टीएमसी में बगावत पर कीर्ति आजाद का हमला: 20 सांसदों को बताया 'गद्दार', बोले- 'राजनीतिक नैतिकता है तो इस्तीफा दो'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद ने 9 जून को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के बागी सांसदों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें खुलेआम 'गद्दार' करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बागी सांसदों को पार्टी से शिकायत है तो उन्हें इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ देनी चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC के करीब 20 सांसदों के बगावत पर उतरने की चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कीर्ति आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'पश्चिम बंगाल में 'मां-माटी-मानुष' के नाम पर TMC के 29 सांसद जीतकर आए थे। उनमें से एक का निधन हो चुका है, इसलिए अब 28 सांसद बचे हैं।' उन्होंने बागी सांसदों पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के बाद परेशानी जाहिर करना राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है — यह बात चुनाव से पहले कही जानी चाहिए थी।
आजाद ने कहा, 'मैं गद्दारों से जानना चाहता हूँ कि अगर तकलीफ हो रही थी तो चुनाव के बाद यह परेशानी क्यों जाहिर की। चुनावों के पहले जाहिर करनी चाहिए थी।'
सुखेंदु शेखर रॉय प्रकरण का संदर्भ
कीर्ति आजाद ने पूर्व TMC सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का उदाहरण देते हुए कहा कि रॉय ने आरोप लगाने के बाद पार्टी से इस्तीफा दिया — 'वो सही हैं या गलत, यह जाँच का विषय है, लेकिन उन्होंने नैतिकता दिखाई।' उन्होंने बागी सांसदों से भी यही नैतिकता अपनाने की माँग की। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब TMC पश्चिम बंगाल में चुनावी झटके से उबरने की कोशिश कर रही है।
भाजपा में विलय की चेतावनी
आजाद ने कहा कि यदि बागी सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में जाना चाहते हैं, तो उन्हें पहले यह स्पष्ट करना होगा कि उनके पास वास्तव में कितने सांसद हैं — और क्या वह संख्या दो-तिहाई की सीमा पार करती है। उन्होंने कहा, 'अगर आपके झूठ को सच भी मान लूँ कि आपके पास 20-22 सांसद हैं, तो आपको BJP में विलय करना ही होगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि NDA एक पार्टी नहीं, बल्कि एक संगठन है।
काकोली घोष पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कीर्ति आजाद ने TMC सांसद काकोली घोष पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'काकोली घोष के साथ क्या भ्रष्टाचार हुआ — उन्हें ममता बनर्जी ने सांसद बनाया। वे पाँच बार चुनाव हार चुकी थीं।' उन्होंने माँग की कि घोष वह चिट्ठी सार्वजनिक करें जो उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को दी है।
आगे क्या होगा
TMC नेतृत्व के लिए यह आंतरिक संकट नाजुक मोड़ पर है। यदि बागी सांसद संख्या-बल साबित करने में सफल होते हैं, तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। कीर्ति आजाद की यह सार्वजनिक चेतावनी पार्टी की ओर से बागियों को अंतिम संदेश माना जा रहा है — या तो पार्टी लाइन पर लौटें, या खुलकर बाहर जाएँ।