मध्य प्रदेश: OBC छात्रों को ₹10,000 मासिक छात्रवृत्ति, गांधी मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी PG सीटें

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मध्य प्रदेश: OBC छात्रों को ₹10,000 मासिक छात्रवृत्ति, गांधी मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी PG सीटें

सारांश

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने एक ही बैठक में कई बड़े फैसले लिए — OBC छात्रों की छात्रवृत्ति साढ़े छह गुना बढ़ाकर ₹10,000 मासिक, गांधी मेडिकल कॉलेज में बोन मैरो यूनिट, और ₹26,800 करोड़ की विकास योजना। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में लिए गए ये निर्णय शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे तीनों मोर्चों पर एक साथ बदलाव का संकेत देते हैं।

Key Takeaways

  • मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 28 अप्रैल 2026 को OBC छात्रों की मासिक छात्रवृत्ति ₹1,550 से बढ़ाकर ₹10,000 करने की मंजूरी दी।
  • प्रतिवर्ष 100 नए छात्रों को लाभ मिलेगा — UG और PG में बराबर-बराबर।
  • गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल को PG सीटें बढ़ाने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए ₹80 करोड़ मंजूर।
  • श्याम शाह मेडिकल कॉलेज, रीवा में सुपर स्पेशलिटी विस्तार हेतु ₹175 करोड़ स्वीकृत।
  • PWD को ₹26,311 करोड़2031 तक बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण के लिए।
  • 38,901 आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली के लिए ₹80.41 करोड़ और लखुंदर माइक्रो इरिगेशन के लिए ₹155.82 करोड़ मंजूर।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने 28 अप्रैल 2026 को पिछड़े वर्गों (OBC) के छात्रों के लिए मासिक छात्रवृत्ति में ऐतिहासिक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे OBC छात्रों को अब प्रति माह ₹10,000 की छात्रवृत्ति मिलेगी, जो पहले की ₹1,550 की राशि से करीब साढ़े छह गुना अधिक है। इसी कैबिनेट बैठक में ₹26,800 करोड़ से अधिक की बहुक्षेत्रीय विकास योजना को भी हरी झंडी दी गई।

छात्रवृत्ति योजना की मुख्य बातें

नई व्यवस्था के तहत प्रतिवर्ष 100 नए छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनमें अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स करने वाले छात्रों की संख्या बराबर-बराबर होगी। लाभ पाने के लिए छात्रों को पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप की निर्धारित पात्रता शर्तें और अभिभावकों की आय से संबंधित नियमों को पूरा करना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब उच्च शिक्षा की लागत लगातार बढ़ रही है और पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए दिल्ली जैसे महानगरों में पढ़ाई करना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मिला बड़ा बढ़ावा

भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज को पोस्टग्रेजुएट सीटें बढ़ाने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी विशेष इकाई स्थापित करने के लिए ₹80 करोड़ की मंजूरी दी गई है। वहीं, रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार हेतु ₹175 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों कदमों से राज्य में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।

बुनियादी ढाँचे पर ₹26,311 करोड़ का निवेश

कुल स्वीकृत राशि का सबसे बड़ा हिस्सा — ₹26,311 करोड़लोक निर्माण विभाग (PWD) को आवंटित किया गया है। यह राशि अगले पाँच वर्षों में सड़कों की मरम्मत, डिविजनल कार्यालयों के निर्माण और भूमि अधिग्रहण मुआवजे जैसे कार्यों पर व्यय होगी। सरकार का लक्ष्य 2031 तक राज्य के बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाना है।

सिंचाई और आंगनवाड़ी पर भी ध्यान

₹155.82 करोड़ की लागत वाली 'लखुंदर हाई प्रेशर माइक्रो इरिगेशन परियोजना' को भी मंजूरी मिली, जिससे शाजापुर और उज्जैन जिलों के 24 गाँवों में 9,200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के 38,901 आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ₹80.41 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, ताकि बच्चों को पंखे, कूलर और स्मार्ट शिक्षण सामग्री जैसी सुविधाएँ मिल सकें। ये निर्णय मध्य प्रदेश सरकार की ग्रामीण और सामाजिक विकास के प्रति प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हैं।

Point of View

550 से ₹10,000 करना संख्या में प्रभावशाली लगता है, लेकिन असली सवाल यह है कि प्रतिवर्ष केवल 100 सीटें क्या मध्य प्रदेश के लाखों OBC छात्रों की ज़रूरतों के सामने पर्याप्त हैं। ₹26,311 करोड़ का PWD आवंटन पाँच वर्षों में फैला है, यानी सालाना करीब ₹5,262 करोड़ — एक बड़े राज्य के लिए यह आँकड़ा तब तक सीमित रहेगा जब तक क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता न हो। गांधी मेडिकल कॉलेज में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी विशेष सुविधाएँ स्वागत योग्य हैं, पर ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए प्राथमिक देखभाल पर निवेश की तुलना में यह कदम शहरी-केंद्रित नज़र आता है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

मध्य प्रदेश में OBC छात्रों को नई छात्रवृत्ति कितनी मिलेगी?
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने दिल्ली में उच्च शिक्षा ले रहे OBC छात्रों की मासिक छात्रवृत्ति ₹1,550 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी है। यह वृद्धि 28 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर की गई।
इस छात्रवृत्ति का लाभ कितने छात्रों को मिलेगा और पात्रता क्या है?
प्रतिवर्ष 100 नए छात्रों को इसका लाभ मिलेगा, जिनमें UG और PG छात्र बराबर-बराबर होंगे। छात्रों को पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप की निर्धारित पात्रता और अभिभावकों की आय संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।
गांधी मेडिकल कॉलेज में क्या बदलाव होंगे?
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज को PG सीटें बढ़ाने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित करने के लिए ₹80 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार के लिए ₹175 करोड़ स्वीकृत हुए हैं।
लखुंदर माइक्रो इरिगेशन परियोजना से किसे फायदा होगा?
₹155.82 करोड़ की लखुंदर हाई प्रेशर माइक्रो इरिगेशन परियोजना से शाजापुर और उज्जैन जिलों के 24 गाँवों में 9,200 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे इन जिलों के किसानों को सीधा लाभ होगा।
MP कैबिनेट ने बुनियादी ढाँचे के लिए कितनी राशि मंजूर की?
कैबिनेट ने PWD को ₹26,311 करोड़ की राशि मंजूर की है, जो 2031 तक सड़क मरम्मत, कार्यालय निर्माण और भूमि अधिग्रहण मुआवजे पर खर्च होगी। यह मध्य प्रदेश के बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण की दिशा में राज्य सरकार का पाँच वर्षीय रोडमैप है।
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