4 अगस्त 2026
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कर्नाटक कैबिनेट ने ₹600 करोड़ की अल्पसंख्यक विकास योजना को मंजूरी दी, दावणगेरे उपचुनाव विवाद के बीच उठे सवाल

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कर्नाटक कैबिनेट ने ₹600 करोड़ की अल्पसंख्यक विकास योजना को मंजूरी दी, दावणगेरे उपचुनाव विवाद के बीच उठे सवाल

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने ₹600 करोड़ की अल्पसंख्यक विकास योजना को मंजूरी दी — ठीक उस वक्त जब दावणगेरे उपचुनाव में मुस्लिम उम्मीदवार न उतारने पर समुदाय में नाराज़गी चरम पर है। सरकार इसे पुरानी प्रक्रिया बता रही है, लेकिन टाइमिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मुख्य बातें

कर्नाटक कैबिनेट ने 30 अप्रैल 2026 को अल्पसंख्यक बस्तियों के लिए ₹600 करोड़ की दो वर्षीय विकास योजना को मंजूरी दी।
दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में मुस्लिम उम्मीदवार न उतारने पर अल्पसंख्यक समुदाय में कांग्रेस के प्रति नाराज़गी के बीच यह फैसला आया।
रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के बच्चों को ₹8,600 मूल्य की शैक्षिक किट वितरण हेतु ₹115.84 करोड़ मंजूर किए गए।
जीबीए बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को प्रशासनिक मंजूरी, ₹18,133 करोड़ का फंड तय; रामनगर तालुक के नौ गांवों में 7,481 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित।
बिदर-बेंगलुरु और कलबुर्गी-बेंगलुरु हवाई सेवाओं के लिए ₹28.7 करोड़ सालाना सब्सिडी मंजूर।
सौजन्या बलात्कार और हत्या मामले पर मंत्री पाटिल ने कहा — सुप्रीम कोर्ट के माँगने पर विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 30 अप्रैल 2026 को अल्पसंख्यक बस्तियों में विकास कार्यों के लिए अगले दो वर्षों हेतु ₹600 करोड़ की योजना को मंजूरी दी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट न देने के विरोध में अल्पसंख्यक समुदाय में कांग्रेस के प्रति नाराज़गी बढ़ रही थी। विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने गुरुवार शाम कैबिनेट बैठक के बाद यह जानकारी दी।

मुख्य घटनाक्रम

कैबिनेट ने ₹600 करोड़ की अल्पसंख्यक विकास योजना के साथ-साथ बेलगावी उपायुक्त कार्यालय भवन के निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹20 करोड़ जारी करने का भी फैसला किया। गौरतलब है कि यह एक्शन प्लान पिछले दो वर्षों से लंबित था और अब इसे आगे बढ़ाया गया है।

मंत्री पाटिल ने स्पष्ट किया कि जो परियोजनाएँ अधूरी हैं, उन्हें अगले वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जाएगा और जिन प्रोजेक्ट्स में धनराशि की कमी है, उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार की प्रतिक्रिया

जब मंत्री पाटिल से पूछा गया कि क्या यह योजना उपचुनाव के दबाव में लाई गई है, तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक टाइमिंग को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। कर्नाटक में अल्पसंख्यक मतदाता कांग्रेस के पारंपरिक आधार का अहम हिस्सा हैं, और 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले इस आधार में दरार सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है। असली परीक्षा यह है कि ₹600 करोड़ ज़मीन पर कितने काम में आते हैं — या यह भी पिछले अटके प्रोजेक्ट्स की तरह अगले दो साल बाद फिर 'लंबित' रह जाते हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक सरकार की ₹600 करोड़ की अल्पसंख्यक विकास योजना क्या है?
यह कर्नाटक कांग्रेस सरकार द्वारा 30 अप्रैल 2026 को मंजूर की गई दो वर्षीय योजना है, जिसके तहत अल्पसंख्यक बस्तियों में विकास कार्य किए जाएंगे। यह योजना पिछले दो वर्षों से लंबित थी और अब इसे कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
दावणगेरे उपचुनाव विवाद और इस योजना का क्या संबंध है?
कांग्रेस ने दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट देने की माँग ठुकरा दी थी, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में पार्टी के प्रति नाराज़गी बढ़ी। आलोचकों का कहना है कि इसी नाराज़गी को शांत करने के लिए यह योजना अभी मंजूर की गई, हालाँकि सरकार ने इस संबंध को नकारा है।
जीबीए बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट क्या है और किसानों को क्या मिलेगा?
जीबीए बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट बेंगलुरु दक्षिण जिले के रामनगर तालुक के नौ गांवों में लगभग 7,481 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है, जिसके लिए ₹18,133 करोड़ का फंड तय किया गया है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें प्रति एकड़ 9,600 वर्ग फुट विकसित जमीन मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए क्या फैसला लिया गया?
कैबिनेट ने रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के बच्चों को लगभग ₹8,600 मूल्य की शैक्षिक किट वितरित करने को मंजूरी दी है, जिसमें पढ़ाई का सामान और स्कूली किताबें शामिल होंगी। इस पहल के लिए ₹115.84 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।
सौजन्या मामले पर कर्नाटक सरकार का क्या रुख है?
मंत्री एच.के. पाटिल ने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय जानकारी माँगता है, तो सरकार विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेगी। सौजन्या की माँ कुसुमावती ने सुप्रीम कोर्ट में पुनः जाँच की याचिका दायर की है, और सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई व राज्य सरकार को पूरा विवरण देने का निर्देश दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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