महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले दलों पर महिलाओं की पैनी नजर: दिलीप जायसवाल
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है।
- दिलीप जायसवाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।
- विपक्षी दलों की मानसिकता पर सवाल उठाया गया।
- महिलाएं राजनीतिक बदलाव का हिस्सा बन सकती हैं।
पटना, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के समर्थन में कहा कि इस विधेयक का विरोध करने वाले दलों पर महिलाएं ध्यान दे रही हैं और उन्हें इसका जवाब जल्द ही मिलेगा।
जायसवाल ने कहा कि यह विधेयक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।
उन्होंने बताया कि भाजपा और एनडीए के चुनावी घोषणापत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से भारत की आधी आबादी, अर्थात् महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए इस आरक्षण का प्रावधान किया था।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी हो, अगर वह इस विधेयक का विरोध करती है, तो देश की महिलाएं उसे देख रही हैं। जिस दिन महिलाएं पूरी तरह जागरूक हो जाएंगी, उस दिन ऐसे विरोधी दलों को हटाया जाएगा।
बिजयाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को उनके हक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है।
इसके अलावा, दिलीप जायसवाल ने बिहार से राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, जदयू के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर, और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवेश कुमार को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके प्रखर नेतृत्व, दीर्घकालिक सार्वजनिक अनुभव और अटूट संकल्पशक्ति से बिहार के हितों को उच्च सदन में एक नई मजबूती मिलेगी। आप सभी का राजनीतिक अनुभव और जन-सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता 'विकसित बिहार' और 'सशक्त भारत' के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर दिलीप जायसवाल ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह दायित्व आपके अनुभव, समर्पण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान है। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में बिहार की आवाज संसद में और अधिक मजबूती से गूंजेगी, और विकास की गति को नई दिशा मिलेगी।