजाद ने TMC सांसद काकोली घोष पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'काकोली घोष के साथ क्या भ्रष्टाचार हुआ — उन्हें ममता बनर्जी ने सांसद बनाया। वे पाँच बार चुनाव हार चुकी थीं।' उन्होंने माँग की कि घोष वह चिट्ठी सार्वजनिक करें जो उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को दी है।

आगे क्या होगा

TMC नेतृत्व के लिए यह आंतरिक संकट नाजुक मोड़ पर है। यदि बागी सांसद संख्या-बल साबित करने में सफल होते हैं, तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। कीर्ति आजाद की यह सार्वजनिक चेतावनी पार्टी की ओर से बागियों को अंतिम संदेश माना जा रहा है — या तो पार्टी लाइन पर लौटें, या खुलकर बाहर जाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे खुद दूसरी पार्टियों से TMC में आए हैं। असली सवाल यह नहीं कि बागी सांसद 'गद्दार' हैं या नहीं — असली सवाल यह है कि पार्टी नेतृत्व ने चुनाव के बाद इन सांसदों की शिकायतों को पहले क्यों नहीं सुना। सार्वजनिक धमकी से अंदरूनी दरारें भरती नहीं, बल्कि और गहरी होती हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीर्ति आजाद ने TMC बागी सांसदों को 'गद्दार' क्यों कहा?
कीर्ति आजाद ने पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद बगावत पर उतरे करीब 20 TMC सांसदों को 'गद्दार' बताया, क्योंकि उनके अनुसार इन सांसदों ने चुनाव जीतने के बाद शिकायतें जाहिर कीं — जो राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है।
TMC में बगावत करने वाले सांसदों की संख्या कितनी बताई जा रही है?
रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद TMC के करीब 20 सांसदों के बागी होने की चर्चाएँ हैं। पार्टी के कुल 28 सांसद हैं — 29 में से एक का निधन हो चुका है।
सुखेंदु शेखर रॉय का TMC विवाद से क्या संबंध है?
सुखेंदु शेखर रॉय ने TMC पर आरोप लगाने के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। कीर्ति आजाद ने उन्हें 'राजनीतिक नैतिकता' का उदाहरण बताते हुए बागी सांसदों से भी यही कदम उठाने की माँग की।
काकोली घोष विवाद क्या है?
कीर्ति आजाद ने TMC सांसद काकोली घोष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ममता बनर्जी ने सांसद बनाया, जबकि वे पाँच बार चुनाव हार चुकी थीं। उन्होंने माँग की कि घोष लोकसभा अध्यक्ष को लिखी वह चिट्ठी सार्वजनिक करें जिसका जिक्र हो रहा है।
क्या TMC के बागी सांसद BJP में शामिल हो सकते हैं?
कीर्ति आजाद के अनुसार, BJP में विलय के लिए बागी सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत दो-तिहाई संख्या साबित करनी होगी। उन्होंने कहा कि NDA एक पार्टी नहीं बल्कि संगठन है, और विलय की प्रक्रिया कानूनी रूप से जटिल होगी।
राष्ट्र प्रेस
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