14 सितंबर 2026
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हरीश रावत का BJP पर हमला: 'विकास पर नहीं, विभाजन के मुद्दों पर लड़ रही है पार्टी'

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हरीश रावत का BJP पर हमला: 'विकास पर नहीं, विभाजन के मुद्दों पर लड़ रही है पार्टी'

सारांश

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने BJP पर तीखा वार करते हुए कहा कि पार्टी विकास के मुद्दे छोड़ समाज को बाँटने वाली राजनीति कर रही है। साथ ही केजरीवाल को BJP की 'मददगार' बताया और BCCI के ट्रॉफी विवाद में भारत के रुख का समर्थन किया।

मुख्य बातें

हरीश रावत ने 14 सितंबर 2026 को BJP पर आरोप लगाया कि वह विकास के बजाय सामाजिक विभाजन के मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है।
दिलीप घोष के मदरसा बयान को रावत ने 'गैर-मुद्दा' बताया और कहा कि धार्मिक मामले संबंधित समुदाय पर छोड़े जाने चाहिए।
रावत ने PM मोदी के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया' अभियान पर उदार प्रतिक्रिया दी, उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
BCCI द्वारा एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से महिला एशिया कप ट्रॉफी न लेने के फैसले को रावत ने 'सराहनीय कदम' बताया।
रावत ने अरविंद केजरीवाल पर गुजरात और हरियाणा में BJP की मदद करने का आरोप लगाया।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ने में अक्षम साबित हो चुकी है और इसीलिए वह सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाले मुद्दे उठा रही है। रावत ने पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के मदरसे संबंधी बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन समारोह और महिला एशिया कप ट्रॉफी विवाद सहित कई मुद्दों पर अपनी राय साझा की।

BJP पर विभाजन की राजनीति का आरोप

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने कहा, 'लगता है भाजपा ने मान लिया है कि वह विकास के एजेंडे पर चुनाव नहीं लड़ सकती। इसलिए वह गैर-मुद्दों और समाज में विभाजन बढ़ाने वाले मुद्दों को उठाना चाहती है।' रावत ने आगे कहा, 'ठीक है आप सत्ता में हैं और अगर यही आपका घोषित उद्देश्य है तो आगे बढ़िए, लेकिन हमारा मानना है कि कुछ मामलों को उन धर्मों के लोगों पर छोड़ देना चाहिए कि वे अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन और संचालन कैसे करना चाहते हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों में मदरसा नियमन को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान चुनावी मौसम में ध्रुवीकरण को हवा देते हैं।

PM मोदी के जन्मदिन पर संतुलित रुख

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया' जलाने की अपील पर रावत ने संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'हम भी प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। सार्वजनिक जीवन में लोगों की उपलब्धियों का जश्न मनाया जाता है और पीएम मोदी निश्चित रूप से एक व्यक्तित्व हैं। इसलिए मुझे उनकी पार्टी द्वारा उनका जन्मदिन मनाने में कुछ भी गलत नहीं लगता।' गौरतलब है कि विपक्ष की ओर से यह अपेक्षाकृत उदार प्रतिक्रिया मानी जा रही है।

महिला एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर BCCI का बचाव

भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से महिला एशिया कप ट्रॉफी न लेने के फैसले पर रावत ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का समर्थन करते हुए कहा, 'यह भारत की नीति है कि खेल और खून-खराबा एक साथ नहीं चल सकते। अगर आप यहां आतंकवाद का समर्थन करते हैं, तो हम आपके साथ कैसे खेल सकते हैं — यह खेल भावना को खत्म कर देता है।' उन्होंने कहा कि BCCI द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है और वे बधाई के पात्र हैं।

केजरीवाल पर BJP की मददगार होने का आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए रावत ने कहा कि केजरीवाल ने गुजरात समेत कई राज्यों में BJP की मदद की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी AAP के वोट यदि कांग्रेस को मिलते तो चुनावी नतीजों की तस्वीर बिल्कुल अलग होती। यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने AAP पर BJP की 'बी-टीम' होने का आरोप लगाया हो — यह आरोप दिल्ली और पंजाब की राजनीति में भी लगातार उठता रहा है।

आगे का राजनीतिक संदर्भ

हरीश रावत के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब देश में कई राज्यों में चुनावी माहौल बनने लगा है और विपक्षी दल BJP के मुद्दों की राजनीति पर लगातार हमलावर हैं। रावत की टिप्पणियाँ कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती हैं जो BJP को विकास-विरोधी और विभाजनकारी साबित करना चाहती है। आने वाले हफ्तों में इन बयानों का राजनीतिक असर देखना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इसे बार-बार दोहराना INDIA गठबंधन की आंतरिक亀裂 को भी उजागर करता है। BCCI के रुख पर रावत का समर्थन दरअसल उस राष्ट्रीय सहमति को दर्शाता है जो पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर सत्ता-पक्ष और विपक्ष को एक धरातल पर लाती है — यह राजनीतिक अवसरवाद कम, जनभावना का प्रतिबिंब अधिक है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश रावत ने BJP पर क्या आरोप लगाया?
हरीश रावत ने कहा कि BJP विकास के एजेंडे पर चुनाव नहीं लड़ सकती, इसीलिए वह समाज को बाँटने वाले गैर-मुद्दे उठा रही है। उन्होंने दिलीप घोष के मदरसा बयान को इसी रणनीति का हिस्सा बताया।
दिलीप घोष के मदरसा बयान पर रावत का क्या कहना था?
रावत ने कहा कि धार्मिक मामलों का प्रबंधन संबंधित समुदायों पर छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने BJP के इस कदम को सत्ता में रहते हुए विभाजनकारी एजेंडा चलाने की कोशिश बताया।
महिला एशिया कप ट्रॉफी विवाद में रावत ने क्या कहा?
रावत ने BCCI के उस फैसले का समर्थन किया जिसमें भारतीय महिला टीम ने एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली। उन्होंने कहा कि खेल और आतंकवाद का समर्थन एक साथ नहीं चल सकते।
रावत ने केजरीवाल और AAP पर क्या आरोप लगाया?
रावत ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने गुजरात और हरियाणा समेत कई राज्यों में BJP की मदद की है। उनका कहना था कि AAP के वोट यदि कांग्रेस को मिलते तो चुनाव परिणाम अलग होते।
PM मोदी के जन्मदिन 'आशीर्वाद का दीया' अभियान पर रावत का रुख क्या था?
रावत ने इस अभियान को लेकर संतुलित प्रतिक्रिया दी और कहा कि सार्वजनिक जीवन में उपलब्धियों का जश्न मनाना गलत नहीं है। उन्होंने PM मोदी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की।
राष्ट्र प्रेस
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