दिलीप घोष का विपक्ष पर तीखा वार, कहा- महिला हितों के प्रति अनदेखी का जनता देगी जवाब
सारांश
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खड़गपुर, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (संविधान का 131वां संशोधन) पारित न हो पाने के कारण सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने इस संदर्भ में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन नहीं किया, जिससे यह पारित नहीं हो सका।
खड़गपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक पर सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन देना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और यह विधेयक उसी दिशा में एक बड़ी पहल था। इसमें किसी भी प्रकार की राजनीति का स्थान नहीं होना चाहिए था, लेकिन कुछ दलों ने सहयोग न करके महिला हितों की अनदेखी की है।
भाजपा नेता ने कहा कि जो दल इस विधेयक के समर्थन में नहीं आए, उनके रुख को देश की जनता देख रही है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने संकेत दिया कि जनता ऐसे मुद्दों पर अपनी राय चुनाव के माध्यम से स्पष्ट करती है।
इसके अतिरिक्त, दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तृणमूल कांग्रेस की हार की संभावनाएं बढ़ रही हैं, उनकी भाषा और अधिक आक्रामक होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता लंबे समय से परेशानियों का सामना कर रही है और अब बदलाव चाहती है।
दिलीप घोष ने कहा कि आगामी चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता इस बार सही निर्णय लेगी और विकास तथा स्थिरता के पक्ष में मतदान करेगी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ममता सरकार से परेशान हो गई है और उनकी समस्याएं अनसुनी हो रही हैं। इसी कारण भाजपा सरकार इस बार आएगी, जिससे पश्चिम बंगाल का विकास हो सके। जनता को विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जैसे हर राज्य में विकास हो रहा है, वैसे ही यहां भी होगा।
दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही केंद्र की योजनाओं को लागू किया जाएगा, जिससे जनता को इसका लाभ मिल सके।