कर्नाटक को मिलीं 1,122 अतिरिक्त सरकारी मेडिकल सीटें, केंद्र देगा ₹1,090 करोड़ का अनुदान

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कर्नाटक को मिलीं 1,122 अतिरिक्त सरकारी मेडिकल सीटें, केंद्र देगा ₹1,090 करोड़ का अनुदान

सारांश

कर्नाटक को एक साथ 1,122 सरकारी मेडिकल सीटें मिलना देश में रिकॉर्ड है — साथ में ₹1,090 करोड़ का केंद्रीय अनुदान। लेकिन मंत्री पाटिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ उपलब्धि की नहीं, नीट लीक पर केंद्र को घेरने और CET को राष्ट्रीय विकल्प के रूप में पेश करने की भी थी।

मुख्य बातें

कर्नाटक को 1,122 अतिरिक्त सरकारी मेडिकल सीटें आवंटित; केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 मई को अंतिम मंजूरी दी।
UG सीटों के लिए ₹495 करोड़ और PG सीटों के लिए ₹541 करोड़ — कुल ₹1,090 करोड़ का केंद्रीय अनुदान।
लाभान्वित जिलों में कोप्पल, गडग, चामराजनगर, कारवार, कावेरी शामिल।
मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने नीट पेपर लीक पर केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे और न्यायालय-निर्देशित जाँच की माँग की।
पाटिल ने कर्नाटक CET को नीट के राष्ट्रीय विकल्प के रूप में अपनाने की वकालत की।

कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका मंत्री शरण प्रकाश आर. पाटिल ने शनिवार, 16 मई को बेंगलुरु के विधान सौधा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि राज्य को 1,122 अतिरिक्त सरकारी मेडिकल सीटें आवंटित की गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस आवंटन को 15 मई को अंतिम मंजूरी दी, और इसके साथ राज्य को कुल ₹1,090 करोड़ का अनुदान प्राप्त होगा।

सीटें और अनुदान का विवरण

मंत्री पाटिल ने बताया कि स्नातक (UG) स्तर की मेडिकल सीटों के विस्तार के लिए केंद्र सरकार से ₹495 करोड़ का अनुदान प्राप्त होगा, जबकि स्नातकोत्तर (PG) चिकित्सा सीटों के लिए ₹541 करोड़ अलग से आवंटित किए जाएंगे। दोनों मिलाकर राज्य को ₹1,090 करोड़ की केंद्रीय सहायता मिलेगी।

पाटिल ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 'एक ही राज्य को 1,000 से अधिक मेडिकल सीटें आवंटित करना एक रिकॉर्ड है' और यह कर्नाटक की चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका का प्रमाण है।

कौन-से जिलों को होगा फायदा

नई सीटों का लाभ कोप्पल, गडग, चामराजनगर, कारवार, कावेरी और अन्य जिलों को मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के दूरदराज़ और कम-सेवित क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की माँग लंबे समय से उठती रही है।

मंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि कर्नाटक अब चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए प्रचुर अवसर प्रदान करता है और उन्हें इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए।

नीट विवाद पर तीखा हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री पाटिल ने हाल के नीट प्रश्नपत्र लीक कांड पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह लीक 'पूरे छात्र समुदाय के साथ घोर अन्याय' है और इसने हज़ारों छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने को बर्बाद कर दिया है।

पाटिल ने माँग की कि इस गड़बड़ी के लिए संबंधित केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और जाँच न्यायालय के निर्देशन में कराई जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) पर भी अविश्वास जताते हुए कहा कि उसकी निगरानी में पारदर्शी जाँच की संभावना नहीं है।

उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि यह घोटाला एमबीबीएस सीटों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए रचा गया प्रतीत होता है और इस पूरे मामले के पीछे कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों का हाथ होने की प्रबल आशंका है।

कर्नाटक CET को राष्ट्रीय मॉडल बनाने की माँग

मंत्री ने कर्नाटक की कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) को नीट से बेहतर मॉडल बताया और कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार राज्य सरकार केंद्र से इस पर विचार करने के लिए कई बार आग्रह कर चुकी है, परंतु उन अपीलों पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया।

गौरतलब है कि नीट परीक्षा को लेकर कई राज्य पहले से ही वैकल्पिक प्रवेश परीक्षा की माँग करते आए हैं। इस घोषणा के साथ, कर्नाटक की चिकित्सा शिक्षा क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार होने की उम्मीद है, जिसका असर आने वाले शैक्षणिक सत्र से दिखना शुरू हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

122 सीटों का यह आवंटन निस्संदेह कर्नाटक के लिए एक प्रशासनिक जीत है, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस का असली एजेंडा नीट विवाद पर केंद्र को घेरना था। मंत्री पाटिल ने CBI जाँच पर अविश्वास और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की माँग के साथ जो राजनीतिक तेवर दिखाए, वे राज्य-केंद्र के बीच चिकित्सा शिक्षा के ढाँचे पर गहरे मतभेद को उजागर करते हैं। यह देखना ज़रूरी होगा कि नई सीटों के लिए आवंटित ₹1,090 करोड़ का उपयोग कब तक और किस गुणवत्ता के बुनियादी ढाँचे में होता है — क्योंकि सीटें बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना दो अलग चुनौतियाँ हैं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक को कितनी अतिरिक्त मेडिकल सीटें मिली हैं और कब?
कर्नाटक को 1,122 अतिरिक्त सरकारी मेडिकल सीटें आवंटित की गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 15 मई को इसकी अंतिम मंजूरी दी और मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने 16 मई को बेंगलुरु में इसकी घोषणा की।
इन मेडिकल सीटों के लिए केंद्र सरकार कितना अनुदान देगी?
केंद्र सरकार कुल ₹1,090 करोड़ का अनुदान देगी — UG सीटों के लिए ₹495 करोड़ और PG सीटों के लिए ₹541 करोड़। यह राशि सीधे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आवंटित की जाएगी।
कर्नाटक के किन जिलों को नई मेडिकल सीटों का फायदा होगा?
नई सीटों से कोप्पल, गडग, चामराजनगर, कारवार और कावेरी सहित अन्य जिलों को लाभ मिलेगा। ये वे क्षेत्र हैं जहाँ चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार लंबे समय से ज़रूरी था।
मंत्री पाटिल ने नीट पेपर लीक पर क्या माँगें रखीं?
मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने माँग की कि नीट पेपर लीक के लिए संबंधित केंद्रीय मंत्री इस्तीफा दें और जाँच न्यायालय के निर्देशन में कराई जाए। उन्होंने CBI जाँच पर भी अविश्वास जताया और कहा कि उसकी निगरानी में पारदर्शी जाँच संभव नहीं है।
कर्नाटक CET को नीट के विकल्प के रूप में क्यों प्रस्तावित किया जा रहा है?
मंत्री पाटिल का कहना है कि कर्नाटक की CET नीट से बेहतर और अधिक पारदर्शी मॉडल है, और इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। राज्य सरकार केंद्र से इस पर विचार करने के लिए कई बार आग्रह कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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