ट्रंप ने अली अल-जैदी को इराक का PM नामित होने पर दी बधाई, अमेरिका-इराक संबंधों में 'नए अध्याय' की उम्मीद

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ट्रंप ने अली अल-जैदी को इराक का PM नामित होने पर दी बधाई, अमेरिका-इराक संबंधों में 'नए अध्याय' की उम्मीद

सारांश

ट्रंप की बधाई महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह अमेरिकी दबाव की जीत का ऐलान था। जनवरी में मलिकी को लेकर दी गई धमकी ने इराक की राजनीति को पलट दिया और अली अल-जैदी का रास्ता साफ किया। अब सवाल यह है कि क्या जैदी ईरान और अमेरिका के बीच संतुलन साध पाएंगे।

Key Takeaways

डोनाल्ड ट्रंप ने 1 मई 2026 को ट्रुथ सोशल पर अली अल-जैदी को इराक का PM नामित होने पर बधाई दी। इराक के राष्ट्रपति निजार अमेदे ने 27 अप्रैल को जैदी को नई सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा। ट्रंप ने जनवरी में चेतावनी दी थी कि मलिकी के सत्ता में आने पर इराक का अमेरिकी समर्थन बंद कर देंगे। मलिकी और कार्यवाहक PM मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अपनी उम्मीदवारी वापस ली। जैदी को समन्वय ढांचे — मुख्य शिया गठबंधन — का समर्थन प्राप्त है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 मई 2026 को अली अल-जैदी को इराक के अगले प्रधानमंत्री के रूप में नामित किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में दोनों देशों के बीच एक "अभूतपूर्व नए अध्याय" की शुरुआत का ज़िक्र किया, जिसे व्हाइट हाउस के आधिकारिक एक्स हैंडल रैपिड रिस्पॉन्स 47 ने साझा किया।

ट्रंप का संदेश और उम्मीदें

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, "अली अल-जैदी को इराक के अगले प्रधानमंत्री के रूप में नामित किए जाने पर हार्दिक बधाई! हम उनके प्रयासों की सफलता की कामना करते हैं, क्योंकि वे आतंकवाद से मुक्त एक नई सरकार का गठन करेंगे जो इराक के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित कर सकेगी।" उन्होंने आगे कहा कि यह दोनों राष्ट्रों के बीच समृद्धि, स्थिरता और अभूतपूर्व सफलता का दौर होगा।

अली अल-जैदी का नामांकन कैसे हुआ

इराक के नव निर्वाचित राष्ट्रपति निजार अमेदे ने 27 अप्रैल को व्यवसायी अली अल-जैदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया। जैदी को देश के मुख्य शिया गठबंधन — समन्वय ढांचे — का समर्थन प्राप्त था, जो ईरान से विभिन्न संबंधों वाले शिया गुटों का एक व्यापक गठबंधन है। राष्ट्रपति अमेदे ने उन्हें नई सरकार बनाने का औपचारिक जिम्मा सौंपा।

ट्रंप के अल्टीमेटम ने बदली तस्वीर

गौरतलब है कि इससे पहले समन्वय ढांचे ने दो बार के पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन जनवरी में राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि ईरान से घनिष्ठ संबंध रखने वाले मलिकी सत्ता में वापस आते हैं, तो वे इराक को सभी प्रकार का अमेरिकी समर्थन रोक देंगे। यह ऐसे समय में आया जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने उच्च स्तर पर था।

मलिकी और सुदानी ने वापस ली उम्मीदवारी

सोमवार को समन्वय ढांचे ने मलिकी और कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी द्वारा अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के "ऐतिहासिक और जिम्मेदार रुख" की प्रशंसा की। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम ट्रंप के दबाव और इराक की आंतरिक राजनीतिक पुनर्संरचना दोनों का परिणाम है।

आगे क्या होगा

अब अली अल-जैदी के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसी गठबंधन सरकार बनाना है जो शिया, सुन्नी और कुर्द समूहों को एकजुट रख सके और साथ ही अमेरिका तथा ईरान दोनों के साथ संतुलन साधे। ट्रंप की बधाई इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन जैदी के नेतृत्व को लेकर आशावादी है, लेकिन इराक की जटिल भू-राजनीतिक वास्तविकता में यह राह आसान नहीं होगी।

Point of View

NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

अली अल-जैदी कौन हैं और उन्हें इराक का PM क्यों नामित किया गया?
अली अल-जैदी एक इराकी व्यवसायी हैं जिन्हें इराक के मुख्य शिया गठबंधन — समन्वय ढांचे — का समर्थन प्राप्त होने के बाद 27 अप्रैल को राष्ट्रपति निजार अमेदे ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया। उनके नामांकन ने मलिकी और सुदानी की उम्मीदवारियों की जगह ली।
ट्रंप ने इराक को लेकर क्या अल्टीमेटम दिया था?
जनवरी 2026 में राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान से घनिष्ठ संबंध रखने वाले पूर्व PM नूरी अल-मलिकी सत्ता में वापस आते हैं, तो अमेरिका इराक को सभी प्रकार का समर्थन रोक देगा। इस दबाव के बाद मलिकी ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।
इराक में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया क्या है?
इराक में सबसे बड़े संसदीय गुट के उम्मीदवार को राष्ट्रपति नई सरकार बनाने का जिम्मा सौंपते हैं। अली अल-जैदी को अब एक गठबंधन सरकार बनानी होगी जिसमें शिया, सुन्नी और कुर्द समूहों का प्रतिनिधित्व हो।
समन्वय ढांचा क्या है और इसकी भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
समन्वय ढांचा ईरान से विभिन्न संबंधों वाले शिया गुटों का एक व्यापक गठबंधन है जो इराक की संसद में सबसे बड़ा राजनीतिक ब्लॉक है। इसके समर्थन के बिना कोई भी उम्मीदवार प्रधानमंत्री नहीं बन सकता, इसलिए जैदी को मिला इसका समर्थन निर्णायक है।
अमेरिका-इराक संबंधों पर इस नामांकन का क्या असर होगा?
ट्रंप ने इसे दोनों देशों के बीच 'अभूतपूर्व नए अध्याय' की शुरुआत बताया है। विश्लेषकों के अनुसार, जैदी के नामांकन से अल्पकालिक रूप से अमेरिका-इराक संबंध बेहतर हो सकते हैं, लेकिन ईरान समर्थित गुटों के साथ संतुलन बनाए रखना जैदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौती होगी।
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