मानसून सत्र से पहले राजनाथ सिंह के आवास पर एनडीए नेताओं की रणनीतिक बैठक, 21 जुलाई को संसदीय दल की बैठक भी
सारांश
मुख्य बातें
संसद का मानसून सत्र अगले सप्ताह से शुरू होने से पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर शुक्रवार, 18 जुलाई को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं की एक अहम बैठक होगी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में गठबंधन की संसदीय रणनीति और विधायी प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्ष कई विवादास्पद मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
बैठकों का कार्यक्रम
21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की बैठक सुबह 9.30 बजे संसद पुस्तकालय भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित होगी। इसके अलावा, मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले 19 जुलाई को सुबह 11 बजे सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें सरकार अपनी मुख्य प्राथमिकताओं की जानकारी देगी।
विपक्ष की तैयारी और संभावित टकराव
आगामी मानसून सत्र के हंगामेदार रहने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष नीट पेपर लीक मामले को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। साथ ही, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हुई मौतों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों को लेकर भी सवाल उठाए जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पहले ही रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे चुकी है।
सदन की बदलती तस्वीर
इस सत्र में संसद के दोनों सदनों में कई सदस्यों की बैठक व्यवस्था बदलने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत के बाद 20 लोकसभा सांसदों ने 'नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' में विलय किया है और उन्होंने सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की माँग की है। वहीं, तीन राज्यसभा सांसदों ने टीएमसी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।
इसी क्रम में, शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों ने एकनाथ शिंदे गुट का समर्थन करने का निर्णय लिया है। इससे पहले, आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसद भी BJP में शामिल हो चुके हैं, जो ऊपरी सदन में इस बार सत्ता पक्ष की पंक्ति में दिखेंगे।
आगे क्या होगा
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले होने वाली इन बैठकों से सरकार और विपक्ष, दोनों की संसदीय रणनीति स्पष्ट होगी। सत्र में विधायी कार्यक्रम के साथ-साथ सदन की नई राजनीतिक संरचना भी केंद्र में रहेगी।