26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: ऊर्जा क्षेत्र में 14वीं योजना से 10% अधिक निवेश, ग्रिड में 30% की बढ़ोतरी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: ऊर्जा क्षेत्र में 14वीं योजना से 10% अधिक निवेश, ग्रिड में 30% की बढ़ोतरी

सारांश

चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना सिर्फ ऊर्जा का विस्तार नहीं — यह एक रणनीतिक पुनर्गठन है। 14वीं योजना से 10% अधिक कुल निवेश, ग्रिड में 30% की छलांग और नवीकरणीय ऊर्जा की 60% हिस्सेदारी के साथ, बीजिंग वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा दौड़ में अपनी बढ़त पक्की करने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) में ऊर्जा क्षेत्र का कुल निवेश 14वीं योजना से 10% से अधिक बढ़ेगा।
कुल बिजली निवेश में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी लगभग 60% होगी।
ग्रिड क्षेत्र में निवेश 14वीं योजना की तुलना में 30% से अधिक बढ़ेगा — स्मार्ट माइक्रोग्रिड और अंतर-प्रांतीय लाइनों पर ज़ोर।
नई गुणवत्ता उत्पादक शक्तियों की परियोजनाओं में 20 खरब युआन से अधिक का निवेश प्रस्तावित।
2030 तक चार्जिंग अवसंरचना 4 करोड़ , हाइड्रोजन उत्पादन 20 लाख टन और वर्चुअल पावर प्लांट क्षमता 50 गीगावाट से अधिक का लक्ष्य।

चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के तहत ऊर्जा क्षेत्र में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के सदस्य और राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के प्रशासक वांग होंगची ने 26 जून 2026 को बीजिंग में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तेल, गैस, कोयला और सहायक बिजली आपूर्ति परियोजनाओं में निवेश 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ेगा। यह घोषणा चीन की ऊर्जा नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है, जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा को केंद्र में रखा जा रहा है।

निवेश का ढाँचा और प्राथमिकताएँ

अगले पाँच वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी कुल बिजली निवेश के लगभग 60 प्रतिशत तक पहुँचने का अनुमान है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि चीन अपनी ऊर्जा संरचना को जीवाश्म ईंधन से दूर और स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेज़ी से मोड़ रहा है। इसके साथ ही, नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्तियों के विकास से जुड़ी परियोजनाओं में 20 खरब युआन से अधिक का निवेश किया जाएगा।

ग्रिड क्षेत्र में बड़ा विस्तार

ग्रिड क्षेत्र में 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान निवेश 14वीं योजना की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ेगा। अंतर-प्रांतीय बिजली पारेषण लाइनों, अंतर-प्रांतीय बिजली सहायता परियोजनाओं, मुख्य ग्रिड, वितरण ग्रिड और स्मार्ट माइक्रोग्रिड के निर्माण पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। गौरतलब है कि चीन का विशाल भूगोल और तेज़ी से बढ़ती बिजली माँग ग्रिड आधुनिकीकरण को अनिवार्य बनाती है।

नई ऊर्जा अवसंरचना के लक्ष्य

राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के उप प्रशासक वान चिनसोंग ने बताया कि 2030 तक देश में चार्जिंग बुनियादी ढाँचे की संख्या बढ़कर 4 करोड़ तक पहुँच जाएगी। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा से हाइड्रोजन उत्पादन 20 लाख टन तक पहुँचने और वर्चुअल पावर प्लांट की विनियमन क्षमता 50 गीगावाट से अधिक होने का लक्ष्य रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर हरित हाइड्रोजन को भविष्य के ईंधन के रूप में देखा जा रहा है।

वैश्विक संदर्भ और भारत पर असर

चीन का यह विशाल ऊर्जा निवेश वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा बाज़ार पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। सौर पैनल, पवन टरबाइन और बैटरी जैसे उपकरणों में चीन की बढ़ती उत्पादन क्षमता वैश्विक कीमतों को प्रभावित कर सकती है। भारत समेत अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह एक जटिल परिदृश्य है — एक ओर सस्ती तकनीक की उपलब्धता, दूसरी ओर चीनी आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता का जोखिम।

आगे की राह

15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चीन नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने और उसके उपयोग की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नई ग्रिड प्रणाली विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। आलोचकों का कहना है कि कोयले में निरंतर निवेश और जलवायु लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाए रखना चीन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। अगले पाँच वर्षों में इन योजनाओं का क्रियान्वयन वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अंतर्विरोध छिपा है — तेल, गैस और कोयले में 'लगातार बढ़ता निवेश' और नवीकरणीय ऊर्जा की 60% हिस्सेदारी एक साथ कैसे? यह दर्शाता है कि चीन जीवाश्म ईंधन से पूरी तरह हाथ नहीं खींच रहा, बल्कि दोनों मोर्चों पर एक साथ दांव लगा रहा है। वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं के लिहाज़ से यह रणनीति सवाल उठाती है। भारत के लिए यह एक संकेत है कि सस्ती चीनी सौर तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता के बीच आत्मनिर्भर ऊर्जा नीति की ज़रूरत और भी तीव्र हो गई है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में ऊर्जा क्षेत्र के लिए क्या प्रावधान हैं?
15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के तहत चीन का ऊर्जा क्षेत्र में कुल निवेश 14वीं योजना (2021-2025) की तुलना में 10% से अधिक बढ़ेगा। नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी कुल बिजली निवेश का लगभग 60% होगी और ग्रिड क्षेत्र में 30% से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है।
चीन 2030 तक चार्जिंग अवसंरचना में क्या लक्ष्य हासिल करना चाहता है?
राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के उप प्रशासक वान चिनसोंग के अनुसार, 2030 तक चीन में चार्जिंग बुनियादी ढाँचे की संख्या बढ़कर 4 करोड़ तक पहुँच जाएगी। यह इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती माँग को समर्थन देने के लिए एक बड़ा विस्तार है।
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में हाइड्रोजन ऊर्जा का क्या लक्ष्य है?
नवीकरणीय ऊर्जा से हाइड्रोजन उत्पादन 20 लाख टन तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही वर्चुअल पावर प्लांट की विनियमन क्षमता 50 गीगावाट से अधिक करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।
चीन के ग्रिड क्षेत्र में 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कौन-से काम होंगे?
ग्रिड क्षेत्र में अंतर-प्रांतीय बिजली पारेषण लाइनों, अंतर-प्रांतीय बिजली सहायता परियोजनाओं, मुख्य ग्रिड, वितरण ग्रिड और स्मार्ट माइक्रोग्रिड के निर्माण पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। इस क्षेत्र में निवेश 14वीं योजना की तुलना में 30% से अधिक बढ़ेगा।
चीन की इस ऊर्जा योजना का भारत पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
चीन की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता वैश्विक सौर पैनल और बैटरी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है, जो भारत के लिए सस्ती तकनीक की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इससे चीनी आपूर्ति श्रृंखला पर भारत की निर्भरता और बढ़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले