4 अगस्त 2026
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एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक संसद पुस्तकालय भवन में, मानसून सत्र के अंतिम 10 दिनों की रणनीति पर मंथन

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एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक संसद पुस्तकालय भवन में, मानसून सत्र के अंतिम 10 दिनों की रणनीति पर मंथन

सारांश

मानसून सत्र के अंतिम 10 दिन बचे हैं और एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में लंबित विधेयकों को पारित कराने की रणनीति बनाई जा रही है। विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार अपना विधायी एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक 4 अगस्त को संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) , नई दिल्ली में आयोजित हुई।
बैठक में मानसून सत्र के शेष 10 दिनों के लिए गठबंधन की सदन रणनीति पर चर्चा होने की संभावना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद।
एनसीपीआई के सांसद — पूर्व TMC सदस्य — ने दूसरी बार 'मंगल मिलन' में भाग लिया।
विपक्ष परीक्षा पेपर लीक , जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान चोरी मामलों पर व्यवधान जारी रखने की स्थिति में है।
'मंगल मिलन' शिवसेना , LJP , TDP , JDU सहित सभी सहयोगियों के बीच समन्वय का प्रमुख मंच है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संसदीय दल की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक 4 अगस्त को संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी), नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में संसद के मानसून सत्र के शेष 10 दिनों के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की सदन रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब सत्र अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है और विधायी एजेंडा दबाव में है।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

एनडीए के सभी घटक दलों के सांसद इस बैठक में उपस्थित हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद बताई गई। उल्लेखनीय है कि नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सांसदों ने — जो पूर्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में थे — दूसरी बार इस बैठक में भाग लिया।

मानसून सत्र में विधायी एजेंडा और विपक्ष का रुख

एनडीए के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मानसून सत्र के शेष दिनों में कई लंबित विधेयकों को सदन में पेश कर पारित कराने की तैयारी में है। दूसरी तरफ, विपक्षी दलों द्वारा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान चोरी मामले जैसे विवादास्पद मुद्दों पर व्यवधान जारी रहने की आशंका है। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से सदन में बार-बार हंगामा और स्थगन देखने को मिला है।

'मंगल मिलन' बैठक क्या है

'मंगल मिलन' एनडीए संसदीय दल की पुनर्गठित साप्ताहिक रणनीति बैठक है, जिसका उद्देश्य रचनात्मक बहस को बढ़ावा देना और गठबंधन के भीतर समन्वय को सुदृढ़ करना है। यह बैठक शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP), तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच सदन में बोलने की भूमिकाओं के वितरण को भी सुनिश्चित करती है।

एनसीपीआई सांसदों की प्रतिक्रिया

एनसीपीआई के कई सांसदों ने, जिन्होंने पहली बार इस बैठक में हिस्सा लिया था, सत्तारूढ़ गठबंधन की 'संगठित प्रणाली' की सराहना की थी। उनकी दूसरी बार की उपस्थिति एनडीए के साथ उनके बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है।

आगे क्या होगा

सरकार और विपक्ष दोनों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने की संभावना के बीच, मानसून सत्र के तीसरे सप्ताह में तीखे राजनीतिक टकराव के साथ-साथ विधायी गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एनडीए अपने लंबित विधेयकों को पारित कराने में कहाँ तक सफल रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह समन्वय सदन के भीतर ठोस विधायी नतीजों में बदल पाता है। परीक्षा पेपर लीक और राम मंदिर दान जैसे मुद्दों पर विपक्ष का हंगामा सरकार के लिए एक वास्तविक चुनौती है, क्योंकि ये मुद्दे जनभावना से जुड़े हैं। एनसीपीआई जैसे नए सहयोगियों का एकीकरण गठबंधन की संख्या-शक्ति तो बढ़ाता है, पर उनकी वैचारिक यात्रा पर सवाल भी उठते हैं। अंतिम 10 दिनों में सरकार कितने विधेयक पारित करा पाती है, यही उसकी संसदीय कुशलता की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक क्या है?
'मंगल मिलन' एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का नया रूप है, जो संसद सत्रों के दौरान आयोजित होती है। इसका उद्देश्य गठबंधन के घटक दलों — शिवसेना, LJP, TDP, JDU और अन्य — के बीच सदन में समन्वय, बहस में भागीदारी और बोलने की भूमिकाओं का वितरण सुनिश्चित करना है।
4 अगस्त की 'मंगल मिलन' बैठक में क्या चर्चा होने की संभावना है?
बैठक में मुख्य रूप से मानसून सत्र के शेष 10 दिनों के लिए एनडीए की सदन रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। इसमें लंबित विधेयकों को पारित कराने की योजना और विपक्ष के संभावित व्यवधानों से निपटने की रणनीति शामिल हो सकती है।
मानसून सत्र में विपक्ष किन मुद्दों पर हंगामा कर रहा है?
विपक्षी दल परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान चोरी मामले पर सदन में व्यवधान डाल रहे हैं। इन मुद्दों के कारण पिछले कई दिनों से सदन में बार-बार स्थगन की नौबत आई है।
एनसीपीआई के सांसद 'मंगल मिलन' में क्यों शामिल हुए?
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सांसद, जो पूर्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में थे, एनडीए में शामिल होने के बाद दूसरी बार इस बैठक में भाग ले रहे हैं। उनकी उपस्थिति सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ उनके बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है।
मानसून सत्र के अंतिम चरण में कौन-से विधेयक पारित होने की उम्मीद है?
सरकार मानसून सत्र के शेष दिनों में कई लंबित विधेयकों को सदन में पेश कर पारित कराने की तैयारी में है, हालाँकि किन विशेष विधेयकों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसका आधिकारिक ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सरकार की विधायी रणनीति की परीक्षा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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