चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: 2030 तक कोयला उद्योग की आधुनिक प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय विकास व सुधार आयोग और राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन ने कोयला क्षेत्र के लिए '15वीं पंचवर्षीय योजना' जारी की है, जिसमें वर्ष 2030 तक कोयला उद्योग की एक पूर्ण आधुनिक प्रणाली स्थापित करने का मुख्य लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना ऊर्जा सुरक्षा, हरित बदलाव और तकनीकी नवाचार को एक साथ साधने की रणनीति पर आधारित है।
योजना की पृष्ठभूमि
कोयला चीन का प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है और देश की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है। 14वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन में कोयला उत्पादन 4.85 अरब टन तक पहुँच गया और कोयला उद्योग के ढाँचे में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। इसी आधार पर 15वीं पंचवर्षीय योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्य लक्ष्य और प्राथमिकताएँ
योजना के अनुसार, 15वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि कोयला उद्योग के रूपांतरण का एक निर्णायक चरण है। इस दौरान कोयले की खपत अपने उच्चतम स्तर पर पहुँचने की संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार, चीन इस अवधि में निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करेगा:
कोयला विकास के स्थानिक लेआउट को सुव्यवस्थित करना, उद्योग के ढाँचे को उन्नत बनाना, तथा उत्पादन, आपूर्ति, भंडारण और बिक्री की एकीकृत प्रणाली को सुदृढ़ करना इसमें प्रमुख हैं। इसके साथ ही कोयला खदानों का बुद्धिमान (इंटेलिजेंट) उन्नयन भी इस योजना का अहम हिस्सा है।
हरित और कम कार्बन बदलाव
योजना में कोयला क्षेत्र में हरित एवं कम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में बदलाव को गति देने पर विशेष ज़ोर दिया गया है। कोयले के स्वच्छ व कुशल उपयोग को बढ़ावा देना और तकनीकी नवाचार की क्षमता को विस्तार देना भी प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कोयले से दूरी बनाने का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन चीन ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक संतुलित रणनीति अपना रहा है।
सुरक्षा और प्रशासन सुधार
कोयला उत्पादन में सुरक्षा प्रबंधन को मज़बूत करना और उद्योग प्रशासन के आधुनिकीकरण का स्तर ऊँचा उठाना भी इस योजना के अंतर्गत आता है। गौरतलब है कि चीन की कोयला खदानों में सुरक्षा हादसे पहले भी चिंता का विषय रहे हैं, और इस योजना में इस पहलू को सीधे संबोधित किया गया है।
आगे की राह
आधुनिक कोयला प्रणाली की स्थापना को एक मज़बूत ऊर्जा राष्ट्र बनाने और नवीन ऊर्जा प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना चीन की दोहरी रणनीति को दर्शाती है — एक ओर नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश, और दूसरी ओर कोयले को अधिक कुशल व स्वच्छ तरीके से उपयोग करने की तैयारी।