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एनडीए 'मंगल मिलन' बैठक: 17.1 करोड़ रोजगार का दावा, विपक्ष पर संसद बाधित करने का आरोप

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एनडीए 'मंगल मिलन' बैठक: 17.1 करोड़ रोजगार का दावा, विपक्ष पर संसद बाधित करने का आरोप

सारांश

मानसून सत्र के बीच एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक महज़ एकजुटता का प्रदर्शन नहीं थी — यह एक रणनीतिक संकल्प था। 17.1 करोड़ रोजगार के दावे, खेल उपलब्धियाँ और विपक्ष पर 'स्पीड ब्रेकर' का आरोप — सत्र के शेष दिनों में एनडीए की विधायी प्राथमिकताएँ साफ हो गई हैं।

मुख्य बातें

एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक 4 अगस्त को नई दिल्ली में मानसून सत्र के बीच आयोजित हुई।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने दावा किया कि 2014-2024 के बीच 17.1 करोड़ रोजगार सृजित हुए, जबकि 2004-2014 में केवल 2.89 करोड़ ।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा के अनुसार 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए।
सभी एनडीए सांसदों ने पेपर लीक विधेयक और सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश संख्या विधेयक पारित कराने के लिए अनिवार्य उपस्थिति का संकल्प लिया।
भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर संसद में हंगामे के ज़रिए विधायी कार्य बाधित करने का आरोप लगाया।

मानसून सत्र के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने मंगलवार, 4 अगस्त को नई दिल्ली में 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की, जिसमें सरकार की उपलब्धियों, रोजगार सृजन, खेल प्रदर्शन और संसदीय कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर संसद को बाधित करने के गंभीर आरोप लगाए।

रोजगार और विकास पर दावे

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बैठक में रोजगार आँकड़ों पर प्रस्तुति दी। उनके दावे के अनुसार, 2004 से 2014 के बीच 2.89 करोड़ रोजगार सृजित हुए, जबकि 2014 से 2024 के बीच 17.1 करोड़ लोगों को रोजगार मिला। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और बेरोजगारी दर में लगातार कमी आई है। उन्होंने कहा कि रोजगार अनुपात अन्य देशों की तुलना में बेहतर हुआ है।

गौरतलब है कि ये आँकड़े सरकार के अपने दावे हैं। विपक्षी दल इन्हें विधिवत सत्यापित नहीं मानता और स्वतंत्र रोजगार डेटा को लेकर संसद में सवाल उठाता रहा है।

संसदीय उपस्थिति और विधेयकों पर संकल्प

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि बैठक में सभी एनडीए सांसदों ने संसद की कार्यवाही के दौरान अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया, ताकि आवश्यक विधेयकों को पारित कराया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से पेपर लीक विधेयक और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक का उल्लेख किया, जिन पर चर्चा और पारित कराना प्राथमिकता में है।

तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार हंगामे के ज़रिए महत्वपूर्ण विधायी कार्य को रोक रहा है और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचने से भी रोकने का प्रयास करता है।

खेलों में भारत का प्रदर्शन

भाजपा सांसद अशोक मित्तल और मनोज तिवारी ने बैठक में खेल क्षेत्र की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, ग्लासगो कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन की तुलना यदि यूपीए के दस वर्षों से की जाए, तो 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखता है। मित्तल ने कहा कि खेलों में भारत की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हुई है।

विपक्ष पर 'स्पीड ब्रेकर' का आरोप

दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत एक मजबूत इच्छाशक्ति वाला राष्ट्र बन चुका है, लेकिन कुछ दल इस प्रगति में 'स्पीड ब्रेकर' की भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा सांसद रवि किशन ने भी इसी सुर में कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि विपक्ष संसद को सुचारु रूप से क्यों नहीं चलने दे रहा। उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि और युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का भी उल्लेख किया।

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हो चुकी है और सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर व्यवधान का आरोप लगा रहे हैं। एनडीए की यह बैठक स्पष्ट रूप से सांसदों को एकजुट करने और सत्र के शेष दिनों में विधायी एजेंडा आगे बढ़ाने की रणनीतिक कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता तब तक अधूरी है जब तक कार्यप्रणाली और स्वतंत्र सत्यापन सार्वजनिक न हो — विशेषकर जब रोजगार डेटा को लेकर सरकार और आलोचकों के बीच वर्षों से विवाद चला आ रहा है। 'मंगल मिलन' का असली संदेश विधायी रणनीति में है: पेपर लीक और न्यायपालिका विस्तार जैसे संवेदनशील विधेयकों को सत्र में पारित कराने की कोशिश, जबकि विपक्ष पहले से ही मोर्चा खोले हुए है। यह बैठक दिखाती है कि एनडीए सत्र के शेष दिनों को बर्बाद नहीं होने देना चाहता — लेकिन संसदीय व्यवधान की जिम्मेदारी केवल एक पक्ष पर डालना तस्वीर का आधा सच है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक क्या है और यह कब हुई?
'मंगल मिलन' एनडीए सांसदों की नियमित आंतरिक बैठक है जिसमें सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और संसदीय रणनीति पर चर्चा होती है। यह बैठक 4 अगस्त को मानसून सत्र के बीच नई दिल्ली में आयोजित हुई।
मनसुख मंडाविया ने रोजगार को लेकर क्या दावा किया?
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बैठक में प्रस्तुति देते हुए दावा किया कि 2014 से 2024 के बीच 17.1 करोड़ लोगों को रोजगार मिला, जबकि 2004 से 2014 के बीच केवल 2.89 करोड़ रोजगार सृजित हुए थे। ये सरकार के अपने आँकड़े हैं और विपक्ष इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं मानता।
बैठक में किन विधेयकों को प्राथमिकता दी गई?
भाजपा सांसद मनोज तिवारी के अनुसार पेपर लीक विधेयक और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक को इस मानसून सत्र में पारित कराना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी एनडीए सांसदों ने अनिवार्य उपस्थिति का संकल्प लिया।
भाजपा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा सांसदों दिनेश शर्मा, मनोज तिवारी और रवि किशन ने विपक्ष पर संसद में हंगामा कर महत्वपूर्ण विधायी कार्य बाधित करने का आरोप लगाया। शर्मा ने विपक्ष को विकास की राह में 'स्पीड ब्रेकर' बताया।
खेल क्षेत्र में भाजपा ने क्या दावे किए?
भाजपा सांसद अशोक मित्तल और मनोज तिवारी ने कहा कि 2014 के बाद से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, विशेषकर ग्लासगो कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन यूपीए काल की तुलना में बेहतर हुआ है। उनके अनुसार खेलों में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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