पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसे होंगे बंद, मंत्री खुदीराम टुडू ने दिए बुलडोजर कार्रवाई के संकेत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू ने 17 मई 2026 को बांकुड़ा जिले के दौरे के दौरान राज्य में कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित मदरसों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी संस्थानों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद कराया जाएगा, और ज़रूरत पड़ने पर बुलडोजर का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
मंत्री का बयान और निर्देश
मीडिया से बातचीत में टुडू ने कहा, 'राज्य में चल रहे सभी अवैध मदरसों को बंद किया जाएगा। इन गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। भविष्य में भी यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं भी अवैध मदरसे दोबारा शुरू न हों।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने विभागीय सचिव को अवैध मदरसों की पहचान कर उन्हें तुरंत बंद कराने के निर्देश दे दिए हैं।
यह दूसरी बार है जब टुडू ने दी चेतावनी
गौरतलब है कि यह इस सप्ताह दूसरा मौका है जब मंत्री ने इस विषय पर सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले 12 मई को पूर्व बर्धमान जिले के दौरे के दौरान भी उन्होंने अवैध मदरसों के खिलाफ इसी तरह की चेतावनी दी थी — यह बयान उनके मंत्री पद संभालने के मात्र तीन दिन बाद आया था। यह ऐसे समय में आया है जब नई BJP सरकार राज्य में अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताएँ स्थापित कर रही है।
बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी
टुडू ने आगे कहा, 'अगर अवैध घोषित किए जाने के बाद भी ऐसे संस्थान चलते रहे तो उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त भी किया जाएगा। नई सरकार में राज्य की सभी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा 'डबल इंजन' सरकार गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे BJP-शासित राज्यों की तर्ज पर काम करेगी।
पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र घोटाले पर भी निशाना
टुडू पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के दौरान कथित तौर पर कई लोगों ने अवैध तरीके से पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र हासिल कर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए निर्धारित सुविधाओं का लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें मिलने वाली सुविधाएँ बंद कर दी जाएंगी।
आगे क्या होगा
विभागीय सचिव को दिए निर्देशों के बाद अब राज्य भर में अवैध मदरसों की सूची तैयार किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस कार्रवाई को किस कानूनी ढाँचे के तहत अंजाम देती है और इसका दायरा कितना व्यापक होता है।