चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: 2030 तक 500 शून्य-कार्बन कारखाने, औद्योगिक उत्सर्जन में 10% कटौती का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 31 जुलाई 2026 को 'उद्योग के हरित और कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकास के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना' जारी की। इस योजना का केंद्रीय लक्ष्य बीजिंग से संचालित चीन के औद्योगिक क्षेत्र को हरित और कम कार्बन उत्सर्जन वाले ढाँचे में रूपांतरित करना है। यह योजना औद्योगिक हरितीकरण और हरित औद्योगीकरण के बीच समन्वय को नई दिशा देती है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
इस योजना में पाँच मूल प्राथमिकताएँ निर्धारित की गई हैं — औद्योगिक हरितीकरण और हरित औद्योगीकरण में समन्वय, हरित प्रौद्योगिकी नवाचार और औद्योगिक नवाचार का गहन एकीकरण, हरित विनिर्माण का विकास, हरित और कम कार्बन उत्सर्जन वाले उद्योगों को सुदृढ़ करना, तथा नए औद्योगीकरण के लिए हरित आधार को मज़बूत बनाना। मंत्रालय के अनुसार, ये उद्देश्य मिलकर चीन की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं को औद्योगिक नीति से जोड़ते हैं।
2030 तक के लक्ष्य
योजना के अनुसार, 2030 तक औद्योगिक संरचना और ऊर्जा खपत संरचना को और अधिक अनुकूलित किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन इसी अवधि तक अपने चरम स्तर पर पहुँचने की उम्मीद है — जो चीन के समग्र 'कार्बन पीक' लक्ष्य के अनुरूप है। इसके साथ ही हरित ऊर्जा अनुप्रयोग का अनुपात उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने और हरित विनिर्माण एवं सेवा प्रणाली को और परिष्कृत करने का संकल्प लिया गया है।
मापने योग्य संकेतक
योजना में दो ठोस और मापने योग्य लक्ष्य रखे गए हैं। पहला — 15वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि के दौरान एक निर्धारित आकार से ऊपर के औद्योगिक उद्यमों की प्रति इकाई मूल्यवर्धन ऊर्जा खपत में 10 प्रतिशत से अधिक की कमी लाई जाएगी। दूसरा — 500 शून्य-कार्बन कारखानों को विकसित और निर्मित किया जाएगा। ये संकेतक चीन की औद्योगिक नीति में पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट जवाबदेही का संकेत देते हैं।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने 'दोहरे कार्बन' लक्ष्यों — 2030 तक कार्बन पीक और 2060 तक कार्बन न्यूट्रैलिटी — की दिशा में वैश्विक दबाव का सामना कर रहा है। गौरतलब है कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा औद्योगिक कार्बन उत्सर्जक है, और इस योजना को उसकी हरित साख को मज़बूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हरित और कम कार्बन उत्सर्जन वाले उद्योगों के प्रतिस्पर्धात्मक लाभों को सुदृढ़ करने पर ज़ोर यह भी संकेत देता है कि बीजिंग वैश्विक हरित प्रौद्योगिकी बाज़ार में अपनी स्थिति को और मज़बूत करना चाहता है।
आगे की राह
योजना के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की होगी। आलोचकों का कहना है कि इन लक्ष्यों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सत्यापन तंत्र कितना पारदर्शी और स्वतंत्र होगा। निकट भविष्य में क्षेत्रवार कार्यान्वयन दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है।