31 जुलाई 2026
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टीएमसी में बगावत पर कीर्ति आजाद का बड़ा बयान: 'कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं, लिस्टें बदलती रहती हैं'

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टीएमसी में बगावत पर कीर्ति आजाद का बड़ा बयान: 'कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं, लिस्टें बदलती रहती हैं'

सारांश

टीएमसी में बगावत की अटकलों के बीच सांसद कीर्ति आजाद ने साफ कहा — न कोई औपचारिक इस्तीफा, न कोई विश्वसनीय सूची। साथ ही पश्चिम बंगाल में 25 मौतों और हज़ारों की हिरासत का मामला उठाया। बागियों को दो-टूक: भाजपा जाना है तो खुलकर जाएं।

मुख्य बातें

कीर्ति आजाद ने कहा कि 8 जून को स्पीकर से मुलाकात के बावजूद किसी भी बागी सांसद ने अब तक कोई औपचारिक दस्तावेज़ नहीं सौंपा।
तीन सांसदों ने आजाद को बताया कि उन्होंने कागजात पर दस्तखत किए थे, लेकिन कथित तौर पर नाम वापस लेने से रोका जा रहा है।
बागियों की सूचियाँ रोज़ बदल रही हैं — एक दिन 19 नाम , अगले दिन अलग — आजाद ने इन्हें अविश्वसनीय बताया।
पश्चिम बंगाल में लगभग 25 लोगों की मौत और 7 की हिरासत में मौत की खबर, कोई एफआईआर दर्ज नहीं।
आजाद की सुरक्षा से होम गार्ड और पीएसओ दोनों हटाए गए; उन्होंने कहा — 'मैं डरता नहीं।' बागियों को दो-टूक: BJP में जाना है तो खुलकर जाएं, TMC का नाम इस्तेमाल न करें।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में पार्टी छोड़ने की अटकलों और बागी सांसदों की बदलती सूचियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब तक किसी ने भी औपचारिक रूप से कुछ नहीं सौंपा है। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी किसने छोड़ी है, क्या कोई सूची है और क्या किसी ने स्पीकर को कोई दस्तावेज़ सौंपा है।

औपचारिक इस्तीफे की स्थिति

कीर्ति आजाद ने स्पष्ट किया कि बागी सांसद 8 जून को लोकसभा अध्यक्ष से मिले थे, लेकिन अब तक कोई औपचारिक दस्तावेज़ नहीं सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि तीन सांसदों ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बताया है कि उन्होंने कुछ कागजात पर दस्तखत किए थे, लेकिन अब वे अपना नाम वापस लेना चाहते हैं और कथित तौर पर उन्हें ऐसा करने नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने बदलती सूचियों पर तंज कसते हुए कहा कि हर दिन एक नई लिस्ट सामने आती है — एक दिन 19 नाम होते हैं, अगले दिन तीन नाम बदल दिए जाते हैं और फिर अलग नामों वाली एक और लिस्ट आ जाती है। उनके अनुसार इन सूचियों की कोई विश्वसनीयता नहीं है।

सुरक्षा घटाए जाने पर आजाद का बेबाक रुख

कीर्ति आजाद ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कम किए जाने पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर पर एक होम गार्ड तैनात था, जिसे हटाया गया और बाद में उनके पीएसओ को भी वापस बुला लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई उनके घर पर पत्थर फेंकता है तो भी वे डरने वाले नहीं हैं।

पश्चिम बंगाल की स्थिति पर गंभीर चिंता

आजाद ने पश्चिम बंगाल में हिंसा की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उनके अनुसार राज्य में लगभग 25 लोगों की मौत हो चुकी है और खबरें हैं कि सात लोगों की मौत हिरासत में हुई है, जबकि इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया गया है।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

कल्याण बनर्जी और पार्टी एकता पर

वरिष्ठ TMC नेता कल्याण बनर्जी के हालिया बयानों पर आजाद ने कहा कि वे बहुत अच्छे और भावुक इंसान हैं जो पार्टी के मुश्किल दिनों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि भावुक और ईमानदार व्यक्ति कभी-कभी गुस्से में कुछ कह सकता है, लेकिन बनर्जी ने खुद कहा है कि दीदी जो भी फैसला करेंगी, वह उन्हें मंजूर होगा।

बागियों को आजाद की दो-टूक

आजाद ने पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि कोई जाना चाहता है तो वह जा सकता है, लेकिन पार्टी छोड़ने के बाद उन्हें TMC का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी का इरादा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होना है, तो उन्हें खुलकर ऐसा करना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग अब पार्टी छोड़ रहे हैं, उन पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि TMC के भीतर यह राजनीतिक उथल-पुथल किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन औपचारिक कदम कोई नहीं उठाता। यह 'प्रतीक्षा और दबाव' की राजनीति है, जहाँ असली फैसला पर्दे के पीछे होता है। पश्चिम बंगाल में 25 मौतों और हिरासत में मौतों का आरोप — बिना एफआईआर के — एक अलग और गंभीर जवाबदेही का सवाल खड़ा करता है, जिसे राष्ट्रीय मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिल रही।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीर्ति आजाद ने टीएमसी बागियों के बारे में क्या कहा?
कीर्ति आजाद ने कहा कि अब तक किसी भी बागी सांसद ने औपचारिक रूप से कोई दस्तावेज़ नहीं सौंपा है। उनके अनुसार बागियों की सूचियाँ हर दिन बदलती हैं और उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।
टीएमसी बागी सांसद 8 जून को स्पीकर से क्यों मिले थे?
बागी सांसद 8 जून को लोकसभा अध्यक्ष से मिले थे, लेकिन कीर्ति आजाद के अनुसार उन्होंने अब तक कोई औपचारिक इस्तीफा या दस्तावेज़ नहीं सौंपा है। मुलाकात का उद्देश्य स्पष्ट नहीं किया गया।
पश्चिम बंगाल में हिंसा को लेकर कीर्ति आजाद ने क्या आरोप लगाए?
आजाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 25 लोगों की मौत हो चुकी है और सात लोगों की मौत हिरासत में हुई बताई जा रही है, जबकि कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया गया है।
कीर्ति आजाद की सुरक्षा क्यों हटाई गई?
आजाद ने बताया कि उनके घर से पहले होम गार्ड और फिर पीएसओ दोनों को हटा लिया गया। उन्होंने इस पर चिंता जताई लेकिन कहा कि वे किसी से नहीं डरते।
कल्याण बनर्जी के बयान पर कीर्ति आजाद का क्या रुख है?
आजाद ने कल्याण बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि वे भावुक और ईमानदार नेता हैं जो पार्टी के मुश्किल दिनों से ममता बनर्जी के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि भावना में कही गई बात को बड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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