एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक आज, मॉनसून सत्र के अंतिम 10 दिनों की रणनीति तय होगी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का संसदीय दल मंगलवार, 4 अगस्त को संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) स्थित जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में अपनी नियमित 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित करेगा। इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य मॉनसून सत्र के शेष 10 दिनों के लिए सत्ताधारी गठबंधन की सदन-रणनीति को अंतिम रूप देना है।
बैठक का कार्यक्रम और प्रमुख उपस्थिति
संसद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यालय सचिव के अनुसार, यह बैठक सुबह 9.30 बजे IST से शुरू होगी। लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सदस्यों को भेजे गए आधिकारिक नोट में उनसे समय पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के शामिल होने की उम्मीद है।
'मंगल मिलन' का महत्व और उद्देश्य
'मंगल मिलन' दरअसल एनडीए संसदीय दल के साप्ताहिक रणनीति सत्र का पुनर्गठित स्वरूप है। इसे गठबंधन के भीतर रचनात्मक संवाद और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह बैठक केवल सदन-प्रबंधन तक सीमित नहीं है — यह शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP), तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य क्षेत्रीय सहयोगी दलों के बीच बोलने की जिम्मेदारियाँ बाँटने और आम सहमति बनाने का भी प्रमुख मंच है।
पिछली बैठक और नए सहयोगी
28 जुलाई को हुई पिछली 'मंगल मिलन' बैठक उल्लेखनीय रही, जब नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) की सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष पहली बार इसमें शामिल हुईं। ये तीनों सांसद पूर्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में थीं।
एनसीपीआई के कई सांसदों ने अपनी पहली भागीदारी के बाद गठबंधन के 'व्यवस्थित कामकाज' की सराहना की। यह तथ्य इंगित करता है कि 'मंगल मिलन' नए सहयोगियों को एनडीए की संसदीय कार्यशैली से परिचित कराने का भी एक प्रभावी माध्यम बन रहा है।
मॉनसून सत्र में आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मॉनसून सत्र के केवल 10 दिन शेष हैं और सरकार के एजेंडे पर कई महत्वपूर्ण विधेयक और विषय अभी भी लंबित हैं। गठबंधन के भीतर समन्वय इस अंतिम चरण में विशेष रूप से निर्णायक होगा।