चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: अक्षय ऊर्जा में 37 करोड़ किलोवाट नई क्षमता का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय विकास व सुधार आयोग और राष्ट्रीय ऊर्जा ब्यूरो ने संयुक्त रूप से अक्षय ऊर्जा के विकास के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना जारी की है, जिसमें ऊर्जा वितरण, औद्योगिक नवाचार और गैर-विद्युत उपयोग के क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। यह योजना चीन की हरित ऊर्जा रणनीति का अगला बड़ा अध्याय मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
योजना के अनुसार, पश्चिमोत्तर, उत्तरी और पूर्वोत्तर चीन में स्थित राष्ट्र स्तरीय पवन ऊर्जा व फोटोवोल्टिक बिजली उत्पादन के एकीकृत विकास आधारों में 37 करोड़ किलोवाट से अधिक नई स्थापित क्षमता जोड़ी जाएगी। इसके साथ ही, देशभर में नई अपतटीय पवन ऊर्जा का पैमाना लगभग 10 करोड़ किलोवाट तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
योजना में अपतटीय पवन ऊर्जा, जलविद्युत, पवन ऊर्जा और फोटोवोल्टिक के एकीकृत व वितरित नवीन ऊर्जा के वितरण में सुधार पर विशेष बल दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्रिड अवसंरचना में भी समानांतर निवेश आवश्यक होगा।
गैर-विद्युत उपयोग पर जोर
15वीं पंचवर्षीय योजना में अक्षय ऊर्जा के गैर-विद्युत उपयोग में सफलता प्राप्त करने को प्राथमिकता दी गई है — यह पिछली योजनाओं की तुलना में एक उल्लेखनीय बदलाव है। बायोमास ऊर्जा का विविध और कुशल उपयोग बढ़ाने तथा व्यापक स्तर पर अक्षय ऊर्जा की खपत का स्तर उन्नत करने के लिए ठोस कदम उठाने का प्रावधान किया गया है।
गौरतलब है कि चीन पहले से ही वैश्विक सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में शीर्ष स्थान पर है, और यह योजना उस बढ़त को और मज़बूत करने की दिशा में एक सुनियोजित कदम है।
वितरण और नवाचार की रणनीति
योजना में ऊर्जा के भौगोलिक वितरण को संतुलित करने पर भी ध्यान दिया गया है। पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में उत्पादित ऊर्जा को पूर्वी औद्योगिक केंद्रों तक पहुँचाने के लिए एकीकृत ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। औद्योगिक नवाचार के तहत नई पीढ़ी की ऊर्जा भंडारण तकनीकों और स्मार्ट ग्रिड प्रणालियों को प्रोत्साहन दिए जाने की संभावना है।
वैश्विक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अक्षय ऊर्जा क्षमता विस्तार की होड़ तेज़ हो रही है और कई देश अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए नीतिगत बदलाव कर रहे हैं। चीन की यह योजना न केवल घरेलू ऊर्जा सुरक्षा बल्कि वैश्विक हरित ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति को और पुख्ता करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा आने वाले महीनों में जारी होने की उम्मीद है।