कर्नाटक: भाजयुमो नेता वेंकटेश कुरुबारा हत्याकांड में 6 दोषियों को फांसी की सजा, ₹3-3 लाख जुर्माना

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कर्नाटक: भाजयुमो नेता वेंकटेश कुरुबारा हत्याकांड में 6 दोषियों को फांसी की सजा, ₹3-3 लाख जुर्माना

सारांश

गंगावती की अदालत ने भाजयुमो नेता वेंकटेश कुरुबारा की क्रूर हत्या के मामले में 6 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। 2003 की पुरानी रंजिश से उपजी इस साजिश में 83 गवाह, 927 पन्नों का आरोपपत्र और 12 आरोपी शामिल थे — जिनमें से 6 बरी हुए, 6 को मौत।

Key Takeaways

गंगावती अदालत ने 1 मई 2026 को भाजयुमो नेता वेंकटेश कुरुबारा (34) की हत्या में 6 दोषियों को मौत की सजा सुनाई। दोषियों में रवि, विजय, धनराज, भारत, सलीम मोहम्मद रफीक और गंगाधर गौली शामिल हैं; सभी पर ₹3-3 लाख जुर्माना। हत्या 7 अक्टूबर 2025 की रात कोप्पल रोड, गंगावती में तलवारों और लोहे की रॉड से की गई थी। हत्या की जड़ 2003 के पुलिस केस में वेंकटेश की भूमिका से जुड़ी पुरानी रंजिश बताई गई है। अदालत ने 83 गवाहों के बयान दर्ज किए; पुलिस ने 927 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। 6 अन्य आरोपी — कार्तिक, दादापीर, मोहम्मद अल्ताफ, मल्लिकार्जुन, अक्किरोटी शरण और चैत्रा — बरी किए गए।

गंगावती की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेता वेंकटेश कुरुबारा (34) की हत्या के मामले में छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई। न्यायाधीश सदानंद नागप्पा नाइक ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी छह पर ₹3-3 लाख का जुर्माना भी लगाया। 7 अक्टूबर 2025 को हुई इस क्रूर हत्या के बाद उत्तर कर्नाटक के राजनीतिक हलकों में भारी हलचल मची थी।

कौन हैं छह दोषी

अदालत ने जिन छह आरोपियों को मौत की सजा सुनाई, उनकी पहचान रवि, विजय, धनराज, भारत, सलीम मोहम्मद रफीक और गंगाधर गौली के रूप में की गई है। इससे पहले अदालत ने कार्तिक, दादापीर, मोहम्मद अल्ताफ, मल्लिकार्जुन, अक्किरोटी शरण और चैत्रा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। कुल 12 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में 927 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।

हत्या की रात क्या हुआ

घटना 7 अक्टूबर 2025 की रात करीब 2 बजे की है, जब वेंकटेश एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोस्तों के साथ डिनर करके लौट रहे थे। लीलावती अस्पताल के पास कोप्पल रोड पर एक गिरोह ने उनकी बाइक को कार से टक्कर मारी और तलवारों व लोहे की रॉड से बेरहमी से हमला किया। चश्मदीद दोस्त रमू के अनुसार, हमलावरों ने पहले वेंकटेश को धमकाया और पीछा किया, फिर उन पर हमला बोल दिया।

हत्या की जड़ — 2003 का पुराना रंजिश

कोप्पल एसपी आर. एल. अरसिद्धि ने बताया था कि इस हत्या की जड़ 2003 के एक पुलिस केस से जुड़ी है, जिसमें वेंकटेश ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद की थी। इसी कारण मुख्य दोषी रवि उनसे पुरानी रंजिश रखता था। वेंकटेश के पिता हंपन्या जंटाकल ने बताया कि रवि ने 2024 में व्हाट्सएप पर भी उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। डर के चलते वेंकटेश अक्सर जगह बदलकर दोस्तों के साथ रहते थे।

अदालती कार्यवाही और सुरक्षा व्यवस्था

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 83 गवाहों के बयान दर्ज किए। सरकारी अभियोजक नागलक्ष्मी ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। फैसले के दिन गंगावती कोर्ट परिसर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और सभी छह दोषियों को दो अलग-अलग वाहनों में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। बताया जाता है कि घटना की रात आरोपी बेंगलुरु भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन टायर फटने के कारण उन्हें कार छोड़नी पड़ी और वे पकड़े गए।

आगे क्या होगा

मौत की सजा पाए दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प उपलब्ध है। यह मामला उत्तर कर्नाटक में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस को केंद्र में ला देता है। गौरतलब है कि गंगावती नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज इस केस में त्वरित सुनवाई और कठोर सजा को न्याय व्यवस्था की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।

Point of View

फिर भी वे डर के कारण जगह-जगह छिपते रहे — यह पुलिस सुरक्षा तंत्र की विफलता को उजागर करता है। कर्नाटक में राजनीतिक हिंसा की यह कड़ी नई नहीं है; राज्य में पिछले एक दशक में दर्जनों कार्यकर्ता हत्याएँ हो चुकी हैं। फांसी की सजा सुर्खियाँ बनाती है, लेकिन रोकथाम की व्यवस्था बनाना अभी भी अधूरा एजेंडा है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

वेंकटेश कुरुबारा कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
वेंकटेश कुरुबारा उत्तर कर्नाटक के गंगावती शहर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के 34 वर्षीय नेता थे। 7 अक्टूबर 2025 की रात करीब 2 बजे एक गिरोह ने कोप्पल रोड पर उनकी बाइक को कार से टक्कर मारकर तलवारों और लोहे की रॉड से उनकी हत्या कर दी।
गंगावती अदालत ने किन 6 लोगों को फांसी की सजा सुनाई?
न्यायाधीश सदानंद नागप्पा नाइक ने रवि, विजय, धनराज, भारत, सलीम मोहम्मद रफीक और गंगाधर गौली को मौत की सजा सुनाई। इन सभी पर ₹3-3 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस हत्या की वजह क्या बताई गई है?
कोप्पल एसपी आर. एल. अरसिद्धि के अनुसार, हत्या की जड़ 2003 के एक पुलिस केस से जुड़ी पुरानी रंजिश है, जिसमें वेंकटेश ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद की थी। मुख्य दोषी रवि इसी कारण वेंकटेश से रंजिश रखता था और 2024 में व्हाट्सएप पर भी धमकी दे चुका था।
इस मामले में कितने आरोपी थे और कितने बरी हुए?
पुलिस ने कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर 927 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने 6 को मौत की सजा सुनाई, जबकि कार्तिक, दादापीर, मोहम्मद अल्ताफ, मल्लिकार्जुन, अक्किरोटी शरण और चैत्रा को बरी कर दिया गया।
दोषी अब उच्च न्यायालय में अपील कर सकते हैं?
हाँ, भारतीय कानून के तहत मौत की सजा पाए दोषियों के पास कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपील का अधिकार है। इसके अलावा उच्च न्यायालय द्वारा मौत की सजा की पुष्टि अनिवार्य होती है।
Nation Press