पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष बोले — 'मदरसों में पनाह लेते हैं आतंकवादी', अवैध संस्थानों पर कार्रवाई का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 14 सितंबर 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य में अवैध मदरसों के विरुद्ध चल रही सरकारी कार्रवाई का समर्थन किया और आरोप लगाया कि आतंकवादी मदरसों में पनाह लेते हैं। उन्होंने साथ ही पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किए जाने की पुरज़ोर वकालत की।
अवैध मदरसों पर कार्रवाई का समर्थन
मंत्री घोष ने कहा, 'कोई भी गैर-कानूनी चीज़, चाहे वह मदरसा हो या रेस्टोरेंट, सरकार की मंजूरी के बिना कानून के दायरे से बाहर नहीं चल सकती। सरकार हर चीज़ की जाँच कर रही है और किसी भी गैर-अधिकृत संस्थान को बंद कर दिया जाएगा — उन्हें चलाने के लिए सरकारी अनुमति लेनी होगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वैध अनुमतिप्राप्त संस्थाओं को ही संचालन की अनुमति मिलेगी।
आतंकवाद से जुड़े आरोप
घोष ने आरोप लगाया, 'मदरसों से जुड़े कई पहलुओं को लेकर संदेह है। यह कोई नया मुद्दा नहीं है — यह पिछले 20 सालों से चला आ रहा है। जो आतंकी हमले हुए हैं, उनमें कोई न कोई मदरसे का शिक्षक रहा है। आतंकी आकर मदरसों में ही पनाह लेते हैं। कई नेताओं ने बार-बार इस पर चिंता जताई है, लेकिन किसी ने समाधान नहीं दिया — हम इस मुद्दे का समाधान करेंगे।' गौरतलब है कि ये आरोप उनके अपने बयान हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
समान नागरिक संहिता पर ज़ोर
मंत्री घोष ने समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, 'देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। इसे पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा और देश के अन्य राज्यों में भी लाया जाएगा। यह देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर घोष ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन एक ऊँचे स्तर पर पहुँचा। भारत की मेहमाननवाज़ी ने सभी का दिल जीत लिया। मेरा मानना है कि व्यापार और वैश्विक राजनीति में एक नई विश्व व्यवस्था का रास्ता तैयार हुआ है।' उन्होंने यह भी कहा कि विश्व में चल रहे युद्ध समाप्त होंगे और लोगों की सुरक्षा व आर्थिक सुरक्षा सर्वोपरि रहनी चाहिए।
क्या होगा आगे
पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों के विरुद्ध राज्य सरकार की कार्रवाई जारी है और मंत्री घोष के बयान से यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से और अधिक तीखा हो गया है। विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और प्रभावित संस्थाओं की स्थिति पर आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।