मोहम्मद यासिर ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में जीता स्वर्ण, J&K उपमुख्यमंत्री ने की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
राजौरी के 14 वर्षीय मुक्केबाज मोहम्मद यासिर ने ताशकंद, उज्बेकिस्तान में आयोजित एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 में 58 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है। फाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान के अब्दुललोह करीमजोनोव को 3:2 के करीबी अंतर से हराया। इस ऐतिहासिक जीत पर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने यासिर को हार्दिक बधाई दी है।
मुख्य घटनाक्रम
यासिर का ताशकंद में सफर शुरू से ही दमदार रहा। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ताजिकिस्तान के मुक्केबाज को 5:0 से ध्वस्त किया। क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के प्रतिद्वंद्वी को भी 5:0 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में ईरानी मुक्केबाज को 4:1 से हराने के बाद फाइनल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपने कार्यालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से लिखा, 'राजौरी के गौरव, मोहम्मद यासिर को उज्बेकिस्तान में आयोजित एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई। आपके समर्पण और कड़ी मेहनत ने जम्मू-कश्मीर को अपार गौरव दिलाया है। भविष्य में भी आपको ऐसी ही और विजय प्राप्त हों, यही हमारी कामना है।'
संघर्ष से स्वर्ण तक
यासिर की कहानी केवल खेल की नहीं, बल्कि असाधारण जिजीविषा की है। 2018 में पिता के निधन के बाद परिवार बेघर हो गया और दो वक्त की रोटी जुटाना भी दुश्वार हो गया। उनकी माँ नसीम अख्तर ने दूसरों के घरों में काम करके परिवार को सँभाला। यासिर ने गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल, राजौरी की 9वीं कक्षा में पढ़ाई जारी रखते हुए छोटे-मोटे काम किए और मुक्केबाजी का अभ्यास बंद नहीं किया। यह ताशकंद का स्वर्ण उसी अटूट दृढ़ संकल्प का प्रतिफल है।
भारत का समग्र प्रदर्शन
एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 में भारत ने कुल 27 पदक जीते — 9 स्वर्ण, 6 रजत और 12 कांस्य। लड़कियों की श्रेणी में भारत शीर्ष पर रहा, जहाँ 7 स्वर्ण, 2 रजत और 5 कांस्य पदक मिले। अंडर-15 लड़कों ने 2 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य पदक जीते।
क्या होगा आगे
यासिर की यह जीत उनके मुक्केबाज़ी करियर की आरंभिक सीढ़ी भर है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, इस उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के खेल विभाग से उन्हें आगे समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।