क्या प्रधानमंत्री मोदी सदन में ऑपरेशन सिंदूर और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे? : अरविंद सावंत
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नई दिल्ली, 20 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से आरंभ होने जा रहा है। इस सत्र के लिए विपक्ष पूरी तरह से तैयार है और सरकार ने रविवार को एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रधानमंत्री को सदन में चर्चा करनी चाहिए।
अरविंद सावंत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सभी संसदीय दलों के नेताओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की। सभी विपक्षी दलों ने पहलगाम में आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा उठाया है। विपक्ष का मानना है कि इस पर प्रधानमंत्री को सदन में स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संबंधों पर दिए गए बयानों पर भी प्रधानमंत्री को अपनी राय रखनी चाहिए। बिहार में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए और महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या तथा भाषा विवाद पर भी चर्चा हुई। महाराष्ट्र और बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी संसदीय दलों के नेताओं ने विचार किया।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि आपसी तालमेल की कमी के कारण विधानसभा चुनाव में हम उचित परिणाम नहीं ला पाए, क्योंकि समय पर टिकटों का वितरण नहीं हुआ। इस पर अरविंद सावंत ने कहा कि उद्धव ने सही बात कही है। लोकसभा में परिणाम हमारे पक्ष में थे, लेकिन विधानसभा में स्थिति उलटी रही। टिकट वितरण में देरी और प्रचार का अवसर न मिलना इसका कारण था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र में चुनाव के दौरान धांधली के आरोप पर अरविंद सावंत ने कहा कि राहुल गांधी की बात का उद्धव ठाकरे पूर्ण समर्थन करते हैं। राहुल गांधी ने जो भी आरोप लगाए हैं, उद्धव ने भी वही बातें उठाई थीं कि चुनाव आयोग एक कठपुतली आयोग है।