महिला आरक्षण बिल से विपक्ष की राजनीति का हुआ खुलासा: दिलीप घोष
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण संशोधन बिल का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना है।
- विपक्ष का इस बिल पर समर्थन न करना उनकी राजनीतिक रणनीति को सवालिया बनाता है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं।
- दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर वोट खरीदने का आरोप लगाया है।
- भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने आरक्षण विधेयक को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है।
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता दिलीप घोष ने महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर विपक्षी पार्टियों पर कड़ा हमला किया है। खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार घोष ने कहा कि यह बिल उन पार्टियों का असली चेहरा उजागर कर रहा है, जो लंबे समय से महिला सशक्तीकरण और उनके अधिकारों की बात करती रही हैं।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "महिला आरक्षण बिल ने उन कई दलों का पर्दाफाश किया है जो अक्सर महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं। उन्होंने इस बिल का समर्थन नहीं किया, जिससे स्पष्ट होता है कि वे महिलाओं के नाम पर केवल राजनीति कर रहे हैं।"
दिलीप घोष ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन विपक्ष का समर्थन नहीं मिला। विपक्ष देशहित में कार्य नहीं करता है।"
उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा, "वह महिलाओं को 1500 रुपये देकर उनके वोट खरीदना चाहती हैं। उन्हें महिलाओं की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। इसलिए, इस बार लोग भाजपा को चुनने जा रहे हैं।"
महिला आरक्षण संशोधन बिल की अस्वीकृति पर राम कृपाल यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि हम महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आरक्षण विधेयक को लागू करेंगे और यह निश्चित रूप से लागू होगा। अभी समर्थन की कमी है। जिन लोगों ने इसे रोका, विशेषकर कांग्रेस, उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।"
इसके अलावा, राम कृपाल यादव ने कहा, "भारत सरकार ने ईरानी सेना द्वारा हमारे जहाज पर की गई गोलीबारी को गंभीरता से लिया है। हम विरोध दर्ज कराने के साथ-साथ ईरानी दूतावास के साथ बातचीत कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इसका समाधान निकलेगा।"