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मंगल मिलन: PM मोदी की पहल जो हर मंगलवार सांसदों को जोड़ती है, बांसुरी स्वराज ने खोले राज़

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मंगल मिलन: PM मोदी की पहल जो हर मंगलवार सांसदों को जोड़ती है, बांसुरी स्वराज ने खोले राज़

सारांश

'मंगल मिलन' सिर्फ एक बैठक नहीं — यह PM मोदी का वह मंच है जहाँ NEET से लेकर वैश्विक युद्धों तक, हर बड़े मुद्दे पर NDA सांसदों से सीधा संवाद होता है। बांसुरी स्वराज के खुलासे ने इस पहल की गहराई और व्यापकता को सामने रखा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी की पहल 'मंगल मिलन' में NDA सांसद प्रत्येक मंगलवार राष्ट्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
पहली बैठक NEET पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित हुई थी; PM ने इसे गंभीर अपराध बताया।
PM मोदी ने स्टार्टअप 'स्काईरूट' का उल्लेख किया, जिसकी टीम की औसत आयु 28 वर्ष है और जिसने देश का पहला निजी रॉकेट लॉन्च किया।
एक बैठक में PM ने बताया कि भारत ने वैश्विक चुनौतियों के बीच 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं।
BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने 'मोदी स्टोरी' सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा वीडियो में यह जानकारी दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष संसदीय पहल 'मंगल मिलन' का विस्तृत विवरण साझा किया है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा नियमित मंच है जहाँ NDA के सांसद प्रत्येक मंगलवार को एकत्र होकर राष्ट्रीय, सामाजिक और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श करते हैं। इस पहल का उद्देश्य दलगत सीमाओं से परे जाकर सामूहिक राष्ट्र-निर्माण की भावना को मज़बूत करना है।

मंगल मिलन की शुरुआत और उद्देश्य

बांसुरी स्वराज ने 'मोदी स्टोरी' सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में बताया कि BJP और उसके सहयोगी दल राष्ट्रवादी विचारधारा के आधार पर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र निर्माण का संकल्प साझा हो, तो संवाद के लिए एक साझा मंच अनिवार्य हो जाता है। इसी सोच के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने इन बैठकों को 'मंगल मिलन' नाम दिया।

गौरतलब है कि यह पहल महज़ एक औपचारिक बैठक नहीं है — यह विचारों के आदान-प्रदान, चुनौतियों पर मंथन और नए सुझावों को नीति-निर्माण तक पहुँचाने का सेतु है।

पहली बैठक: NEET पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि

बांसुरी स्वराज के अनुसार, पहला 'मंगल मिलन' NEET पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित किया गया था। उस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया था कि पेपर लीक किसी एक दल या विचारधारा से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने इसे एक गंभीर अपराध बताते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस समस्या से लड़ने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया था।

उसी बैठक में प्रधानमंत्री ने भारतीय युवा नवाचारकर्ताओं का भी उल्लेख किया था। विशेष रूप से स्टार्टअप 'स्काईरूट' की टीम का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया था कि इस टीम की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है और इसने देश का पहला निजी रॉकेट लॉन्च करने में सफलता हासिल की है।

वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक रणनीति पर चर्चा

'मंगल मिलन' की बैठकें केवल घरेलू राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहतीं। बांसुरी स्वराज ने बताया कि एक बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा था कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत रखने के लिए 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ बाधित हैं और कई देश आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। भारत का FTA नेटवर्क विस्तार इस दृष्टि से रणनीतिक महत्व रखता है।

सांसदों से युवाओं से जुड़ने का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मंगल मिलन' बैठकों में सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों के युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया कि मुक्त व्यापार समझौतों और आर्थिक नीतियों का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक वास्तव में पहुँचे।

आने वाले समय में 'मंगल मिलन' की बैठकें NDA गठबंधन के भीतर नीतिगत समन्वय और जन-संपर्क रणनीति को और धार देने का काम करती रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मूलतः सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर संदेश-नियंत्रण और एकजुटता बनाए रखने का तंत्र है — जो बड़े गठबंधनों में स्वाभाविक रूप से ज़रूरी होता है। NEET विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर 'दलगत राजनीति से ऊपर' की भाषा प्रभावशाली है, परंतु यह देखना होगा कि क्या इन बैठकों में उठे सुझाव वास्तव में नीति-निर्माण को प्रभावित करते हैं या ये केवल आंतरिक संचार का माध्यम बनकर रह जाती हैं। 9 FTA का उल्लेख महत्वपूर्ण है, किंतु इन समझौतों के ज़मीनी लाभ छोटे उद्योगों और किसानों तक किस हद तक पहुँचे हैं, यह प्रश्न अभी भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मंगल मिलन' क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?
'मंगल मिलन' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक संसदीय पहल है जिसमें NDA के सांसद प्रत्येक मंगलवार को एकत्र होकर राष्ट्रीय, सामाजिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। BJP सांसद बांसुरी स्वराज के अनुसार, यह पहल राष्ट्रवादी विचारधारा के आधार पर जुड़े दलों के बीच विचार-विमर्श का साझा मंच है।
पहली 'मंगल मिलन' बैठक किस मुद्दे पर हुई थी?
पहली 'मंगल मिलन' बैठक NEET पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित की गई थी। उस बैठक में PM मोदी ने पेपर लीक को देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इससे लड़ने का आह्वान किया था।
'मंगल मिलन' में किन विषयों पर चर्चा होती है?
बांसुरी स्वराज के अनुसार, इन बैठकों में घरेलू राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रम, आर्थिक रणनीतियाँ और युवा नवाचार जैसे विषय भी शामिल होते हैं। एक बैठक में PM ने भारत के 9 मुक्त व्यापार समझौतों और स्टार्टअप 'स्काईरूट' की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया था।
स्काईरूट का 'मंगल मिलन' में ज़िक्र क्यों हुआ?
PM मोदी ने 'मंगल मिलन' बैठक में स्टार्टअप 'स्काईरूट' का उदाहरण देते हुए भारतीय युवाओं की नवाचार क्षमता को रेखांकित किया। इस टीम की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है और इसने देश का पहला निजी रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किया है।
PM मोदी ने 'मंगल मिलन' में सांसदों से क्या आह्वान किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से युवाओं के साथ अधिक संवाद बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मुक्त व्यापार समझौतों व आर्थिक नीतियों का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचे।
राष्ट्र प्रेस
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